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जीवनी और आत्मकथा में अंतर Jivani aur aatmkatha mein antar in Hindi.rstbox

जीवनी और आत्मकथा में अंतर Jivani aur aatmkatha mein antar in Hindi.rstbox

नमस्कार दोस्तों ,कैसे हैं आप लोग आशा करता हूं अच्छे होंगे, आज के आर्टिकल में हम हिंदी साहित्य से एक प्रश्न लेकर आए हैं जो जीवनी और आत्मकथा के अंतर को प्रदर्शित करेगा। बहुत लोग यह समझते हैं की जीवनी और आत्मकथा में कोई अंतर नहीं होता परंतु जीवनी और आत्मकथा में कई अंतर होते हैं। अतः आज के पोस्ट में हम विद्यार्थियों(student)के लिए बहुत ही सटीक और पूरी जानकारी लेकर इस पोस्ट में उपस्थित हुए हैं। अतः जीवनी और आत्मकथा में अंतर को समझने के लिए हमारे पोस्ट को बिना skip करते हुए पूरा पढ़ें तभी आपको समझ में आएगा की आत्मकथा क्या है और जीवनी क्या है तत्पश्चात आपको यह भी समझ में आ जाएगा कि दोनों में कौन-कौन से अंतर होते हैं। अता एक-एक करके समझ लेते हैं की जीवनी क्या है और आत्मकथा क्या है।

जीवनी किसे कहते हैं jivani kise kahate Hain

जीवनी हिंदी गद्य साहित्य से लिया गया शब्द है जो एक विशिष्ट व्यक्ति अथवा महापुरुष के जीवन की संपूर्ण वृतांत अथवा कहानी को दर्शाता है। जब कोई लेखक किसी विशेष व्यक्ति अथवा महापुरुष के जीवन की संपूर्ण कहानी लिखित रूप में गद्य साहित्य में लिखता है तो वह जीवनी कहलाता है। एक कवि अनेक जीवनी लिख सकता है यदि उसे कई महापुरुष या कोई विशेष व्यक्ति के बारे में मैं उसके संपूर्ण जीवन के बारे में जानकारी है तो वह कई जीवनी लिखने में सक्षम होता है।

आत्मकथा किसे कहते हैं aatmkatha kise kahate Hain

आत्मकथा 2 शब्दों से मिलकर बना है पहला शब्द है आत्म जिसका अर्थ होता है अपनी या अपना और दूसरा शब्द है कथा जिसका अर्थ होता है कहानी य वृत्तांत। अर्थात आत्मकथा शब्द का अर्थ है अपनी कहानी।
जब कोई कवि अपने जीवन की संपूर्ण कहानी गद्य के रूप में लिखकर प्रकाशित करता है तो वह आत्मकथा कहलाता है।एक कवि सिर्फ अपने जीवन से जुड़ी हुई कहानी लििख सकता है। क्योंकि आत्मकथा में सिर्फ अपनी जीवन की कहानी का वर्णन किया जाता है। अता आत्मकथा और जीवनी में बहुत बड़ा अंतर है आइए जानते हैं कौन कौन से अंतर है।

जीवनी और आत्मकथा में मुख्य अंतर jivani aur aatmkatha mein mukhya antar

  • जीवनी में कवि एक विशिष्ट व्यक्तियों किसी महापुरुष के जीवन की संपूर्ण वृतांत को दर्शाता है जबकि आत्मकथा में कवि अपने जीवन के संपूर्ण वृतांत को दर्शाता है।
  • एक कवि कई जीवनी लिखने में सक्षम हो सकता है परंतु एक कवि सिर्फ अपने जीवन की आत्मकथा लिखने में सक्षम है।
  • जीवनी में कवि के द्वारा कोई त्रुटि हो सकती है क्योंकि वह अन्य व्यक्ति के जीवन की संपूर्ण जानकारी लिख रहा है। जब की आत्मकथा में कोई त्रुटि नहीं हो सकती क्योंकि कवि अपने जीवन की कहानी को लिखता है जो उसे संपूर्ण जानकारी होती है।
  • जीवनी लिखने के लिए कवि को किसी विशिष्ट महापुरुष को चुनना होता है तथा उसके बारे में संपूर्ण जानकारी एकत्र करनी होती है परंतु आत्मकथा में स्वयं के जीवन की घटनाएं का वर्णन करना होता है इसलिए सिर्फ अपने जीवन की घटनाओं को स्मरण करना पड़ता है।
  • जीवनी लिखने का आशय किसी विशिष्ट व्यक्ति के जीवन की कामयाब होने की तथा विशेष घटनाओं का वर्णन होता है। परंतु आत्मकथा में स्वयं के गलानी दुख प्रसन्नता परेशानी और उस परेशानी से उबरने के लिए साहस आदि का वर्णन बहुत ही सुचारू ढंग से किया जाता है।
  • जीवनी लिखने का मुख्य उद्देश्य किसी विशिष्ट व्यक्ति अथवा महापुरुष के जीवन के बारे में सूचित करना है जब की आत्मकथा का उद्देश्य स्वयं के जीवन के बारे में लोगों को सूचित करना होता है। जिससे पाठक को कुछ प्रेरणा मिल सके।
  • जीवनी कोई विशिष्ट व्यक्ति या महापुरुष के मृत्यु हो जाने के पश्चात उसके जीवन का संपूर्ण इतिहास लिखा जाता है जब की आत्मकथा एक जीवित व्यक्ति या लेखक अपनी जीवन की कहानी को लिखता है

जीवनी के उदाहरण jeevni ke udaharan

जैसा की आप लोगों ने हमारे ऊपर की पोस्ट में यह पढ़ा की जीवनी और आत्मकथा में क्या अंतर होता है अतः आपको यह समझ में आ गया होगा कि जीवनी एक विशिष्ट व्यक्ति के जीवन की घटनाओं का वर्णन को दर्शाता है और आत्मकथा कोई भी लेखक अपने जीवन से जुड़ी हुई प्रत्येक घटनाओं का वर्णन करता है। अतः मैं आपको कुछ जीवनी और उनके लेखक के नाम बताऊंगा जिससे आपको पूर्ण रूप से समझ में आएगा कि जीवनी किस तरह से लिखा जाता है और आत्मकथा किस तरह से लिखा जाता है।
  • धर्मवीर गांधी लेखक डॉ संपूर्णानंद
  • चंपारण में महात्मा गांधी लेखक डॉ राजेंद्र प्रसाद
  • बापू के कदमों में लेखक डॉ राजेंद्र प्रसाद
  • कलम का सिपाही लेखक अमृतराय
  • नमक का दरोगा अमृतराय
  • जिन्होंने जीवन जाना लेखक श्री जगदीश चंद्र माथुर
  • जिन्होंने जीवन जाना लेखक श्री धर्मानंद कोसांबी
हमने आपको कुछ जीवनी के नाम बताए हैं जिनके द्वारा आप समझ सकते हैं कि जीवनी किस तरह लिखा जाता है।

आत्मकथा के उदाहरण aatmkatha ke udaharan

आज का हमारा पोस्ट आत्मकथा से और जीवनी से जुड़ा हुआ है अतः हमने आपको कुछ जीवनी के नाम बताए हैं उसी तरह मैं आपको कुछ आत्मकथा और उनके लेखकों के नाम बताऊंगा जिसके द्वारा आप को पूर्ण रूप से समझ में आ जाएगा की जीवनी और आत्मकथा में क्या अंतर होता है आत्मकथा मैं लेखक स्वयं के जीवन का संपूर्ण वृतांत और घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन करता है इसे आत्मकथा कहा जाता है। आत्मकथा लिखने वाले को आत्मकथा कार कहा जाता है। कुछ आत्मकथा के नाम और उनके लेखक के नाम निम्नलिखित हैं उन्हें आप अवश्य पढ़ें।
  • मेरी असफलताएं लेखक गुलाब राय
  • मेरी आत्मा कहानी लेखक डॉ श्याम सुंदर दास
  • मेरा जीवन प्रवाह लेखक वियोग हरि
  • बूक्लेश्वर की डायरी लेखक रामकुमार विद्यार्थी
  • शांति पथ का पथिक लेखक पृथ्वी सिंह आजाद
  • क्या भूलूं क्या याद करूं लेखक श्री हरिवंश राय बच्चन
  • नीड़ का निर्माण लेखक श्री हरिवंश राय बच्चन
  • अपनी धरती के लोग लेखक रामविलास शर्मा
  • एक अंतहीन तलाश लेखक कन्हैयालाल नंदन

आत्मकथा और संस्मरण में क्या अंतर है aatm Katha aur Sansmarn mein kya antar hai

  • आत्मकथा मैं लेखक स्वयं के जीवन की संपूर्ण घटनाओं का विस्तृत वर्णन करता है जबकि संस्मरण में लेखक अपने जीवन की एक विशिष्ट घटना का वर्णन करता है।
  • आत्मकथा का उद्देश्य अपने जीवन के संपूर्ण कहानी को विस्तृत रूप से बताना यह सूचित करना है। ओके संस्मरण का अर्थ एक विशेष घटना से संबंधित होता है जिसके द्वारा लेखक लोगों को एक प्रेरणा देने का प्रयत्न करता है।
  • आत्मकथा एक लेखक सिर्फ अपने जीवन से जुड़ी हुई अपनी ही कहानी लिख सकता है । के संस्मरण एक विशिष्ट घटना को लिखता है जो उसके जीवन में कई घटनाएं घटित होती है तो कई संस्मरण लिखने में सक्षम हो सकता है।
  • संस्मरण शब्द का अर्थ स्मरण से लिया जाता है जबकि आत्मकथा शब्द का अर्थ अपने जीवन की कहानी से लिया जाता है।
  • आत्मकथा का आकार विस्तृत होता है जबकि संस्मरण का आकार कम होता है।

निष्कर्ष conclusion

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के पश्चात हम इसके साथ पहुंचे हैं कि जीवनी और आत्मकथा में बहुत अंतर होता है जिसे हमने ऊपर के पोस्ट में जानकारी हासिल की। जीवनी एक विशिष्ट व्यक्ति के जीवन की संपूर्ण घटनाओं का वर्णन किया जाता है जो कोई भी लेखक कर सकता है परंतु आत्मकथा में लेखक अपने जीवन की समस्त घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन करता है। हमने इस पोस्ट में कुछ आत्मकथा और जीवनी के नाम पड़े हैं जिनके द्वारा पूर्ण रूप से समझ में आ जाता है की जीवनी और आत्मकथा क्या है।

प्रश्न 1-धर्मवीर गांधी किस विधा की रचना है?

उत्तर-धर्मवीर गांधी एक जीवनी विधा की रचना है क्योंकि इसमें गांधी जी के जीवन की वर्णन की गई है।

प्रश्न 2-जीवनी की परिभाषा लिखिए?

उत्तर-किसी विशिष्ट व्यक्ति अथवा महापुरुष के जीवन की संपूर्ण घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण जीवनी कहलाता है।

प्रश्न 3-आत्मकथा की परिभाषा लिखिए?

उत्तर-लेखक जब अपने संपूर्ण जीवन की संपूर्ण कहानी का वर्णन लिखित रूप में तथा गद्य साहित्य में करता है तो उसे आत्मकथा कहा जाता है।

प्रश्न 4-संस्मरण का क्या अर्थ है?

उत्तर-संस्मरण का अर्थ स्मरण होता है जो लेखक अपने जीवन से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण घटना जिसके द्वारा कुछ प्रेरणा मिल रही हो उसका वर्णन करता है तो उसे संस्मरण कहा जाता है।

प्रश्न 5-आत्मकथा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर-आत्मकथा का मुख्य उद्देश्य अपने जीवन के समस्त घटनाओं के बारे में लिखित रूप में लोगों को बताना या दर्शाना है।

प्रश्न 6-संस्मरण का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

उत्तर-संस्मरण का मुख्य उद्देश्य किसी कार्य के बारे में प्रेरणा देना है क्योंकि संस्मरण में लेखक अपने जीवन की मुख्य स्मृति अथवा याद का वर्णन करता है जो उसके जीवन में घटित हुई हो।

प्रश्न 7-कुछ महत्वपूर्ण आत्मकथा ओं के नाम बताइए?

उत्तर-कुछ महत्वपूर्ण आत्मकथा में जैसे क्या भूलूं क्या याद करूं, मेरी असफलताएं ओखलेश्वर की डायरी आदि है।
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इस पोस्ट में हमने अपने जानकारी के मुताबिक तथा किताबों में किए गए अध्ययन के द्वारा आर्टिकल लिखा है यदि इसमें कोई त्रुटि दिखाई देती है तो कमेंट में आप हमें बता सकते हैं मैं जल्द ही अपनी त्रुटियां सुधारने का प्रयत्न करूंगा।


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