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दाद, खाज, खुजली दूर करने के घरेलू नुस्खे (khujale dur karne ke gharelu nukse in Hindi) –

दाद, खाज, खुजली दूर करने के घरेलू नुस्खे (khujale dur karne ke gharelu nukse in Hindi) – 

दाद खाज खुजली एक ऐसी समस्या है,जो अधिकतर गर्मियों और बरसात के महीने में फैलने वाली बीमारी है, गर्मी के कारण skin के ऊपरी हिस्से में छोटे-छोटे reses हो जाते हैं, जिनके कारण इन में खुजली होने लग जाती है और धीरे-धीरे इनका इलाज ना होने के कारण यह एक भयानक दाद का रूप ले लेते हैं ,यह स्किन केेे ऊपरी हिस्से में लाल रंग के गोल गोल चक्ततॆ के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं। जिन्हें दाद कहा जाता है ,दाद में vactiriya होती है जो खुजलाने से हमारे नाखून के जरिए एक दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है, यह बीमारी अधिकतर छूने से फैलता है, क्योंकि दाद में अत्यंत ही भयानक खुजली होती है ,जो बर्दाश्त के बाहर हो जाता है। अतः कुछ घरेलू नुस्खों के द्वारा इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। इनका इलाज आप घर में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के द्वारा हो सकता है जो आपके घर में any time avileval होता है। और बड़ी ही आसानी से दुकान पर या अपने घर के आस-पास ही मिल जाती है। इस पोस्ट में हम आप लोगों को दाद में लगाने वाली  अनेक प्रकार की क्रीम powder साबुन और खुजली टेबलेट के बारे में बताएंगे जिनके इस्तेमाल से आपको बहुत ही लाभ होने वाला है। और आपके दाद खाज खुजली में बहुत ही उपयोगी साबित होता है। जिन लोगों को अंग्रेजी दवा का सेवन पसंद नहीं है ,उनके लिए हम आयुर्वेदिक दवाइयां भी बताएंगे इसलिए आप हमारे पोस्ट को पूरा पढ़ें जिससे आपको कोई जानकारी अधूरी ना रह जाए। 
  1. नीम का पत्ता और नीम का तेल
  2. हल्दी और सरसों का तेल
  3. कपूर और सरसों तेल
  4. तुलसी के पत्ते
  5. नारियल तेल
  6. लहसुन
  7. एलोवेरा
  8. दालचीनी और शहद
  9. करेले का जूस
  10. मुल्तानी मिट्टी और नींबू

1-नीम के पत्ते और नीम का तेल के द्वारा खुजली का उपचार neem leaf and neem oil 

नीम का पेड़ भगवान का दिया हुआ एक वरदान है ,जो अनेक रोगों में कारगर साबित होता है, नीम में  antibacterial गुण पाए जाते हैं। नीम के पत्तों का इस्तेमाल अधिकतर कीटाणु को मारने के लिए या कीटाणु नाशक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। नीम के पत्तों को बारीक पीसकर पेस्ट बना लें ,तथा उनकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर सुखा लें फिर उन्हें दो गोली रोज सुबह शाम पानी के साथ खा लें जिसके कारण हमारे शरीर के अंदर की vactiriya धीरे धीरे कम हो जाएगी और fungal infection में भी राहत मिलेगी, क्योंकि fungal infection में vactiriya के कारण भयंकर खुजली होती है और एक जगह से दूसरी जगह बढ़ने की भी समस्या होती है। नीम के पत्तों की गोलियां खाने के साथ-साथ आपको नीम का तेल खुजली से प्रभावित क्षेत्र में लगाना है ,जिसके कारण आपको बहुत ही लाभ मिलेगा। नीम का तेल आपको कोई भी पतंजलि अथवा आयुर्वेदिक दुकान पर आसानी से प्राप्त हो जाएगा। नीम सिर्फ मनुष्य के लिए हीी नहीं बल्कि पेड़ पौधोंं के लिए भी बहुत लाभदायक सिद्ध होताा है। यदि पेड़ में दीमक लग तो आप नीम के फल को सुखाकर उस को पीसकर जड़ों मे डाल दें, धीरेेेेे-धीरे वह पेड़ स्वस्थ हो जाएगा और दीमक समाप्त हो जाएगा।

हल्दी और सरसों के तेल के द्वारा दाद खाज,खुजली का इलाज(turmric and musturd oil)

हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो फंगल इंफेक्शन के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होते हैं।क्योंकि हल्दी vacteeriya पर काफी असर करता है इसलिए पिसी हुई हल्दी को सरसों के तेल में एक गाढ़ा पेस्ट बना लें और उसे खुजली वाली जगह पर लगा ले कुछ देर उसे लगा रहने ताकि हल्दी का असर vacteeriya पर पूरी तरह हो जाए। ध्यान रहे सरसों का तेल में कोई और मिलावट नहीं होना चाहिए। बेहतर रिजल्ट के लिए आपको दिन में लगभग तीन से चार बार लगाना है।

3-कपूर और सरसों के तेल से खुजली का इलाज camfor and musturd oil 

कपूर एक ऐसी घरेलू सामग्री है ,जो पूजा पाठ में इस्तेमाल किया जाता है ,परंतु बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि इसका खुजली पर बहुत ही अच्छा प्रभाव पड़ता है। कपूर का इस्तेमाल कीटाणुओं को मारने में भी किया जाता है दांत के कीटाणु मारने के लिए अनेक प्रकार के मंजन में कपूर का इस्तेमाल किया जाता है। कपूर अत्यंत ही बढ़िया कीटनाशक के रूप में उपयोग किया जाने वाला पदार्थ है। कपूर को बारीक पीस लें और उसमें सरसों का तेल जो सभी के घर में उपयोग किया जाता है उसे कपूर में मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें उसके बाद उससे खुजली वाली जगह पर लगाएं जिससे आपको 1 हफ्ते के भीतर ही अच्छी रिजल्ट मिलेगी। इसका इस्तेमाल दिन में तीन से चार बार कर सकते हैं।

4-तुलसी के पत्ते से खुजली का इलाज leaf of Tulsi treatment fungal infection

तुलसी को हमारे भारत में माता कहा जाता है यह सामान्यतया हर घर के आंगन में लगाया जाता है। और यह बड़ी आसानी से प्राप्त हो जाता है। गांव में तो पौधा परंतु शहरों में आपको तुलसी के पौधे के लिए काफी परेशानी हो सकती है परंतु आपको यदि जरूरत है तो आस पड़ोस में अपने आसपास रहने वाले लोगों से पता कर सकते हैं।या किसी पार्क में जाकर देख सकते हैं जिससे आपको तुलसी का पौधा कहीं ना कहीं मिल जाएगा। तुलसी के पत्ते को तोड़कर उन्हें अच्छी तरह धोकर उन्हें बारीक पीसकर पेस्ट बना लें तथा इसे इंफेक्शन वाली जगह लगाएं। तुलसी में antigarms काफी मात्रा में पाया जाता है जो हमारे दाद में होने वाले vacteeriya को खत्म करता है।पीसते वक्त ध्यान रहे कि और कोई भी पदार्थ मिक्स नहीं होना चाहिए।बेहतर रिजल्ट पाने के लिए दिन में लगभग चार बार लगाना आवश्यक है।

5-नारियल तेल से दाद खाज खुजली का इलाज coconut oil treatment of fungal infection

नारियल तेल सामान्यतया प्रत्येक घर में इस्तेमाल होता है अगर आपके पास नहीं है तो आप किसी भी किराना स्टोर पर जाकर इसे बड़ी ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, इसमें daber और pairasuets कंपनी अत्यंत बेहतर होती है, जिसे दाद वाली जगह पर लगाने से काफी राहत मिलता है।नारियल का तेल लगाने के साथ-साथ आप नारियल का पानी व नारियल का जूस तथा कच्चे नारियल का भी सेवन कर सकते हैं जिससे body में काफी मात्रा में नमी और ठंडी बनी रहती है जिसके कारण दाद मैं काफी लाभ मिलता है। नारियल के तेल को खुजली वाली जगह पर aplay करें ,क्योंकि नारियल का तासीर काफी ठंडा होता है जिसके कारण दाद और खुजली वाली जगह पर होने वाली जलन से काफी राहत मिलती है। नारियल तेल लगाने से खुजली में काफी आराम मिलता है जिसके कारण दाद बढ़ने की आशंका बहुत कम होती है।

6-लहसुन के द्वारा खुजली का का इलाज treatment of fungal infection with garlic

लहसुन सामान्यतया सभी के घर में इस्तेमाल होने वाला एक मसाला है। लहसुन बहुत ही आसानी से आपको घर में ही प्राप्त हो जाएगा। लहसुन को बारीक पीसकर पेस्ट बना लें और इसे खुजली वाली जगह पर लगा ले जिससे खुजली में काफी आराम मिलेगा। लहसुन vactiriya को मारने में काफी सहायक सिद्ध होता है। इसे दिन में लगभग तीन बार इस्तेमाल करें।इसके प्रतिदिन इस्तेमाल करने से आपको कुछ ही दिन में result दिखने लग जाएगा। दाद धीरे-धीरे सूखने लग जाएगा और उसका ऊपरी परत निकल कर गिर जाएगा और त्वचा की नई परत बाहर आएगी जो सफेद रंग की होगी और बाद में काली हो जाएगी।

7-एलोवेरा के द्वारा खुजली का इलाज treatment of fungal infection with aloe vera

एलोवेरा skin के लिए काफी लाभदायक होती है इसकी तासीर बहुत ही ठंडी होती है। आप एलोवेरा के पेड़ से उसके पत्ते काटकर उसमें से चम्मच से एलोवेरा निकाल ले और उसे दिन में तीन बार अपनी खुजली वाली जगह पर लगाएं और अगर आपके पास पर्याप्त मात्रा में एलोवेरा है तो आप एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह शाम खा भी सकते हैं जिससे आपको बहुत ही अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा। अगर आपके पास एलोवेरा का पेड़ नहीं है तो आप पतंजलि मेडिकल स्टोर से alovera juece खरीद सकते हैं और उसका प्रतिदिन सेवन कर सकते हैं। एलोवेरा के जूस के लगातार सेवन से त्वचा मुलायम और चिकनी हो जाती है। इसका उपयोग बच्चे और महिलाएं भी कर सकते हैं। इसका निरंतर सेवन करने से खूबसूरती में वृद्धि होती है। एक हफ्ते के इस्तेमाल से आपको बहुत अच्छा रिजल्ट मिलेगा।

8-दालचीनी और शहद से खुजली का इलाज cinnamon and honey treatment of fungal infection

दालचीनी सब्जियों में इस्तेमाल किया जाने वाला मसाला है जो प्रत्येक घर में available होता है दालचीनी के टुकड़े को अच्छी तरह बारीक पीस लें उसमें शहद डालकर अच्छी तरह पेस्ट बना लें और इंफेक्शन वाली जगह पर लगा ले। इसे आप दिन में दो बार लगा सकते है ।इसको लगाने से थोड़ा सा जलन होने के बाद में राहत मिलता है। दालचीनीदाद में होने वाले vacteeriya को मारता है और शहद उससे होने वाले घाव का रिपेयर करता है इसके कारण जल्द ही दाद ठीक हो जाता है।

9- करेले के जूस के द्वारा खुजली का इलाज bitter gourd juice.treatment of fungal infection

अगर आपको fungal infection है तो आपको प्रतिदिन एक गिलास करेले का जूस पीना चाहिए। करेला आपकी body के tempreter को कंट्रोल करता है। जिसके कारण खुजली में काफी राहत होता है। पीने में आपको बहुत कड़वा लगेगा परंतु यह आपकी इंफेक्शन में काफी लाभदायक सिद्ध होगा। करेले का जूस आपको मार्केट में किसी फल और सब्जी वाले juice के दुकान पर मिल जाएगा।करेले का जूस आपको प्रतिदिन इस्तेमाल करना चाहिए।

10-मुल्तानी मिट्टी और नींबू के द्वारा खुजली का इलाज multani mitti and lemon juice.treatment of fungal infection

मुल्तानी मिट्टी आपको किसी भी जनरल स्टोर पर बड़ी ही आसानी से मिल जाएगा।मुल्तानी मिट्टी में अनेक प्रकर के natural कितने गुण पाए जाते हैं मुल्तानी मिट्टी को बारीक पीस लें और इसमें नींबू का रस तथा दूध की छाली मिलाकर एक पतला पेस्ट बना लें। नींबू का रस सफाई करता है तथा vactiriya पर attace करता है।और दूध की छाली दाद को चिकनाहट देता है। इस पेस्ट को आप प्रभावित क्षेत्र में लगा ले। इसको तब तक लगा रहने दें जब तक यह अच्छी तरह सूखकर कड़ी ना हो जाए। अच्छी तरह सूखने के बाद में इसे पानी से धो दें। आप इसका निरंतर इस्तेमाल कर सकते हैं,क्योंकि इसमें कोई भी harmfull camicals नहीं होते हैं।

दाद को जड़ से मिटाने के उपाय Remedies to get rid of ringworm from the root.

आजकल दाद स्त्रियों और बच्चों में भी होते हैं। यह अधिकतर गर्दन उंगलियों के बीच में और जांघो के बीच में होते हैं , स्किन के ऊपरी परत पर लाल रंग के छोटे-छोटे चकत्ते हो जाते हैं। जिससे दाद कहते हैं।स्त्रियों में दाद का होना बड़े ही सर्म की बात होती है क्योंकि यह हमेशा खाज होता रहता है। एक बार दाद हो जाने के बाद इसे जड़ से खत्म कर पाना बहुत ही मुश्किल होता है। क्योंकि हम दवाइयां खाते हैं तो कुछ दिन के लिए दाद ठीक हो जाता है।ठीक हो जाने के बाद में हम दवाइयों का सेवन बंद कर देते है, परंतु 5 दिन में इनमें फिर से खुजली होने लग जाती है और दाद फिर से अपना भयंकर रूप लेकर प्रकट हो जाता है।कभी कभी इसमें पीले रंग के दाने हो जाते है और इनमें असहनीय दर्द होता है। यह दाद कभी-कभी इतना ज्यादा खतरनाक हो जाता है जिसका कलपना करना हमारे लिए बहुत ही मुश्किल होता है । दाद अधिकतर पसीने में पाई जाने वाली बैक्टीरिया के कारण होता है।यदि आपको इस तरह की समस्या है तो आप हमारे द्वारा बताए गए उपाय और दवाइयों का तथा कुछ बरती जाने वाली सावधानियों को ध्यान में रखें। यदि  आपको दाद बार-बार हो रहा है तो आप हमारे द्वारा बताए गए टिप्स को फॉलो करें और इनकी मदद से आप दाद को जड़ से मिटाने में कामयाब हो सकते हैं।

1-खानपान में बरतने वाली सावधानी dietary precautions

आजकल के युग में खानपान बहुत ही बिगड़ता जा रहा है इसके कारण जीवन में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आजकल के युग में मनुष्य रोटी चावल खाना पसंद नहीं करते हैं अपने घर का बना हुआ खाना पसंद नहीं करते हैं। उन्हें अधिकतर होटलों का खाना पसंद आता है जिसमें कोई पता नहीं रहता कि वह किस तरीके से बनाया जाता है । उसमें तमाम हानिकारक सामग्री मिलाया जाता है। होटल के खाना में लाल मिर्च की मात्रा अधिक होने के कारण शरीर में अनेक रोग अपना घर कर लेते हैं। अतः दाद को जल्द ठीक करने के लिए आपको खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  •  खाने में अधिकतर ठंडी चीजें खानी चाहिए। फास्ट फूड का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इनमें मसाले और तेल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जिसके कारण इंफेक्शन तेजी से फैलने लगता है।
  • नाश्ते मे भिगोया हुआ चना और मूंग खाना चाहिए। ध्यान रहे इनमें प्याज नींबू का रस हरी मिर्च इत्यादि स्वाद के लिए कोई भी अन्य सामग्री नहीं मिलाना है।अगर आप बिना नमक के खा सकते हैं तो बिना नमक के ही इनका सेवन करें।
  • एक गिलास मौसमी का जूस पीएं। मौसमी का juice body temperature को cuntrol करता है।तथा त्वचा को नमी देता है। 
  •  दोपहर के भोजन में रोटी और चावल के साथ पालक की साग का इस्तेमाल करें।टमाटर की चटनी हरे मिर्च के साथ स्तेमाल कर सकते है।
  • भोजन के साथ सलाद का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें ।सलाद में खीरा, मूली नीबु, कक्कड़ी,और पत्ता गोभी का सलाद खाना चाहिए।सलाद से हमें विटामिन c aur d प्राप्त होता है।
  • दही अथवा रायता जरूर खाना चाहिए।आप लस्सी का भी सेवन कर सकते है
  • सलाद में मूली खीरा और नींबू का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
  •  अगर आप चाय का सेवन ज्यादा कर रहे हो तो चाय पीना बंद कर दें अथवा बहुत ही कम कर दें। क्योंकि चाय आपकी बॉडी का टेंपरेचर को बढ़ाता है जिसके कारण दाद में खुजली होने लग जाती है।दाद एक मीठा जहर है ,अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो चाय पीना बंद कर दे चाय के द्वारा अनेक बीमारियां हमारे शरीर में जगह बना लेती है।
  •  शाम के समय रोटी के साथ हरी सब्जियों का सेवन करें। सब्जियों की बात करें तो आपको फूल गोभी ,पत्ता गोभी, भिंडी, तोरी, करेला लौकी, टिंडा, मटर ,टमाटर का सेवन कर सकते है।आलू का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना है।
  •  फल की बात करें तो आपको आम और पपीता बिल्कुल भी नहीं खाना है।
  •  फल में केला अनानास, नाशपाती ,किन्नू ,सेब ,लीची खा सकते हैं।
  • तेल से बनी हुई चीजें बिल्कुल भी ना खाएं जैसे समोसा ,पकोड़े ,चाऊमीन ,बर्गर ,मोमोस, स्नैक्स आदि।
  • सब्जियों और दाल में मसाले कि मात्रा बहुत कम रखें।
  • Meet का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि मीट मैं अनेक बीमारियां व्याप्त होती हैं तथा इस को पकाने के लिए अनेक प्रकार के गरम मसाले और तेल का इस्तेमाल किया जाता है जो दाद के लिए बहुत ही harmful होते हैं।

2-साफ सफाई का बेहतर ध्यान Better attention to cleanliness.

यदि आप दाद से बहुत परेशान है तो आपको साफ सफाई का बेहतर ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि यह पसीने की गन्दगी में पाई जाने वाली vactiriya से होता है।इसलिए हमें साफ सफाई का बेहतर ध्यान रखना आवश्यक होता है।साफ सफाई के द्वारा ही दाद खाज खुजली को हरा सकते है।अन्यथा दाद एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जो लापरवाही करने पर हमारे पूरे शरीर में फैल सकती है।तथा उचित इलाज ना होने पर यह कोढ़ का भी रूप ले लेती है।कोढ़ यानी संपूर्ण सरीर का त्वचा नस्ट हो जाती है। अतः हमें दाद से बचने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
  • दिन में लगभग 2 बार स्नान करना चाहिए।
  • हमें प्रतिदिन नीम के पत्तों में उबले हुए पानी से स्नान करना चाहिए।
  • हमें सामान्य साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें camical की मात्रा अत्यधिक पाई जाती है जिसके कारण दाद और भी बढ़ने लग जाते हैं।
  • हमें नीम युक्त साबुन अथवा medicated shop का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
  • एक ही साबुन कई लोग इस्तेमाल ना करें, एक साबुन सिर्फ एक बेक्ति ही इस्तेमाल करें।
  • यदि आपको जांघों के बीच में दाद की समस्या है तो आपको तुरंत पुराना अंडरवियर फेंक कर नया अंडरवियर पहनना चाहिए।
  • एक तौलिए का इस्तेमाल सिर्फ एक लोग को ही करना चाहिए।
  • कपड़ों को प्रतिदिन गर्म पानी में डिटर्जेंट के साथ धोना चाहिए।
  • हमें बहुत मोटे और टाइट कपड़े नहीं पहनना चाहिए।
  • दाद को खुजलाते समय नाखून का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें, इससे vactiriya बहुत तेजी से फैलती है। यदि आपके साथ में खुजली हो रही है तो आप अपने हाथों को कंट्रोल में रखें उसे खुजलाना नहीं है। क्योंकि खुजलाने से नाखून में रहने वाले अनेक कीटाणु और गंदगी दाद में चले जाते हैं और साथ में रहने वाले vactiriya नाखून के साथ एक जगह से दूसरे जगह से दूसरे जगह चले जाते हैं जिससे दाद के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • अधिकतर सूती कपड़े और ढीले कपड़े पहनना चाहिए।
  • अगर आप दाद से परेशान है तो रात में कपड़ा बिल्कुल भी ना पहनें ,दवा लगा कर नंगा सो जाएं जिससे दवा शरीर के दाद पर अच्छी तरह से काम कर सके।
  • दाद होने पर हमें जीन्स का पैंट बिल्कुल भी नहीं पहनना चाहिए।क्योंकि जींस के धागे काफी मोटे और hard होते है ।और पैंट tight होने के कारण दाद पर रगड़ लगता है जिससे दाद में भयंकर जलन और दर्द होने लग जाता है।

3-दवाइयों का लगातार इस्तेमाल continuous use of medicine

ring worm एक ऐसी समस्या है जो किसी को एक बार हो जाती है तो उससे छुटकारा पाना बहुत ही मुश्किल होता है। दवाइयां खाने से बहुत लोगों को कुछ भी आराम नहीं मिलता है। और यदि कुछ लोगों को आराम भी मिलता है तो वह एक हफ्ते बाद फिर से उसी जगह खुजली होने लग जाता है और दाद अपना फिर से अपना भयानक रूप लेकर बाहर आ जाता है। इसका सबसे मुख्य कारण है की वह दवाइयों का लगातार इस्तेमाल नहीं करते हैं। यदि दवाई खाने से आपका दाद ठीक हो गया है तो आपको दवा खाना बंद नहीं करना चाहिए, ठीक होने के बाद भी दवाइयों का इस्तेमाल लगातार जारी रखें जिससे दाद जड़ से खत्म हो जाएगी। कभी-कभी तो दवाइयों का इस्तेमाल 2 से 3 महीना करना पड़ जाता है। इन दवाइयों से आपको कोई भी नुकसान नहीं होगा। अतः आपको दाद ठीक होने के बाद भी दवाइयों का लगातार सेवन करना चाहिए। जब आप इन दवाइयों का लगातार सेवन करेंगे तो शरीर में एलर्जी वाले कीटाणु धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे और इनकेेेेेेे बढ़ने की संभावना एकदम समाप्त हो जाएगी।

दाद की मेडीसिन क्रीम  medicin cream of ringworm

दाद खाज खुजली स्त्रियों और पुरुषों के लिए बहुत ही शर्मनाक बीमारी है, क्योंकि जब आप अपने ऑफिस में बैठे हुए होते हैं और खुजली होने लग जाए,तो देखने वाले हंसने लग जाते हैं क्योंकि खुजली अत्यधिक जांघों के बीच में ही होती है जिसके कारण हम हंसी का पात्र बन जाते हैं। उसी तरह स्त्रियों में भी बाजू के नीचे तथा स्तनों के नीचे खुजली होने लग जाती है जिससे समाज में बहुत ही शर्मिंदगी महसूस होती है। आज हम आप लोगों को ऐसे antifungal cream के बारे में बताने जा रहा हूं जिसके स्तेमाल से आप पुराने से पुराने दाद से छुटकारा पा सकते है।
  • Betnovate C
  • Microgel
  • Canesten
  • Ring guard
  • Luliconazole
  • Cogen
  • Panderm ++
  • Itch guard
  • Dermigen NF
  • Betnovate n
  • Dermi 5
  • Clovish
इन सभी क्रीम में से आप किसी एक क्रीम का इस्तेमाल करके सिर्फ 24 घंटे में दाद से बहुत ही आराम पा सकते हैं। इस क्रीम का इस्तेमाल नहाने के बाद करना है। यदि आपको पसीना है तो आप इस क्रीम का इस्तेमाल ना करें। बेहतर फायदा के लिए आपको लगभग एक महीना तक इस्तेमाल करना होगा। इन सभी क्रीम का इस्तेमाल आप डॉक्टर की सलाह के बगैर बिल्कुल भी ना करें।

दाद का मेडिसिन साबुन medicated soap of ring worm.

यदि आपके शरीर में कहीं भी दाद की समस्या है। और आप साबुन लगा रहे हैं तो आप तुरंत ही सतर्क हो जाइए और साबुन लगाना बंद कर दीजिए। क्योंकि साबुन में harmfull camical का इस्तेमाल किया जाता है।आजकल गोरा होने वाला साबुन खुस्बू वाला साबुन त्वचा moschwaraise करने वाला साबुन बाजार में उपलब्ध होता है जो अनेक प्रकार के camical से फैक्ट्रियों में बनाया जाता है।इसलिए साबुन लगाने से इसके बैक्टीरिया पूरे शरीर में फैल जाते हैं। साबुन में पाए जाने वाले केमिकल के द्वारा दाद पर बहुत बुरा असर पड़ता है दाद और भी भयानक रूप ले सकता है। साबुन लगाने के बाद उसमें से पानी निकलने लगता है जो बैक्टीरिया से परिपूर्ण होता है वह पानी जिस जगह पर लगेगा उस जगह पर दाद होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है। अतः आपको हम कुछ साबुन के नाम बताएंगे। जिनका प्रयोग करने से आपका दाद बहुत ही जल्द ठीक होने लग जाएगा।
  • Tetmosol soap
  • Margao soap
  • Ketotosc soap
  • Ktoconajol soap
  • Ketostar soap
  • Detol soap

आप को नहाते समय इन साबुन में से किसी एक साबुन का उपयोग करना है। इन साबुन के उपयोग से दाद में खुजली बहुत कम होती है जिसके कारण इसके फैलने की संभावना बहुत ही कम होती है। साबुन लगाने कर नहाने केेे बाद में तौलिए सेे अच्छी तरह  सुखा ले उसकेेे बाद में क्रीम लगाएं।ध्यान रहे साबुन दााद वाली जगह पर बिल्कुल भी नहीं लगा रहना चाहिए,अतः पानी से इसे अच्छी तरह धो लें।

दाद में लगाने वाला पाउडर antifungal powder

दाद के इलाज में पाउडर काफी कारगर साबित होता है क्योंकि यह dusting पाउडर होता है इसके इस्तेमाल से खुजली में काफी राहत मिलती है और खुजली वाली जगह काफी मात्रा में सूखी हुई रहती है जिसके कारण इसके फैलने की संभावना बहुत कम होती है दाद में लगाने वाला पाउडर के नाम कुछ इस प्रकार है।
  • Micoderm power
  • Candid dusting powder
  • Clocip anty fungal pawdar
  • Abjorb pawdar
  • Itchcin pawder

इन सभी पाउडर में clocip antifungal powder एक ऐसा पाउडर है जोcilpla कंपनी ने बनाया है इसका इस्तेमाल आप बेफिक्र कर सकते हैं क्योंकि यह हमारा पर्सनल यूज़ किया हुआ पाउडर है जिससे मुझे दाद में बहुत ही राहत मिला। पाउडर यूूज करते समय का ध्यान रखें कि पसीनेे में यह पाउडर इस्तेमाल नहींं है। आपको नहाने केेे बाद में तौलिए से अच्छी तरह सुखा लेंना है उसके बाद ही पाउडर स्तेमाल करना है। इसका इस्तेमाााल दिन में लगभग 4 बार तक कर सकते हैं जिसकेे कारण दाद बहुत ही सूख जाते हैं। और नहाते समय धीरे-धीरे धूूूल कर नष्ट होने लग जाते हैं।

दाद खाज खुजली की अंग्रेजी दवा टेबलेट (dad khaj khujali ki angreji dawa aur tablet

दाद एक तरह का चर्म रोग है जो सिर्फ चमड़ी के ऊपरी परत में होता है परंतु यह शरीर के अंदर कुछ तत्वों की कमी की वजह से होता है। हम खाने पीने में तमाम ऐसे पदार्थों का सेवन करते हैं जिसका सेवन हमें नहीं करना चाहिए जिसके कारण हमारे रक्त में विकार उत्पन्न हो जाता है और चमड़ी में दाने, रेसस, खुजली ,दाद आदि समस्या उत्पन्न हो जाती है। जैसे अंडे के साथ दूध नहीं खाना चाहिए परंतु आप लोग ध्यान ना देने की वजह से बहुत ही गंभीर समस्या हो जाती है। मीट के साथ fruit का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गर्मी और ठंडी का टकराव होता है जिसके कारण दाने एलर्जी दाद जैसी बीमारियां होने लग जाती हैं। आज के लेख में हम आप लोगों को कुछ ऐसे टेबलेट के नाम बताएंगे जिन्हें खाकर आप दाद से छुटकारा पा सकते हैं।
  • Itraconazole capsule 100 mg,200 mg
  • Avil 25 mg aur 50mg
  • Fluka tablet 150 mg
  • Mahalevo
  • Fluconajol 150 mg

दाद खाज खुजली की आयुर्वेदिक दवा Ayurvedic medicine for ringworm itching.

कभी-कभी ऐसा होता है की अंग्रेजी दवाइयां खाने से दाद और भी भयानक रूप लेने लग जाता है क्योंकि अंग्रेजी दवाइयों में गर्मी होती है। जिसके कारण दाद और भी भयानक होने लग जाता है। उस समय आपको अंग्रेजी दवाइयां तुरंत बंद कर देना चाहिए और आयुर्वेदिक दवाइयों का इस्तेमाल करना चाहिए। आयुर्वेद हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। Ayurvedic दवाइयां हमारे शरीर को कोई भी sied efect नहीं पहुंचाती है जिससे हमारा शरीर दवा खाने के बाद भी स्वस्थ रहता है। आयुर्वेदिक दवाइयों के द्वारा इलाज करने पर हमें कोई भी reaction का खतरा नहीं रहता है इसलिए आप इन दवाइयों का इस्तेमाल काफी लंबे समय तक कर सकते हैं। आयुर्वेदिक दवाइयों में बाबा रामदेव के द्वारा बनाई गई पतंजलि कंपनी अनेक प्रकार की वटी और चूर्ण तथा जल मार्केट में उपलब्ध है जिनका सेवन आप जीवन पर्यंत कर सकते हैं। शरीर को नुकसानदायक दवाइयों से बचाने के लिए आजकल के लोग अधिकतर आयुर्वेद अपना रहे हैं जिसके कारण उनका शरीर बीमारियों से ग्रसित ना हो और जीवन पर्यंत स्वस्थ रहे। पतंजलि कंपनी ने सिर्फ दवाइयां ही नहीं बल्कि आटा चावल तेल घी बेसन सोयाबीन आज तमाम ऐसे खाद्य पदार्थ हमें उपलब्ध करा रहा है जिसमें बिल्कुल भी मिलावट नहीं है और हम मिलावट रूपी जहर से बच सकते हैं आज आपको हम कुछ ऐसे आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में बताएंगे जिनके इस्तेमाल से आपको काफी लाभ मिलने वाला है। इनका इस्तेमाल किस तरह से करना है इनका विधि भी हम आपको बताएंगे।
  1. Jalim lotion marham
  2. Safi syrup
  3. Aloevera juice
  4. Aloevera gel
  5. Neem ki ghanvati
  6. Giloy ki ghanvati
  7. Divya kayakalp vati
  8. Giloy ka jues 
  • जालिम लोशन अत्यंत ही ज्वलनशील दवाई है। इसका उपयोग बड़ी ही सावधानी से किया जाता है। क्योंकि यह जिस जगह त्वचा पर लग जाता है उस जगह त्वचा की ऊपरी हिस्सा को जला देता है जिसके कारण वह काला पड़ जाता है। लोशन को लगाने के थोड़ी देर पहले खुजली वाले एरिया को अच्छी तरह से खुजा दे ताकि सभी vactiriya त्वचा की ऊपरी हिस्से पर आ जाएं।जालिम लोशन के प्रयोग के लिए एक माचिस की तीली में थोड़ा सा कॉटन लपेट लें फिर कॉटन की मदद से लोशन को प्रभावित क्षेत्र में अच्छी तरह से अप्लाई करें। परंतु ध्यान रहे लोशन सिर्फ प्रभावित क्षेत्र पर ही होना चाहिए अन्यथा यह स्किन को जला देता है। 5 मिनट तक आपको भयानक कष्ट होगा इसकी जलन तेजाब से भी ज्यादा अधिक होती है। और कुछ दिन बाद पपड़ी बनकर दाद जड़ से बाहर निकल जाती है और दाद वाली जगह पर नई skin बाहर आती है।
  • साफी सिरप बहुत ही अच्छा आयुर्वेदिक दवाई है। यदि आपको खाज खुजली की समस्या है तो आपको साफी सिरप एक बोतल जरूर पीना चाहिए । साफी धमनियों में जाकर खून की सफाई करता है इससे खून में सफाई हो जाती है, जिसके कारण नसों में खून पूरी तरह से दौड़ने लग जाता है और स्किन समस्या में काफी समाधान होता है।अगर हमें कोई स्किन प्रॉब्लम नहीं है फिर भी 6 महीने में एक बार साफी पीना आवश्यक है। इसके द्वारा हमारा खून फिल्टर हो जाता है और शरीर में ताजगी आती है तथा उनकी दौरान और ब्लड प्रेशर की समस्या का भी समाधान होता है।
  • Alovera jueceएलोवेरा हमारे आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण पौधा है। यह हमारे शरीर के सभी प्रकार के त्वचा रोग के निदान में बहुत सहायक है। एलोवेरा का जूस पतंजलि के दुकान पर बहुत ही आसानी से मिल जाता है । अगर आपके पास एलोवेरा का पेड़ तो बहुत ही अच्छी बात है । आप इसका भी सेवन बहुत ही आसानी से कर सकते हैं और आपको किसी दुकान  पर जाने कि जरूरत भी नहीं है इसके सेवन करने से त्वचा संबंधी रोग जैसे पिंपल, मुहासे, घामोनियान,दाद, खुजली इन से राहत मिलती है।एलोवेरा के जूस का सेवन करने से त्वचा स्वस्थ और चिकनी हो जाती है।
  • एलोवेरा जेल को प्रभावित क्षेत्र में लगाने से बहुत आराम मिलता है। Aloe Vera jel लगाने से दाद में जलन कम होती है। खुजलीी को भी काफी आराम मिलता है।
  • नीम की घन वटी का प्रतिदिन सेवन करने से फंगल इंफेक्शन में काफी लाभ होता है क्योंकि नींम में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो दाद में होने वाले बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है।
  • गिलोय घनवटी आपको पतंजलि का दुकान पर बहुत ही आसानी से प्राप्त हो जाएगा जिसके प्रतिदिन सेवन से फंगल इंफेक्शन में काफी आराम मिलता है।
  • दिव्य कायाकल्प नामक गोली का प्रतदिन सेवन करने से तो त्वचा संबंधी रोग समाप्त हो जाते हैं।
  • गिलोय का जूस का हमें प्रतिदिन इस्तेमाल करना चाहिए। जिससे दाद में काफी लाभ होता है। अगर गिलोय आपके घर पर ही है तो बहुत हीी अच्छा है ।

दाद कितने प्रकार के होते हैं types of worm ring

दाद एक चर्म रोग है जो त्वचा के ऊपर लाल-लाल गोल आकार का दिखाई देता है।यह अनेक जगह पर अनेक रूप में दिखाई देता है। दाद को चिकित्सीय भाषा में tinea भी कहते हैं। दाद मुख्यता चार प्रकार के होते हैं।
  1. टीनिया क्रूरिश(tinea croorish) यह दाद अधिकतर जांघों के बीच में और गुप्तांगों के आसपास होता है। और कभी-कभी यह गुप्तांगों में भी हो जाता है।
  2. टिनीया पेडिस (tinea pedish) यह दार अधिकतर पैरों और हाथों में होता है। खास करके उंगलियों के बीच में होता है।
  3. टीनिया कैपिटिस (tinea capitish) यह दाद अधिकतर खोपड़ी में होता है। जिसके कारण सिर में जगह-जगह के बाल खत्म हो जाते हैं।
  4. टीनिया बार्बी (Tanya Barbie) yah dad  अधिकतर दाढ़ी के आस पास होता है, और चेहरे पर होने की संभावना अधिक रहती है।चेहरा देेखने में बहुत ही भद्दा और बदसूरत लगता है।

पुरानेेेेेे से पुराने दाद की दवा बतिईए Tell old herpes medicine

यदि आप दाद से बहुत परेशान है आपका दाद बहुत पुराना हो गया है,बहुत दवाई करने के बाद ठीक नहीं हो रहा है तो आप लोगों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।क्योंकि आज मै आप लोगों को एक बहुत ही रामबाण दवाई बताने वाला हूं। इसके इस्तेमाल से दाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। सबसे पहले तो आप को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उसके बाद में tetmosol soapसाबुन से नहाना है। नहाने के बाद में तोलिया से दाद वाली जगह अच्छी तरह से सुखा लें। उसके बाद में cipla कंपनी की  clovish cream क्रीम दाद पर लगाएं। Avil 25 mg के साथ itraconajol capsul 100mg दिन में दो बार खाना है। कपड़ों को गर्म पानी में धोना है। दाद को नाखून से नहीं खुजना है। हो सके तो धूप और पसीने सेे बचना चाहिए।बेेेेहतर रिजल्ट के लिए कम से कम एक महीने तक इसका इस्तेमाल करें।आपका पुराना से पुराना दाद बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।

निष्कर्ष (conclusen)

पूरा पोस्ट पढ़ने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इस संसार में एक रोग के अनेकों दवाइयां हैं किसी को फायदा करती है किसी को नहीं करती है अतः हम सभी को अधिकतर उसी दवाई का इस्तेमाल करना चाहिए जो दाद खाज खुजली में सबसे ज्यादा कारगर सिद्ध होता है। हमने घरेलू आयुर्वेदिक और अंग्रेजी दवाइयों के बारे में बहुत सारी दवाइयां पड़ी परंतु निष्कर्ष यह निकलता है कि हम कौन सी दवाइयों का इस्तेमाल करें जो हमारे ही सबसे अच्छा है

Disclemar-

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