Social

कृषक समाज से आप क्या समझते हैं तथा कृषक समाज की क्या विशेषताएं होती हैं (what is the forming society krishak samaj ki visheshtaen)

 कृषक समाज से आप क्या समझते हैं तथा कृषक समाज की क्या विशेषताएं हैं (what is the farming society and this value in my society)

नमस्कार दोस्तों आप लोगों का हमारे वेबसाइट पर बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आज के लेख में हम कृषक समाज के बारे में जानेंगे जिसका हमारे जीवन में बहुत ही महत्व होता है। क्योंकि हम कितने भी ऊंचे पद को प्राप्त कर लें या कितने भी धनवान क्यों ना हो जाए हमारा जीवन एक कृषि करने वाले व्यक्ति के ऊपर ही निर्भर होता है अतः दोस्तों आप लोगों से हमारा विनम्र निवेदन है की कृषक को एक ऊंची नजर से देखना चाहिए जिससे कृषक समाज भी अपने गरीबी से ऊपर उठकर एक अच्छा जीवन जीने के लिए सक्षम हो सके। कृषक अथवा किसान का जीवन बहुत ही कठिनाइयों तथा चुनौतियों से भरा हुआ होता है अतः कृषक का जीवन जीने के लिए बहुत ही मुसीबतों का सामना करना पड़ता है और खास करके गरीबी का क्योंकि आज के जमाने में जिस हिसाब से महंगाई बढ़ती जा रही है उसी हिसाब से कृषक के उपज की रेट नहीं बढ़ रही है जिसके कारण किसान गरीबी के दलदल में धंसता चला जाता है।

कृषक समाज क्या होता है। (What is the forming society)

कृषक समाज एक ऐसा समाज है जो अधिकतर ग्रामीण इलाके में पाया जाता है। यह समाज एक नीचे स्तर में जीवन जीने वाला समाज होता है क्योंकि इनके पास उतने पर्याप्त मात्रा में धन एकत्र नहीं हो पाता है जिसके द्वारा यह अपने हर एक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सकें। कृषक समाज के लोग अपना जीवन यापन करने के लिए खेती करते हैं तथा अपने खेतों में अनाज ,सब्जी, फल आदि उगा कर बेचते हैं। जिसके द्वारा इनका जीवन यापन होता है। कृषक समाज के लोग अधिकतर पालतू जानवरों को भी रखते हैं जिसके द्वारा इनको कुछ अलग से पैसे का व्यवस्था हो सके और खेत के लिए गोबर की खाद भी एकत्र हो सके। कृषक समाज के लोग अधिकतर गाय ,भैंस ,भेड़, बकरी आदि का पालन करते हैं जिसके द्वारा उनको दूध भी मिल जाता है जिसे बेचकर कुछ अलग से पैसे कमा लेते हैं और इनके गोबर से बनी हुई खाद को खेत में डालते हैं जिसके कारण पैदावार में वृद्धि होती है।

आधुनिक युग में कृषक समाज की परिस्थिति (farmer society situation in modern time)

 अब आप लोग यह जानेंगे की हमारे आधुनिक समय में कृषक समाज की क्या परिस्थिति है तथा वह किस सिचुएशन में अपना जीवन गुजार रहे हैं। दोस्तों कृषक समाज एक ऐसा समाज है जो पुराने जमाने से लेकर आज तक अपने जीवन जीने के तरीके और रीति रिवाज में ज्यादा परिवर्तन नहीं किया है। और इनकी परिस्थिति में भी कोई खास सुधार नहीं हो पाया है क्योंकि हम किसान के परिवार से ताल्लुक रखते हैं इसलिए हमें एक किसान की परिस्थिति का ज्ञान अच्छी तरह से होता है। दोस्तों किसान की परिस्थिति एक गरीब जीवन की होती है क्योंकि किसान के पास उतना पर्याप्त धन इकट्ठा नहीं हो पाता है इसके कारण वह अपनी हर जरूरतों को पूरा कर सकें। किसान का जीवन बहुत ही संघर्ष पूर्ण होता है वह अपने सिर्फ जो बहुत ही महत्वपूर्ण सामान की आवश्यकता होती है उन्हीं को पूरा करने में समर्थ हो पाते हैं। किसान के पास इतना पर्याप्त पैसा नहीं होता है की वह अपने बच्चों को एक अच्छी शिक्षा दिला सके की उनके बच्चे आगे चलकर कुछ बड़ा काम कर सकें अतः उनका परंपरागत जीवन गरीबी में ही व्यतीत होता रहता है और खेतों में काम कर कर के उनका समय व्यतीत हो जाता है।

हमारे जीवन में एक कृषक का महत्व क्या होता है (value of a farmer in my life)

 हमारे जीवन में कृषक का बहुत ही महत्व है क्योंकि हम कितने भी पैसे वाले क्यों ना हो जाए पर हम पैसे खाकर जीवित नहीं रह सकते हमें अनाज खाना ही पड़ता है। और अनाज उगाने का कार्य किसान का होता है। अतः हमारा जीवन किसी ना किसी रूप में एक कृषक से जुड़ा हुआ होता है हम और हमारा जीवन कृषक के ऊपर ही निर्भर हुआ होता है। 1 मिनट के लिए आप अगर सोचे की सारे किसान अगर अनाज गाना बंद कर दे तो हम क्या कर सकते हैं हमारा जीवन यापन कैसे होगा। अतः हमें किसान का आदर करना चाहिए उनका सम्मान करना चाहिए क्योंकि किसान ही हमारा जीवन चलाने का एक साधन है और हमारा अन्नदाता है।

कृषक समाज की प्रमुख विशेषताएं (krishak samaj ki Pramukh visheshtaen)

कृषक समाज की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्न प्रकार से हैं जिससे हम कुछ हेडिंग के द्वारा आगे समझेंगे जिससे आप को समझने में आसानी हो सके

1-निम्नआर्थिक स्थिति (low incoming situation)

 कृषक समाज की आर्थिक स्थिति बहुत ही निम्न होती है कृषक समाज का जीवन गरीबी में ही व्यतीत होता है वह अपने आर्थिक स्तर को बढ़ाने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। इनको दिन रात खेतों में काम करना पड़ता है और उसके बदले में इनको अनाज मिलता है और अनाज का भाव कम होने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति ऊपर नहीं उठ पाती है इसलिए इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि इनका जीवन यापन गरीबी में ही होता है।

2-एक विशिष्ट संस्कृति(specific culture)

कृषक वर्ग की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि इनकी अपनी एक संस्कृति होती है जो यह बहुत ही दृढ़ता के साथ पालन करते हैं। इनका जीवन ग्रामीण इलाके में एक परंपरागत परिस्थिति और संस्कृति में होता है जिससे इनकी अपनी एक पूर्वजों के द्वारा बनाई गई संस्कृति होती है जिनका कृषक समाज बहुत ही दृढ़ता के साथ पालन करते हैं।

3-औद्योगिक समाज से भिन्न होते हैं(different city society)

 कृषक समाज का जीवन औद्योगिक समाज के जीवन से बिल्कुल अलग होता है क्योंकि कृषक समाज में कोई व्यक्ति बहुत पढ़ा लिखा नहीं होता है और ना ही कोई ज्यादा पढ़ा-लिखा होने की जरूरत होती है क्योंकि यदि पिता किसान है तो वह अपने पिता के कार्य के द्वारा ही उसे सारी सीख मिल जाती है जिसके द्वारा वह खेती करने में सक्षम हो जाता है । और औद्योगिक समाज में पढ़ाई की अत्यधिक आवश्यकता होती है क्योंकि इसमें हर कार्य आधुनिक तरीके से होती है जिसका ज्ञान बिना पढ़ाई के नहीं हो सकता है । अतः आप को अच्छी तरह से यह समझ में आ गया होगा कि कृषक समाज औद्योगिक समाज से बिल्कुल भिन्न है अलग है।

4-एकजुट समाज (United society)

 कृषक समाज में आपने देखा होगा की काफी मात्रा में एकता पाई जाती है। जो कि अन्य समाज में उतना नहीं पाई जाती आपने देखा होगा की ग्रामीण इलाके में जब किसी के घर पर कोई भी खुशी का माहौल वह कोई शादी विवाह का कार्यक्रम होता है तो सारे गांव के लोग उसका मदद करने के लिए आगे आते हैं और उस परिवार का कार्यक्रम समुचित ढंग से संपन्न हो जाता है। जो एकता ग्रामीण किसानों में पाई जाती है वह एकता सभी समाज में नहीं पाई जाती है। आपने देखा होगा नगरीय क्षेत्रों में शादी विवाह अथवा अन्य पार्टी कार्यक्रम में पैसों के द्वारा ही सारा कुछ संपन्न कराया जाता है। बिना पैसे के कोई भी आदमी आपकी मदद करने के लिए आगे नहीं आता है जो आपको कृषक समाज से बिल्कुल भिन्न दिखाई देने को मिलता है।

5-कृषि मुख्य व्यवसाय(agriculter is main occupation)

कृषक समाज के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती ही होता है जिनके कारण इन्हें कृषक समाज के नाम से जाना जाता है। इनके पास अन्य व्यवसाय भी कृषि से जुड़े हुए ही होते हैं। जैसे पशुपालन, डेरी फार्म आदि तमाम ऐसे कार्य होते हैं जो खेती से जुड़े हुए होते हैं। पशुपालन से ही दूध का उत्पादन होता है के कारण डेरी फार्म का व्यवसाय संभव होता है। खेतों के द्वारा ही पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था हो पाती है। अतः कृषक समाज अधिकतर कृषि पर ही निर्भर होता है।

6-सहयोगी समाज(helpful society)

कृषक समाज के लोगों में सहयोग की भावना कूट-कूट कर भरी हुई होती है। क्योंकि इनका कार्य बिना एक दूसरे के सहयोग के नहीं हो पाता है क्योंकि इनके पास इतना पर्याप्त धन नहीं होता है की सभी कार्य के लिए मजदूर को किराए पर बुला सके अतः वह एक दूसरे की मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

7-अशिक्षित समाज(uneducated society)

कृषक समाज के लोग अधिकतर अशिक्षित होते हैं क्योंकि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की उचित व्यवस्था भी नहीं होती है और ना ही उनके पास इतना पर्याप्त धन एकत्र हो पाता है कि कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला सके। अतः बच्चे काम करने लायक हो जाते हैं तभी से वह खेती का काम संभालने लग जाते हैं जिसके कारण अधिकतर लोग अशिक्षित पाए जाते हैं।

 8-सरल जीवन (simple life)

कृषक समाज के लोगों का जीवन बहुत ही साधारण तरीके से व्यतीत होता है क्योंकि इनके पास पर्याप्त धन ना होने के कारण यह ज्यादा स्मार्ट तरीके से जीवन नहीं जी पाते हैं। इनके लिए बस दो कपड़े और चार रोटी की व्यवस्था हो जाए बस इतना ही बहुत है। कृषक समाज के लोगों को चाऊमीन ,पिज्जा, बर्गर, टिक्की गोलगप्पे इत्यादि खाने का कोई शौक नहीं होता है। रहने के लिए भी इनको कोई खास मकान की जरूरत नहीं होती बस एक घर होना चाहिए जहां पर खाना बनने का और सोने की व्यवस्था हो सके। आने जाने के लिए एक साइकिल अथवा मोटर साइकिल ही होता है।

9-स्त्रियों की निम्न स्थिति (low status of women)

कृषक समाज के लोगों में स्त्रियों को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है। क्योंकि यह एक अशिक्षित समाज होने के कारण स्त्रियों को भी अशिक्षित ही रहना पड़ता है अतः इन्हें घर पर रहना खाना बनाना और खेतों में भी काम करना पड़ता है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है की पुरुष इनसे जबरदस्ती खेतों का काम कराते हैं बल्कि स्त्रियां बड़े ही शौक से अपने पति के साथ खेतों में कार्य करने के लिए तत्पर रहती है क्योंकि उनका संपूर्ण आजीविका का साधन खेती ही होता है। अतः उन्हें खेतों का काम करना एक आदत सी बन जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button