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जनसंचार से आप क्या समझते हैं, जनसंचार की परिभाषा jansanchar ki paribhasha Kya hai.in Hindi.

 जनसंचार से आप क्या समझते हैं, जनसंचार की परिभाषा jansanchar ki paribhasha Kya hai.in Hindi.

नमस्कार दोस्तों, हमारे वेबसाइट पर आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आज का हमारा आर्टिकल जनसंचार क्या है इसके बारे में हम विस्तृत चर्चा करने वाले हैं क्योंकि जनसंचार दो शब्दों से मिलकर बना है पहला “जन” जिसका अर्थ होता है लोग जो “मनुष्य” तथा दूसरा “संचार” है इसका अर्थ होता है “फैलना” अतः लोगों तक कोई भी सूचना फैलाने को जनसंचार कहा जाता है आजकल के युग में जनसंचार काफी ज्यादा तीव्र गति से बढ़ रहा है। जिन देशों में जनसंचाााार अत्यधिक सुलभ होता हैै वे देश विकसित देशों कीी तुलना मैं होते हैं। जनसंचार करने के लिए जिन वस्तुओं का उपयोग किया जाता है उन्हें जनसंचार के माध्यम कहा जाता है, जैसे –टीवी न्यूज़पेपर, रेडियो ,इंटरनेट ,मोबाइल इत्यादि जनसंचार के माध्यम कहलाते हैं। जनसंचार से जुड़े हुए अनेक प्रश्नों जैसे जनसंचार का अर्थ क्या होता है। जन संचार की परिभाषा, जनसंचार कितने प्रकार के होते हैं ।जनसंचार के माध्यम क्या है इत्यादि प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए हमारे पोस्ट पर बने रहे तथा पोस्ट को ध्यान से पढ़ें तभी आपको पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। आजकल के जीवन में जनसंचार प्रत्येक लोगों का एक आदत बन चुका है क्योंकि आजकल के लोग बिना टीवी ,मोबाइल, इंटरनेट, कंप्यूटर इत्यादि सामग्रियों के बिना जीवित रहना असंभव समझते हैं तथा जीवन जीना बहुत कठिन होने लग जाता है।

जनसंचार का अर्थ meaning of jansanchar

जनसंचार को संधि विच्छेद किया जाए तो यह 2 शब्दों में विभक्त हो जाता है पहला जन जिसका अर्थ है लोग या मनुष्य भीड़ भाड़ या मनुष्य की भारी संख्या। दूसरा शब्द है संचार जोकि संस्कृत के “चर” धातु से बना है। संचार शब्द का अर्थ होता है फैलना या प्रचार प्रसार। अर्थात जब हमारे विचार या कोई भी बात जो की अमूर्त होती है उसे अनेक माध्यम जैसे न्यूज़पेपर टीवी मोबाइल कंप्यूटर के जरिए एक दूसरे तक पहुंचाया जाता है तो उसे जनसंचार कहा जाता है। जनसंचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम एक दूसरे के विचारों का तथा कहां पर क्या हो रहा है कौन सी दुर्घटना होने वाली है इत्यादि सभी बातों का पता लग जाता है इसलिए आजकल जनसंचार लोगों के मस्तिष्क में पूर्ण रूप से स्थान ग्रहण कर चुका है अतः प्रत्येक घर में टीवी मोबाइल इंटरनेट कंप्यूटर इत्यादि सामग्रियां हर समय उपलब्ध होती है।

जनसंचार की परिभाषा definition of jansanchar

एक ऐसी अमूर्त और अभैतिक अवधारणा है जो एक दूसरे के पास पहुंच कर उसे प्रभावित करती है उसे जनसंचार कहा जाता है।
साधारण अर्थ में कहें तो जनसंचार के माध्यम से हम एक दूसरे से दूर होते हुए भी एक दूसरे के पास रहते हैं तथा किसी भी कार्य के लिए ज्यादा दौड़-धूप की आवश्यकता नहीं होती है उदाहरण के लिए-यदि आप बाजार जाते हैं और यदि घरवालों को कोई और सामान मंगाने की आवश्यकता होती है तो उसके लिए यदि आपके पास जनसंचार का माध्यम है जैसे मोबाइल टेलीफोन तो आप फोन करके तुरंत यह बता सकते हैं कि इस सामान की जरूरत है और बाजार से सामान आपको लाना है। और यदि आपके पास संचार के माध्यम नहीं है तो आप उस जरूरतमंद सामान को मनाने के लिए दोबारा बाजार जाना पड़ेगा जिसके लिए गाड़ी के खर्चा पेट्रोल का खर्चा इत्यादि दोबारा लगाना पड़ेगा। अतः जनसंचार सिर्फ इतना छोटा शब्द नहीं है बल्कि इसकी कई रूप होते हैं आइए जानते हैं जनसंचार के कितने अंग होते हैं।

जनसंचार के माध्यमों के प्रकार types of mass media

आइए जानते हैं जनसंचार के कौन कौन से माध्यम है जिनके द्वारा लोगों तक कोई भी जानकारी पहुंचाई जाती है। हमारे समाज में जनसंचार लोगों की एक आदत बन चुकी है जिनके द्वारा जीवन असंभव समझा जाता है अतः जनसंचार को कई रूपों में देखा जाता है। क्योंकि जनसंचार सिर्फ न्यूज़ नहीं बल्कि लोगों के विचारों का आदान प्रदान तथा अनेक प्रकार के गुणों का भी आदान-प्रदान किया जाता है। जनसंचार के माध्यमों को मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त किया गया है जो निम्नलिखित है।
  1. मुद्रित माध्यम print media
  2. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम electronic media

1-मुद्रित माध्यम print media

जनसंचार के लिए मुद्रित माध्यम हमारे परंपरागत माध्यम है। क्योंकि मुद्रित माध्यम के अंतर्गत समाचार पत्र अनेक प्रकार की किताबें तथा पोस्टर और पत्र के रूप में हमारे विचारों और सूचनाओं का आदान प्रदान करते है।जो लिखित तथा प्रिंट के द्वारा हम एक दूसरे तक सूचना पहुंचाते है उसे जनसंचार का मुद्रित माध्यम कहा जाता है।जनसंचार के मुद्रित माध्यमों के बारे में कुछ जानकारी निम्नलिखित है।
अखबार news paper
भारत में संचार का साधन में अखबार का प्रथम स्थान है। भारत में अखबार पढ़ने का प्रचलन बहुत ही पुराने समय से है।विश्व में पहली प्रिंटिंग प्रेस जर्मनी में स्थापित हुई थी।आज भी भारत में अधिकतर लोग अखबार पढ़ना पसंद करते है।कुछ लोगों की तो आदत बन गई है ।वे प्रतिदिन अखबार को पढ़ते रहते है,क्योंकि अखबार में सिर्फ जरूरी सूचना ही नहीं बल्कि अनेक तरह के मनोरंजन वाली बाते भी होते है जिन्हें पढ़कर लोग बड़े ही प्रसन्न होते है।
किताबे books
बहुत लोग किताब पढ़ने के बहुत शौकीन होते है।अतः वे जब भी कोई खाली समय पाते है तो वे अक्सर कोई किताब लेकर पढ़ने लग जाते है। उन किताबों के द्वारा उन्हें एक दूसरे के ज्ञान और
विचार को ग्रहण करते है।कई तरह की मनोरंजन वाली किताबे तथा कहानी की किताबे आती है जिसके द्वारा हमारे ज्ञान में विकाश होता है।
पोस्टर 
पोस्टर का उपयोग आज के जमाने में बहुत ज्यादा हो रहा है क्योंकि छोटे मोटे बिज़नेस वाले लोग टेलीविज़न पर प्रचार नहीं करवा सकते है क्योंकि इसके लिए काफी ज्यादा खर्च उठाना पड़ रहा है,इसलिए उन लोगों के लिए पोस्टर का सिस्टम काफी ज्यादा अच्छा रहता है,क्योंकि यह कम खर्च में जो जाता है।इसलिए पोस्टर का उपयोग विज्ञापन के अधिकतर किया जाता है।अतः अपने product का विज्ञापन करने के लिए सस्ता और टिकाऊ व्यवस्था पोस्टर ही है।

इलेक्ट्रॉनिक माध्यमelectronic medium

जनसंचार की आधुनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम बहुत तेजी से फैल रहा है। जिसके बारे में अनेक उदाहरण आप लोग देख सकते हैं जैसे टेलीविजन इंटरनेट मोबाइल व्हाट्सएप मैसेंजर फेसबुक आदि तमाम ऐसे साधन है जिनके द्वारा एक दूसरे के विचार आपस में बड़ी ही आसानी से पहुंच जाते हैं। आधुनिक युग को इलेक्ट्रॉनिक का युग भी कहा जाता है क्योंकि आजकल के मनुष्य पूर्ण रूप से इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों पर ही पूर्ण रूप से आश्रित होते हैं। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि अगर 4 दिन आपके पास मोबाइल ना हो तो आप कैसे रह पाएंगे और अपने कार्यों को करने में कितनी परेशानी होगी यह आप अनुमान लगाकर जान सकते हैं अतः आजकल के जीवन में जनसंचार के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम बहुत तेजी से फैला हुआ है अतः कौन-कौन से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम है जिनके जरिए जनसंचार बहुत ही सुलभ और आसान हो गया है आइए जानते हैं।
टेलीविजन
आधुनिक युग में टेलीविजन प्रतीक घर में पाया जाता है, जिसके द्वारा देश और विदेश के समाचार और खबरें घर बैठे बड़ी आसानी से सचित्र जानकारी मिल जाती है। टेलीविजन पर सिर्फ समाचार ही नहीं बल्कि अनेक प्रकार के मनोरंजन नाटक फिल्म गाने इत्यादि भी प्रसारित किए जाते हैं जिनके द्वारा लोग घर बैठे अपने जीवन यापन को अत्यंत सुलभ और सरल बनाने में सक्षम हो गए हैं। टेलीविजन में अनेक सूचनाओं के साथ-साथ उन में सचित्र जानकारी दी जाती है जिससे लोगों के अंदर जान प्रकाशित होता है और देश विदेश के प्रत्येक जगह का स्थान के बारे में पूर्ण जानकारी हो जाती है।
Social media
आपने सोशल मीडिया का नाम सुना होगा सोशल मीडिया में कोई भी संवाददाता अथवा वीडियोग्राफी वाला बंदा नहीं होता है। बल्कि सोशल मीडिया के जरिए हमारे समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति देश विदेश से एक दूसरे से जुड़ जाते हैं जिसके जरिए वह अपने विचारों को और सूचनाओं को एक दूसरे तक पहुंचाने में सक्षम हो पाते हैं। अतः आजकल आप लोगों ने देखा होगा कि सोशल मीडिया में छोटी छोटी बातें भी आ जाते हैं अतः सोशल मीडिया के कई अंग होते हैं जिनमें व्हाट्सएप मैसेंजर फेसबुक इत्यादि कई अप्लीकेशन होते हैं जिनके जरिए लोग एक दूसरे से जुड़ जाते हैं और अपने विचारों का और सूचनाओं का आदान-प्रदान बड़ी ही आसानी ढंग से किया जा सकता है।
रेडियो
वैसे तो रेडियो की संख्या धीरे-धीरे बहुत कम होती जा रही है परंतु रेडियो एक ऐसा जनसंचार का साधन है जिसके द्वारा आप देश विदेश की अनेक जानकारियां प्रसारित की जाती है परंतु इनमें सिर्फ आवाज ही सुन सकते हैं इसमें सचित्र जानकारी नहीं होती है। अतः धीरे-धीरे रेडियो का प्रचलन बहुत कम होते जा रहा है। परंतु रेडियो कम से कम दाम में अधिक से अधिक कार्य करने वाला साधन है।
Computer
आजकल के युग में कंप्यूटर हमारे समाज में बहुत ही प्रभावी रूप से व्याप्त हो चुका है, क्योंकि कंप्यूटर में हमें हर प्रकार की जानकारी को ऐड कर सकते हैं तथा उसे फीड कर सकते हैं। अतः कंप्यूटर सबसे ज्यादा प्रभावशाली माना गया है। जन संचार के साधनों में कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण स्थान है जो आधुनिक युग में प्रत्येक पहलू में हमें देखने को मिलता है तथा हमारे कार्य को भी अत्यंत आसान बनाने में सक्षम है।
इंटरनेट internet
जन संचार के साधनों में आधुनिक युग में इंटरनेट का बहुत ज्यादा ही कमाल दिखाई दे रहा है क्योंकि आजकल तो इंटरनेट प्रत्येक लोग के घर में और जेल में होता है जिसके द्वारा जनसंचार बहुत ही आसान हो गया है। 1 मिनट में आप जिसे चाहे जो सूचना दे सकते हैं। इंटरनेट के जरिए विज्ञापन बहुत अत्यधिक आसान हो गया है अतः किसी भी प्रोडक्ट का विज्ञापन इंटरनेट के जरिए बड़ी ही आसानी से 1 लोगों तक पहुंच जाता है। इंटरनेट के द्वारा ही ईमेल अनेक प्रकार की वेबसाइटें व्हाट्सएप फेसबुक मैसेंजर इत्यादि साधन इंटरनेट के द्वारा ही प्रचलित होते हैं यदि इंटरनेट ना हो तो यह सही संसाधन बेकार हैं अतः आधुनिक युग में इंटरनेट का काफी महत्वपूर्ण स्थान है।

जनसंचार के लाभ benefits of mass communication

जनसंचार का सुलभ होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि जिस देश में जनसंचार की सुविधा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होती है वह देश की तुलना विकसित देशों में की जाती है। भारत में जनसंचार की व्यवस्था सुलभ हो चुकी है परंतु अभी इसकी तुलना विकसित देशों में नहीं की जाती है परंतु कुछ दिनों पश्चात कुछ आर्थिक समस्याएं सुधरने के पश्चात भारत की तुलना विकसित देशों में की जा सकती है अतः भारत अभी विकासशील देश है।जनसंचार से हमें क्या क्या लाभ प्राप्त होते हैं आइए जानते हैं।
  • नसंचार से समय की अत्यधिक बचत होती है।
  • जनसंचार के माध्यम की सुलभ व्यवस्था के कारण जनसंख्या वृद्धि को कम किया जा सकता है।
  • जनसंचार के द्वारा सभी कार्यों में बड़ी ही सरलता और सुगमता हो गई है।
  • जनसंचार के द्वारा आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के बारे में पहले ही जानकारी दी जाती है जिससे सब लोग अलर्ट हो जाते हैं।
  • जनसंचार के द्वारा लोगों का मनोरंजन किया जाता है।
  • जनसंचार के माध्यम से हमें कई प्रकार के सामान देश विदेश से बड़ी ही आसानी से प्राप्त हो जाते हैं।
  • जनसंचार के द्वारा हम अपने द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट का प्रचार प्रसार बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं।
  • जनसंचार के द्वारा घर के प्रत्येक व्यक्ति अलग-अलग होते हुए भी एक जगह पर एकत्र होते हैं तथा एक दूसरे से बातचीत करते रहते हैं।
  • जनसंचार के माध्यम से कोई भी सरकारी योजना को लांच करने के बाद उसका प्रचार प्रसार करना बड़ा ही आसान होता है जिसके जरिए पटते व्यक्ति तक उस योजना की जानकारी दी जाती है।
  • जनसंचार के माध्यम से अनपढ़ और गवार व्यक्ति भी देश विदेश के बारे में और जानकारी प्राप्त कर सकता है।
  • जनसंचार के माध्यम से दबे हुए कलाकार को ऊपर उठने का मौका मिलता है और वह अपने कला का प्रदर्शन करके संपूर्ण इस समय ख्याति प्राप्त करते हैं।
  • जनसंचार के माध्यम से अनेक प्रकार की जानकारी को रिकॉर्ड किया जा सकता है जिसे समय पड़ने पर उसकी जानकारी उचित ढंग से प्राप्त की जा सकती है।

जनसंचार के हानि loss of mass communication

जनसंचार से अनेक लाभ होते हुए भी यह हानियों से वंचित नहीं है अतः जनसंचार के लाभ के साथ-साथ इसके अनेक हानियां भी हैं जिन पर नजर डालना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इसके गलत इस्तेमाल के द्वारा अनेक प्रकार की हानियां हो सकती हैं जो निम्नलिखित हैं।
  • आजकल के बच्चे मोबाइल टेलीविजन पर अत्यधिक ध्यान देते हैं जिसके कारण वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते हैं और उनकी भविष्य की जीवन खराब हो जाती है।
  • सोशल मीडिया के द्वारा कोई भी जानकारी डाल देने पर सभी लोग उसे पढ़ लेते हैं और जान जाते हैं परंतु कुछ जानकारी ऐसी होती है जो हम सोशल मीडिया पर नहीं डालना चाहते हैं और गलती से जल जाने के कारण हमें अत्यंत हानि पहुंचाती है।
  • अनेक प्रकार की वेबसाइट ओं के द्वारा दंगे फसाद कराए जाते हैं।
  • व्हाट्सएप फेसबुक परिवारवाद तथा समाजवाद के लिए बहुत ही खतरनाक भी है। इसलिए जब भी सरकार धारा 144 लगाती है तो सबसे पहले इंटरनेट को बंद करती है।
  • अधिक देर तक टीवी मोबाइल तथा कंप्यूटर को देखने से आजकल के लोगों में आंखों पर बहुत ज्यादा साइड इफेक्ट पड़ रहा है जिसके कारण बचपन में ही आंखें कमजोर हो जाती हैं और चश्मा लगाना पड़ जाता है।
  • सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे झूठे दावे किए जाते हैं जिसमें फंसकर बहुत लोग अपना तमाम पैसा और दौलत गवा देते हैं।
  • अनेक प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक जनसंचार के संसाधनों में तमाम पैसे का नुकसान होता है जिससे आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है।

जनसंचार से जुड़े हुए कुछ प्रश्न उत्तर Some questions and answers related to mass communication

आजकल जन संचार के साधनों के नाम तो सब लोग जानते होंगे पर इससे जुड़े हुए कुछ प्रश्न हैं जिनके उत्तर बहुत कम ही लोग जानते होंगे आता है जनसंचार से जुड़े हुए कुछ मुख्य प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए हमारे पोस्ट को पूरा पढ़ें क्योंकि इन प्रश्नों को अधिकतर विद्यार्थियों की जरूरत होती है क्योंकि परीक्षाओं में तथा कंपटीशन अधिकतर प्रश्न पूछा जाता है अतः यदि आप उन प्रश्नों के उत्तर जानते हैं तो आपको शाबाशी दी जाती है और अच्छे नंबर प्राप्त होते हैं और यह आप इनके उत्तर नहीं जानते हैं तो आप जान सकते हैं आपको क्या मिलेगा। आइए जानते हैं उन प्रश्नोत्तर के बारे में जो निम्नलिखित हैं।

प्रश्न-1-जनसंचार का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?

उत्तर-जनसंचार का शाब्दिक अर्थ होता है एक दूसरे तक किसी भी सूचना अथवा विचारों को पहुंचाना या प्रचार करना। अतः संपूर्ण शब्दों में यह कहा जा सकता है कि किसी भी बात का प्रचार करना तथा सूचना देना जनसंचार कहलाता है।

प्रश्न -2-अखबार के प्रथम संपादक कौन थे?

उत्तर-अखबार मैं सरस्वती पत्रिका सबसे प्रथम अखबार थी जिसका संपादक का नाम श्यामसुंदर दास जी थे।

प्रश्न 3-सबसे पहली प्रिंटिंग प्रेस कहां पर बनाई गई थी?

उत्तर-सबसे पहली प्रिंटिंग प्रेस जर्मनी में बनाई गई थी।

प्रश्न4-टेलीविजन का आविष्कार किसने किया?

उत्तर-टेलीविजन का आविष्कार जॉन लोगी बेयर्ड ने किया।

प्रश्न 5-भारत में सबसे पहले टेलीविजन किस सन में आया था?

उत्तर-भारत में सबसे पहला टेलीविजन 1959 में दिल्ली में आया था।

प्रश्न 6-मोबाइल बनाने वाली सबसे पहली कंपनी का क्या नाम है?

उत्तर-मोबाइल बनाने वाली पहली कंपनी का नाम मोटरोला matrola है।

प्रश्न 7-कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था?

उत्तर-कम्प्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज charls babesj ने किया था। इसलिए उन्हें कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।

प्रश्न 8-फेसबुक के मालिक का क्या नाम है?

उत्तर-फेसबुक के मालिक का नाम मार्क जुकरबर्ग mark Zuckerberg है।

प्रश्न 9-गूगल के मालिक कौन है?

उत्तर-गूगल के मालिक का नाम लैरी पेज lairy pej व सर्गी ब्रिन sarge brin है।

प्रश्न 10-www का पूरा नाम क्या है?

उत्तर-www का पूरा नाम warld waid web है जिसे हिंदी में विश्वव्यापी वेब भी कहा जाता है।

प्रश्न 11-रेडियो का आविष्कार किसने किया था।

उत्तर-रेडियो का आविष्कार गुलिएलमो मारकोनी gullylamo markoni ने किया था।

प्रश्न 12-मोबाइल का आविष्कार किसने किया था?

उत्तर-मोबाइल का आविष्कार मार्टिन कपूर ने किया था।

प्रश्न 13-मोबाइल का आविष्कार किस सन में हुआ था?

उत्तर-मोबाइल का आविष्कार 1970 में हुआ था।

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