Bhakti

कुंती के कितने पुत्र थे Kunti ke kitne Putra the in Hindi

 हाय फ्रेंड्स आप लोग का हमारे वेबसाइट पर बहुत-बहुत स्वागत है आज का हमारा पोस्ट परीक्षा और हिंदू धर्म ने अक्सर पूछे जाने वाला प्रश्न है की कुंती के कितने पुत्र थे। परंतु कुछ लोगों को फाइनली ये नहीं पता होता है की कुंती के कितने पुत्र थे अतः यदि आप पूरी तरह से जानना चाहते हैं की कुंती के कितने पुत्र थे तो आप हमारे पोस्ट पर बने रहें क्योंकि इस आर्टिकल में मैं आप लोगों को पूरा डिटेल में बताऊंगा की कुंती के कितने पुत्र थे और वह किस तरह से हुए थे तथा कुंती का विवाह किसके साथ हुआ था विवाह के पहले कितने पुत्र हुए और विवाह के बाद कितने पुत्र हुए इन सारे सवालों का रहस्य जानने के लिए हमारे पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। क्योंकि आज हम महाभारत से जुड़ी एक ऐसा प्रश्न का उत्तर देने जा रहे हैं जो बहुत ही महत्वपूर्ण और रहस्यमई है जिसकी जानकारी बहुत कम ही लोगों को होती है।

कुंती के कितने पुत्र थे Kunti ke kitne Putra the in Hindi 

आज हम कुंती के पुत्रों के बारे में बात करेंगे क्योंकि कुंती का महाभारत में एक अहम पात्र है। कुंती महाराज पांडु की धर्मपत्नी थी जो धृतराष्ट्र के बड़े भाई कहलाते हैं अर्थात महाराज पांडु और धृतराष्ट्र दोनों सगे भाई हैं। पांडू बड़ा होने के कारण हस्तिनापुर के राजा थे। कुंती श्री कृष्ण की बुआ थी। कुंती के मुख्य रूप से 4 पुत्र थे।
  • कर्ण karn
  • युधिषठिर yudhisthir
  • भीमसेन bhimsen
  • अर्जुन arjun
एक बार की बात है जब कुंती अविवाहित थी उस समय महर्षि वेदव्यास उनके घर आए कुंती ने महर्षि का बहुत ही सेवा सत्कार और आदर किया जिससे वेदव्यास प्रसन्न होकर कुंती को एक वरदान दिया कि आप जब भी सूर्य देव का स्मरण करेंगे तो वह आपके सामने होंगे उसने एक मंत्र दीया जिसके द्वारा सूर्य देव को बुलाया जा सकता था। कुंती के बाल्यावस्था थी जिसके कारण उसने सोचा क्यों ना इस मंत्र का उपयोग करके एक जांच किया जाए कि यह सत्य है अथवा आसत्य ।यह सोचकर उसने सुबह उठकर स्नान किया और सूर्य देव को जल चढ़ाकर उनका स्मरण करके मंत्र का जाप किया। अतः कुछ ही समय पश्चात सूर्य देव कुंती के सामने आकर खड़े हो गए। सूर्य देव का तेज और चमक देखकर कुंती की आंखें चकाचौंध हो गई और वह बहुत डर गई। अतः सूर्यदेव ने कहा देवी बताओ आपको क्या चाहिए कुंती ने कुछ भी लेने से इंकार कर दिया परंतु सूर्यदेव ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दे दिया था। अतः कुंती को एक पुत्र दिया जिसका नाम कर्ण था। शादी ना होने के कारण कुंती अपनी लज्जा के डर से उस बच्चे को एक बक्से में बंद करके नदी में डाल दिया वह बक्सा बहने लगा और आगे घाट पर एक व्यक्ति को प्राप्त हुआ जिसने करण का पालन पोषण किया। इस प्रकार से कर्ण का जन्म हुआ।
तथा हस्तिनापुर नरेश पांडू से कुंती का विवाह हुआ जिसके पश्चात 3 पुत्र युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन का जन्म हुआ। इस तरह से कुंती के 4 पुत्र माने जाते हैं।

मद्री के कितने पुत्र थे Madri ke kitne Putra the

हस्तिनापुर नरेश महाराज पांडु के दो पत्नियां थी जिनमें पहली पत्नी का नाम कुंती तथा दूसरी का नाम माद्री था। पांडु के साथ माद्री का गंधर्व विवाह हुआ था। माद्री और पांडू जंगल में एक दूसरे के प्रति मोहित हो जाने के कारण जंगल में ही गंधर्व विवाह संपन्न हुआ था। दोनों के विवाह के पश्चात माद्री ने दो पुत्रों को जन्म दिया था जिनका नाम निम्नलिखित है।
  • नकुल
  • सहदेव
इन दोनों पुत्रों का जन्म देने के पश्चात माद्री की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु होने के ठीक पहले माद्री ने कुंती से कुछ वचन मांगे थे। माद्री ने कुंती से कहा था कि हमारे दोनों पुत्रों को अपने पुत्रों के समान सम्मान और प्यार देंगी। और महाराज पांडु का संपूर्ण ध्यान रखेंगी। तत्पश्चात माद्री की मृत्यु हो गई थी।

पांडव किसे कहा जाता है Pandav kise kaha jata hai

यह जानने के पश्चात की कुंती के सिर्फ 4 पुत्र थे तो आखिर पांडव कौन थे जिसे पांच पांडवों के नाम से जाना जाता है जो पांच भाइयों के नाम से प्रसिद्ध है तथा प्रत्येक प्रश्न पर पांच पांडव का नाम आता है अता मैं आपको उन सभी भाइयों के नाम बताऊंगा जिन्हें पांच पांडव कहा जाता है। कर्ण का जन्म कुंती की विवाह से पूर्व हुआ था इसलिए करण को पांडु का पुत्र नहीं माना जाता है। इसलिए पांडु के होने वाले सिर्फ 5 पुत्र थे जिन्हें पांच पांडव के नाम से जाना जाता है उन पांचों पुत्रों में से 3 पुत्र पांडु और कुंती के हैं तथा 2 पुत्र पांडु और माद्री के है। अतः पांडू के इन पांचों पुत्रों को पांच पांडव कहा जाता है।

गांधारी के कितने पुत्र थे Gandhari ke kitne Putra the

महाभारत में गांधारी एक मुख्य पात्र थी। जो धृतराष्ट्र की पत्नी कहलाती है। गांधारी गांधार नरेश “सुबल” की पुत्री है। इसका विवाह नेत्रहीन धृतराष्ट्र से कर दिया जाता है जिसकी गांधारी को पहले से पता नहीं था परंतु विवाह के पश्चात जब उन्हें पता चलता है कि उनका पति नेत्रहीन है तो वह अपने घर पर पट्टी बांध लेती हैं क्योंकि वह एक पतिव्रता स्त्री थी इसलिए उसने सोचा जब हमारा पति इस संसार को तथा अनेक प्रकार के सुख को देख नहीं सकता है तो हमारा पतिव्रत धर्म यही है कि हमें अपनी आंखों पर भी पट्टी बांध लेनी चाहिए और अपने पति का अनुकरण करना चाहिए। परंतु गांधारी के कितने पुत्र थे क्या आप जाना चाहेंगे यह एक बहुत ही आश्चर्यजनक बात है क्योंकि गांधारी सौ पुत्रों तथा एक पुत्री की मां कहलाती है अर्थात कुल मिलाकर गांधारी 101 बच्चों की मां थी आइए जानते हैं की गांधारी 101 बच्चों की मां कैसे बनी।

गांधारी 101 पुत्रों की मां कैसे बनी Gandhari 101 putron ki man kaise Bani

एक बार की बात है जब वेदव्यास गांधारी के घर उपस्थित हुए। गांधारी ने महर्षि वेदव्यास का बहुत ही आदर सत्कार किया अतः गांधारी के सेवा से प्रसन्न होकर महर्षि वेदव्यास ने गांधारी को वरदान मांगने को कहा। गांधारी ने कहा कि मुझे अपने पति के समान बलशाली सौ पुत्र चाहिए। अतः वेदव्यास ने तथास्तु कह दिया और वहां से चले गए । उसके बाद गांधारी गर्भवती हुई परंतु 2 साल तक बीत गए जब उसके गर्भ  से एक भी पुत्र का जन्म नहीं हुआ तो वह अत्यंत घबरा गई क्योंकि बच्चे का जन्म सिर्फ 9 महीने बाद ही होता है। अतः वह घबराकर अपने गर्व को गिरा दिया। महर्षि वेदव्यास ने अपनी दिव्य दृष्टि के द्वारा सब देख कर गांधारी के पास पहुंच गए और बोले गंधारी तुमने यह क्या किया। तत्पश्चात वेदव्यास ने उस मांस के टुकड़े को सौ भागो में काटकर विभक्त कर दिया तथा उसे अलग-अलग घी के कुंड में डाल दिया। 1 वर्ष पश्चात वह प्रत्येक टुकड़े पुत्र के रूप में परिवर्तित हो गए। इस प्रकार से 100 पुत्र और एक पुत्री का जन्म हुआ। जिसका नाम दुसशला था।

गांधारी के पुत्रों के नाम Gandhari ke Putra ke naam

गांधारी के 100 पुत्र थे या बात बहुत कम लोग जानते हैं परंतु हमारा ऊपर का पोस्ट पढ़ने पर आप लोगों को यह पता लग गया होगा की गांधारी के सौ पुत्रों का जन्म जिस प्रकार से हुआ परंतु उन पुत्रों के नाम कौन-कौन से हैं। सौ पुत्रों के सही नाम किसी को भी नहीं पता है क्योंकि शास्त्रों में भी सौ पुत्रों के नामों का वर्णन नहीं किया गया है अतः मैं आप लोगों को सब पुत्रों में से कुछ पुत्रों के नाम बताऊंगा जो निम्नलिखित है।
  1. दुर्योधन
  2.  दु:शासन
  3.  दुस्सह
  4.  दु:शल 
  5.  जलसन्ध
  6.  सम
  7.  सह
  8. विन्द
  9. अनुविन्द
  10. दुर्धर्ष 
  11. सुबाह 
  12. दु़ष्ट्रधर्षण
  13.  दुर्मर्षण
  14.  दुर्मुख 
  15. दुष्कर्ण 
  16.  कर्ण 
  17. विविशन्ति
  18.  विकर्ण 
  19. शल 
  20.  सत्त्व 
  21. सुलोचन 
  22.  चित्र
  23.   उपचित्र
  24.  चित्राक्ष
  25.  चारुचित्रशारानन
  26.   दुर्मद
  27.   दुरिगाह
  28.  विवित्सु
  29.  विकटानन
  30.  ऊर्णनाभ 
  31. सुनाभ 
  32.  नन्द
  33.   उपनन्द 
  34.  चित्रबाण
  35.   चित्रवर्मा 
  36. सुवर्मा
  37. दुर्विरोचन
  38. अयोबाहु 
  39. चित्राङ्ग 
  40. चित्रकुण्डल 
  41. भीमवेग
  42.  भीमबल 
  43. बलाकि 
  44. बलवर्धन
  45.  उग्रायुध 
  46. सुषेण 
  47.  कुण्डोदर 
  48. महोदर
  49.  चित्रायुध
  50.  निषङ्गी
  51.  पाशी 
  52. वृन्दारक
  53.   दृढवर्मा
  54.   दृढक्षत्र 
  55.  सोमकीर्ति
  56.  अनूर्दर
  57.  दृढसन्ध 
  58. जरासन्ध 
  59. सत्यसन्ध
  60. सदस्सुवाक्
  61.  उग्रश्रव
  62.  उग्रसेन 

प्रश्न 1-कुंती के कितने बेटे थे?

उत्तर-कुंती के चार बेटे थे जिनके नाम करण दुर्योधन भीम और अर्जुन था।

प्रश्न 2-कुंती के कितने पति थे?

उत्तर-कुंती के सिर्फ एक पति थे जिनका नाम पांडु था।

प्रश्न 3-कुंती के प्रथम पुत्र का क्या नाम था?

उत्तर-कुंती के प्रथम पुत्र का नाम करण था। कर्ण का जन्म कुंती के विवाह के पहले ही हुआ था।

प्रश्न 4-कुंती और राजा पांडु के कितने पुत्र थे?

उत्तर-कुंती और राजा पांडु के 3 पुत्र थे जिनके नाम युधिष्ठिर भीम और अर्जुन है।

प्रश्न 5-धृतराष्ट्र के कितने पुत्र थे?

उत्तर-धृतराष्ट्र के 100 पुत्र थे तथा एक पुत्री थी।

प्रश्न 6-माद्री के कितने पुत्र थे?

उत्तर-माद्री के 2 पुत्र थे जिनके नाम नकुल और सहदेव थे।

प्रश्न 7-कुंती और माद्री के कितने पुत्र थे?

उत्तर-कुंती के 4 पुत्र तथा माद्री के 2 पुत्र थे। इस तरह से कुल मिलाकर कुंती और माद्री के 6 पुत्र थे। उनके नाम करण ,दुर्योधन, भीम ,अर्जुन नकुल और सहदेव है।

प्रश्न 8-पांडु के कितने पुत्र थे?

उत्तर-हस्तिनापुर नरेश पांडू के 5 पुत्र थे जिनके नाम युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव है।

प्रश्न 9-कुंती के पिता का क्या नाम था?

उत्तर-कुंती के पिता का नाम राजा शूरसेन था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button