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पेशाब की थैली में इन्फेक्शन के लक्षण peshab ki thaili mein infection ke lakshan

पेशाब की थैली में इन्फेक्शन के लक्षण peshab ki thaili mein infection ke lakshan 

नमस्कार दोस्तों ,कैसे हैं आप लोग, हमारे साइट पर आने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद, आज के aartical में मैं एक ऐसे रोग के बारे में बात करने वाला हूं की पेट के अंदर पेशाब की थैली में सूजन के क्या लक्षण होते है। और यह किन कारणों सेे है, तथा इससे बचने के लिए किन किन दवाइयों का सेवन करना चाहिए, और क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, कभी-कभी पेशाब नली में सूजन हो जाती है जो बहुत ही घातक होती है, और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि पेशाब में ब्लड आना शुरू हो जाता है, तो यह किन कारणों से होता है, और क्यों होता है क्या यह normal है? या जानलेवा! अगर आपके भी मन में यह प्रश्न है तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत ही महत्वपूर्ण  होने वाला है। पेशाब की थैली को शुद्ध भाषा में अगर कहे तो मूत्राशय कहा जाता है ,और इसे अंग्रेजी में urin blader भी कहते हैं। अर्थात  जो हम पानी पीते हैं या तरल पदार्थ खाते पीते हैं वह सभी अग्नाशय में पच कर गुर्दे kidney से होते हुए एक थैली में जाकर एकत्र हो जाता है। जिसे urin blader  कहते हैं, और एक नली के जरिए शरीर के बाहर निकालने का काम यह थैली करती है। इस थैली में infection की वजह से सूजन हो जाती है। यह रोग अधिकतर महिलाओं में होता है। तो हमें कैसे पता लगे की मूत्राशय में सूजन है अथवा कोई दूसरा रोग है अतः इसके के कुछ लक्षण होते हैं, जिनके द्वारा हमें पता लग सकता है कि हमारे मूत्राशय में सूजन है और हमें तुरंत इलाज की जरूरत है।

पेशाब की थैली में सूजन के लक्षण peshab ki thaili mein Sujan ke lakshan in hindi .rstbox

वैसे तो पेशाब की थैली में सूजन होना एक आम बीमारी का लक्षण है परंतु कभी-कभी यह कुछ कारणों की वजह से जानलेवा भी हो सकता है। अतः मूत्राशय में सूजन की समस्या अगर है। तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है इसे नजरअंदाज ना करें, शर्म ना करें क्योंकि रोग को छुपाना हमारे जीवन में कहीं ना कहीं बहुत ही नुकसानदायक सिद्ध हो जाता है। हमें किस तरह पता चले कि हमारे urin blader में सूजन है या infection है उसके लिए कुछ लक्षण आपके शरीर में दिखाई देंगे जिससे आपको यह पता लग सकता है कि हमारे मूत्राशय में सूजन है।
  • बार बार पेशाब लगना, तथा बूंद बूंद का पेशाब आना पेशाब की थैली में सूजन होने का मुख्य लक्षण है।
  • पेशाब में रंग का परिवर्तन होना, हल्का लाल अथवा धुंधला colour का पेशाब होना, पेशाब की थैली में सूजन होने का लक्षण है।
  • पेशाब में अधिक बदबू आना मूत्राशय में सूजन होने के लक्षण हैं।
  • पेट के निचले हिस्से में जिसे शुद्ध भाषा में हम पेडू कहते हैं ,उसमें बार-बार चिलकन अथवा दर्द होना मूत्राशय में इन्फेक्शन या सूजन के लक्षण हैं।
  • पेडू में दर्द होने के साथ-साथ हल्का बुखार भी होता है जो पेशाब की थैली में इन्फेक्शन होने के लक्षण है।
  • शोच जाने के तुरंत बाद पेशाब का लगना मूत्राशय में सूजन के लक्षण है।
  • दर्द के साथ साथ भूख ना लगना, तथा उल्टी आना भी पेशाब की थैली में सूजन के लक्षण हो सकते हैं।
  • लंबे समय तक पेशाब करने की आवश्यकता पेशाब की थैली में सूजन अथवा इन्फेक्शन के लक्षण है।
  • पेशाब में रक्त ब्लड का आना थैली में इंफेक्शन अथवा सूजन के लक्षण है, परंतु इस लक्षण को नजरअंदाज ना करें, क्योंकि यह बहुत ही जानलेवा होता है, अतः पेशाब में रक्त आने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।
Man urin blader

पेशाब की थैली में सूजन के कारण peshab ki thaili mein Sujan ke Karan

पेशाब की थैली में bacteria प्रवेश हो जाने के कारण इन में infection  हो जाता है और इन्हीं के कारण इन में सूजन हो जाता है। अतः bacteria कहां से प्रवेश करता है किस तरह प्रवेश करता है यह हमें जानना अत्यंत आवश्यक है bacteria का मुख्य स्रोत मल होता है मल के द्वारा ही bacteria हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करते हैं यह बीमारी अधिकतर महिलाओं में पाई जाती है क्योंकि महिलाओं का मलद्वार मूत्र द्वार के बहुत ही नजदीक पाई जाती है, जिसके कारण बैक्टीरिया योनि से होते हुए पेशाब की थैली में पहुंच जाते हैं और इन्हें effective कर देते हैं। Urine bladder में सूजन के तमाम ऐसे अन्य कारण होते हैं जिनके द्वारा हमारे पेशाब की थैली में सूजन हो सकता है।
  • ज्यादा तीखा अथवा मसालेदार भोजन खाने से urine bladder मैं सूजन हो जाता है।
  • महिलाओं में गर्भनिरोधक डाई प्रयोग करने से भी urine bladder में सूजन हो जाता है।
  • संभोग करते समय urine bladder पर दबाव पड़ने के कारण भी इस में सूजन हो सकता है।
  • Kidney में खराबी होने के कारण जीवाणु मूत्राशय में चले जाते हैं जिससे इन में सूजन हो सकती है।
  • आजकल तमाम महिलाएं पुरुष नहाने के लिए bathing tub का इस्तेमाल करती हैं जिसके कारण साबुन के chemical योनि के जरिए अंदर जा सकते हैं, जिनके कारण urine bladder meसूजन हो सकता है।
  • महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान भी मूत्राशय में सूजन हो सकता है क्योंकि हो सकता हो बच्चा urine bladder पर दबाव डाल रहा हो।
  • शौच जाने के पश्चात महिलाएं पीछे से आगे की तरफ मल को साफ करती हैं ,इसके कारण जिसके कारण मल के जीवाणु को योनि तक आने में आसानी हो जाती है और अंदर प्रवेश कर जाते हैं जिससे infection अथवा सूजन हो सकता है।
  • पेट में खराबी होने के कारण गुर्दे के जरिए जीवाडू मूत्राशय तक प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पेशाब की थैली में सूजन हो जाता है।
  • शुगर अथवा diabetes के बीमारी के कारण भी पेशाब की थैली में सूजन हो सकता है।
  • पेशाब बाहर निकालने के लिए किसी नली का इस्तेमाल करना भी urine bladder में सूजन का कारण हो सकता है। 

पेशाब रोग की दवा peshab Rog ki dava

हमारे ऊपर के paragraph में आप लोग पेशाब रोग के लक्षण और कारण के बारे में समझ चुके होंगे, परंतु अब प्रश्न यह उठता है कि इसका इलाज कैसे किया जाए किस तरह से इसका उपचार हो सकता है और हमें किस तरह की दवाइयों का सेवन करना चाहिए और किस तरह की भोजन का सेवन करना चाहिए जिससे पेशाब रोग बार बार ना आए और ठीक हो जाए। अतः इन सभी प्रश्नों के जवाब जानने के लिए हमारे पोस्ट पर बने रहे।
  • Cleancal medicin
  • अगर आपके पेशाब में जलन हो रहा है या blader में सूजन के लक्षण हैं, तो आप एक normal दवा paracetamol ,brufen या combiflam ले सकते हैं जिसके कारण आपके पेट में दर्द, जलन में थोड़ा राहत मिल जाएगी।
  • नीरी सिरप neeri syrup को सुबह-शाम पानी में दो ढक्कन पीने से बहुत ही जल्द पेशाब संबंधी रोग समाप्त हो जाते हैं। यह syrup आप को कििसी भी medical store पर बड़ी ही आसानी से मिल जाएगा।
  • पेशाब संबंधी रोग के लिए आप कोई भी anti bayotics दवाइयों का इस्तेमाल कर सकते हैं जिनके कारण आपके पेशाब की नली अथवा थैली में infection के कीटाणु समाप्त हो जाएंगे, आपको हम कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के नाम बताएंगे जिनके द्वारा आप इस समस्या से हल निकाल सकते हैं।
  • Levofloxacin
  • Ciprofloxacin
  • Maxifloxacin
  • Balofloxacin
  • यह कि कुछ एंटीबायोटिक्स अंग्रेजी दवाइयां जिनके इस्तेमाल के द्वारा हम अपने पेशाब संबंधी रोग को समाप्त कर सकते हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले आप को अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल करना घातक सिद्ध हो सकता है।
  • पेशाब संबंधी रोग का इलाज करने के लिए कुछ मशीनों द्वारा जांच किए जाते हैं। जैसे अल्ट्रासाउंड ultrasaund करने से हमें यह पता लग जाता है कि हमारे पेट में कौन सी जगह infection है पेशाब की थैली में है अथवा पेशाब की नली में है जिसके कारण इसका सही उपचार संभव हो पाता है।
  • पेशाब की जांच urin test के द्वारा भी यह पता लगाया जा सकता है की पेशाब में blud की मात्रा भी है या सिर्फ bactiriya ही है। क्योंकि यह सिर्फ microskop के जरिए ही इसे देखा जा सकता है नग्न आंखों से इन जीवाणुओं को तथा उनके tresas को देखना नहीं नामुमकिन है।
  • घरेलू उपचार home treatment घरेलू उपचार के द्वारा भी पेशाब रोग का निवारण हो सकता है। हमारे घर पर तमाम ऐसी सामग्री उपलब्ध होती हैं जो पेशाब संबंधी उपचार में अत्यंत सहायक होते हैं और पूर्णरूपेण work भी करती हैं।
  • गर्म का पानी का बोतल लेकर पेट के निचले हिस्से यानी पे डू पर सिकाई करें जिसके द्वारा urin blader में सूजन या इन्फेक्शन समाप्त हो जाता है।
  • सुबह उठकर 1 लीटर पानी में एक नींबू तथा आधा चम्मच काला नमक डालकर पिएं। जिससे आपकी urin blader में infaction में काफी आराम मिलेगा।
  • विटामिन सी वाली सब्जियां और फ्रूट का सेवन करें जिसके द्वारा पेशाब संबंधी बीमारी दूर हो जाएगी।
  • यदि आप महिला हैं तो संभोग करने के पहले और संभोग करने के बाद यूरिन ब्लैडर को खाली करें ताकि जीवाणु अंदर मैं प्रवेश ना कर सके।
  • पानी अधिक से अधिक पिएं ताकि संक्रमण करने वाले बैक्टीरिया पेशाब नली के द्वारा बाहर निकल जाए। यदि हम पानी अधिक पिएंगे तो पेशाब भी ज्यादा से ज्यादा होगा इसलिए पेशाब के साथ कीटाणु भी हमारे शरीर से बाहर निकल जाएंगे और ब्लैडर में या नली में इन्फेक्शन से आराम मिलेगा।
  • नारियल का पानी  पिए क्योंकि नारियल की तासीर बहुत ठंडी होती है जो यूरिन ब्लैडर में जाकर बहुत ही आराम पहुंचाती है।
  • खीरे का जूस पीएं जो हमारे किडनी से होते हुए पेशाब की थैली में जाकर इंफेक्शन को कम करता है तथा सूजन से राहत दिलाने में मदद करता है।
  • करोंदे का जूस goosbery juice पीने से पेशाब संबंधी समस्या समाप्त हो जाती है।
  • ज्यादा तीखा अथवा खट्टी मीठी खाद्य पदार्थ का सेवन ना करें क्योंकि इन पदार्थों के द्वारा भी हमारे पेशाब में जलन अथवा थैली में सूजन या संक्रमण की समस्या उत्पन्न होती है।

पेशाब की थैली में कैंसर के लक्षण peshab ki thaili mein cancer ke lakshan

पेशाब की थैली एक प्रकार की मांस की झिल्ली नुमा हमारे शरीर में स्थित होती है जिसमें कोई भी तरल पदार्थों का सेवन करने के बाद वह पाचन क्रिया के पश्चात इस थैली में आकर एकत्र हो जाती है जिसे हम urin blader या पेशाब की थैली कहते हैं। कभी-कभी मूत्राशय कोशिकाओं का असामान्य विकास होने के कारण इनमें कैंसर हो जाता है, जिसके कारण तमाम लोगों की मृत्यु हो जाती है अतः समय रहते इसका इलाज कराना अत्यंत आवश्यक है। हमें कैसे पता चले कि हमें urine bladder का कैंसर है इसके कुछ लक्षण होते हैं जिनका जिक्र में करने वाला हूं। इन लक्षणों के द्वारा आप पता लगा सकते हैं की आपको मूत्राशय में कैंसर है अथवा नहीं है।
  1. अधिक देर तक पेशाब करना।
  2. पेशाब के दौरान अत्यधिक कष्ट महसूस करना।
  3. पेशाब में खून आना।
  4. पेशाब करते समय जलन महसूस करना।
  5. पेट के निचले हिस्से मैं पेडू और पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना।
  6. पेशाब का बूंद बूंद का होना।
  7. भूख ना लगना तथा पेट में बार-बार चिलकन होना।
अतः अगर आप में भी इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है। मूत्राशय कैंसर होने के कुछ अनेक प्रकार के कारण होते हैं। 

Blader cansar के कारण

  1. अधिक उम्र का होना मूत्राशय के कैंसर का मुख्य कारण है।
  2. धूम्रपान का सेवन करने से मूत्राशय में कैंसर का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
  3. केमिकल युक्त भोजन करने से हमारे शरीर में कैंसर के जीवाणुओं का विकास तेजी से होने लग जाता है।
  4. महिलाओं में aborsan करवाने के कारण उनमें कुछ खराब रक्त और मांस रह जाते हैं जिनके कारण मूत्राशय में कैंसर हो सकता है अतः aborsan यदि आप दवाई से करते हैं तो आपको पूर्ण रूप से सफाई कराना अत्यंत आवश्यक है।

ब्लैडर कैंसर का इलाज bladder cancer ka ilaj

यूरिन ब्लैडर में कैंसर की स्थिति होने पर हमें तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए तथा उनसे सलाह लेना चाहिए कि आगे हमें क्या करना चाहिए। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं हुआ तो यह अत्यंत भयानक रूप ले सकते हैं और जानलेवा भी हो सकते हैं। इसके उपचार के लिए किए जाने वाले कुछ टेस्ट है जिनके माध्यम से पता लगाया जाता है कि ब्लैडर कैंसर है अथवा नहीं।
  • Sistoscop के जरिए पता लगाया जाता है कि ब्लैडर कैंसर है अथवा नहीं Sistoscop एक प्रकार की मशीन है जो ट्यूब सी होती है और वह योनि के माध्यम से अंदर डालकर एक कैमरे के जरिए अंदर के जीवाणु का निरीक्षण किया जाता है जिससे यह पता लग जाता है कि कैंसर है अथवा नहीं।
  • Ultrasound के माध्यम से हमारे ब्लैडर की तस्वीर ली जाती है तथा उसका निरीक्षण करके यह पता लगाया जा सकता है कि ब्लैडर में कैंसर की स्थिति है अथवा नहीं।
  • Urine test पेशाब की जांच के द्वारा यह पता लगाया जाता है कि पेशाब में कौन से जीवाणु की मात्रा अधिक है और पेशाब में ब्लड की मात्रा भी है अथवा नहीं क्योंकि इन जीवाणुओं को नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता इनका निरीक्षण करने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत होती है।
  • Amazing scan इस जांच में ब्लेंडर की एक अच्छी तस्वीर ली जाती है तथा उसको city scan मैं scan करके जांच की जाती है जिसके द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि कैंसर कोशिकाओं की मात्रा है अथवा नहीं।
  • यदि समय रहते ब्लड कैंसर का इलाज नहीं हो पाया तो यह जानलेवा भी हो सकता है अतः अनेक प्रकार से इसका इलाज किया जा सकता है।
  • दवाइयों के द्वारा ब्लैडर कैंसर ब्लैडर कैंसर का इलाज होता हैं। ब्लड कैंसर में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने वाली दवा का इस्तेमाल किया जाता है।
  • Operation के माध्यम से भी ब्लैडर कैंसर का इलाज संभव है। सर्जरी के माध्यम से कैंसर वाली जगह को मांस को काट कर निकाल दिया जाता है।

पेशाब में खून आना किस तरह का संकेत है(Peshab mein khoon aana kis tarah ka sanket hai )

आज मैं आप लोगों को बताने वाला हूं कि पेशाब में किन कारणों से खून आने लग जाता है ,और यह लक्षण किस बीमारी की तरफ इशारा करते हैं क्या यह नॉर्मल है ?या जानलेवा! आपको मैं बताना चाहूंगा की कभी-कभी पेट में हल्का दर्द के साथ पेशाब में रक्त आता है कभी-कभी रक्त इतनी कम मात्रा में आता है कि इसका नग्न आंखों से पता नहीं लगाया जा सकता इसलिए हमें urin test  कराना पड़ता है। परंतु कुछ मामलों में ऐसा भी होता है कि पेट में बिना दर्द हुए बिना किसी चिलकन के भी पेशाब में रक्त आना शुरू हो जाता है। इस blud को आप नग्न आंखों से पूरी तरह देख सकते हो क्योंकि इसमें पानी की मात्रा बहुत कम होती है और रक्त की मात्रा अधिक होती है। अगर आपको भी ऐसी समस्या है तो आप तुरंत सावधान हो जाएं क्योंकि यह आपके जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।

मेरे जीवन की सबसे भयानक घटना, “पेशाब में खून!”

Friends यह जानकारी मैं आपको अपनी persnal life में घटित हुई एक घटना की दे रहा हूं। जो मुझे आजीवन याद रहेगा। जब मैं मात्र 12 साल का था तो हमारे जीवन में ऐसी घटना हुई जिसका मुझे जीवन पर्यंत याद रहेगा। मैं आप लोगों को यह भी बताऊंगा कि जब हमारे पेशाब में खून आने लगा तो हमने इसका इलाज किस तरह से कराया। जिससे मैं आज भी सुरक्षित हूं। जब मैं 12 साल का था तो खाने पीने पर ध्यान न देने के कारण मैंने कुछ खट्टी मीठी खाद्य सामग्री ज्यादा खा ली। जिसके एक या 2 दिन बाद मुझे खून की पेशाब आना शुरू हो गया। एक बार पेशाब करते वक्त मैंने देखा की हमारा पेशाब कुछ लाल रंग का हो रहा है परंतु मैंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और ना ही किसी को बताया। मैंने सोचा यह तो normal ही है। दूसरी बार जब मैंने पेशाब किया तो पहले वाले से गहरा लाल रंग हुआ फिर मैंने अपने नानी नाना को यह बात बताई क्योंकि मैं अपने नानी नाना के घर पर ही रहता था। तीसरी बार जब मुझे पेशाब लगा तो वह बोले कि घर के आंगन में ही पेशाब करना है। तीसरी बार हमारे मूत्राशय से पूरी तरह लाल रंग का खून निकलने लगा और खून का पेशाब हुआ। यह पूरी तरह से खून ही था और कुछ देर बाद वह जमीन पर जम गया। मेरी नानी नाना यह देखकर बहुत घबरा गए उनके होश उड़ गए उन्है लगा कि मुझे कोई बहुत गंभीर बीमारी का लक्षण है। इसलिए मुझे तुरंत पास में रहने वाले एक डॉक्टर के पास ले गए की इसे किस बीमारी की खतरा हो सकती है। परंतु उस डॉक्टर के कुछ समझ में ना आने का कारण वह बोला कि इसे और अच्छे डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। शाम हो जाने के कारण मैं वापस घर पर आ गया। इस दौरान हमारे शरीर में कोई भी  पेट अथवा पेडू में कोई दर्द नहीं था। मैं एक स्वस्थ बच्चे की तरह घूम रहा था ,और खेल कूद रहा था। हमारे नानी नाना ने शाम को एक कटोरी गाय का घी गर्म करके हल्का ठंडा किया ,उसके बाद उसे पूरा पीने को कहा। मैं घी पाकर बहुत खुश हो गया क्योंकि घी मुझे बहुत ही पसंद है। मैंने एक ही सांस में घी का पूरा कटोरी खाली कर दिया। उसके बाद चौथी बार जब मुझे पेशाब हुआ तो वह सफेद था। परंतु घरवाले बहुत परेशान होने के कारण उन्हें लगा कि यह कोई गंभीर बीमारी हो सकती है, इसलिए डॉक्टर को दिखाना अच्छा रहेगा। मैंने city hospital मैं जाकर इसकी कुछ दवाइयां ली जो कोई खास नहीं थी normal ही थी। उसके बाद हमारे जीवन में कभी भी ऐसी घटना नहीं घटी और मैं अभी तक स्वस्थ हूं।
यह थी हमारे जीवन की एक ऐसी घटना जो इस पोस्ट से जुड़ी हुई थी अतः मैंने आपको के साथ यह घटना शेयर किया अगर आपकी भी जीवन में ऐसी घटना आए तो घी का इस्तेमाल करके या ठंडे पदार्थ का इस्तेमाल करके आप trai कर सकते हैं अन्यथा आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है क्योंकि यह मूत्राशय में कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। अधिकतर गर्म और जलन वाले पदार्थ खाने से बचे क्योंकि यह पदार्थ शरीर के अंदर जाके मूत्राशय में इंफेक्शन वाले कीटाणु पैदा करते हैं जिससे कैंसर का खतरा अधिक बढ़ जाता है।

पेशाब की नली में सूजन के लक्षण peshab ki nali mein Sujan ke lakshan

हमारे शरीर में जो भी तरल पदार्थ खाते पीते हैं वैसे भी पाचन क्रिया के पश्चात एक थैली में जाकर एकत्र हो जाते हैं जिससे urin blader कहते हैं urin blader से मूत्र को शरीर से बाहर निकालने के लिए एक नली होती है जिसे पेशाब की नली कहा जाता है। कभी-कभी इनमें bactiriya हो जाने के कारण इन में सूजन हो जाती है। यह बैक्टीरिया मलद्वार से प्रवेश करते हैं।तथा अन्य कारणों की वजह से भी इन में सूजन हो जाती है। ब्लैडर में यदि कोई infaction अथवा कोई खराबी है तो ब्लैडर के माध्यम से जीवाणु नली में आते हैं ,और उसे infactive कर देते हैं। जब इस नली में सूजन हो जाती है तो अनेक प्रकार के संकेत हमें मिलने लग जाते हैं। जैसे-
पेशाब करते वक्त दर्द का अनुभव करना
पेट और पेट के निचले हिस्से में दर्द तथा चिलकन का होना।
पेशाब का आवश्यकता से अधिक देर तक होना।
पेशाब करते समय जलन महसूस करना।
बार बार पेशाब का होना।
यह एक नॉर्मल बीमारी है जिससे यह अपने आप ठीक हो जाती है परंतु किसी किसी को यह बीमारी बार-बार होती रहती है। या किसी को लंबे समय तक हो जाती है। इस परिस्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। बैक्टीरिया नष्ट करने वाले एंटीबायोटिक्स दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए। पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए ताकि इनफेक्टिव कीटाणु मूत्र के साथ नली के बाहर निकल जाएं।

पेशाब की नली में दर्द हो तो क्या करें (peshab ki nali mein Dard Ho to Kya Karen)

हमारे शरीर में पेट के निचले भाग में स्थित एक झिल्ली नुमा एक थैली पाई जाती है जिसमें खाने पीने वाले सभी तरल पदार्थ पाचन क्रिया के पश्चात स्थली में एकत्र हो जाते हैं और यह थैली हमारे मूत्र को शरीर से बाहर निकालने का काम करती है। मूत्राशय से शरीर के बाहर तक एक नली होती है जिसके जरिए मूत्र को बाहर निकाला जाता है। कभी-कभी हानिकारक जीवाणुओं तथा bactiriya योनि के माध्यम से हमारे मूत्राशय की नली में प्रवेश कर जाते हैं जिनके कारण इन में infection हो जाते हैं और पेशाब करते समय इनमें चुभन और दर्द होने लग जाता है। यह एक सामान्य कारण है यह एक-दो दिन बाद अपने आप ठीक हो जाता है परंतु कभी-कभी यह ज्यादा लंबे समय तक हो जाता है उस समय हमें डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है कभी-कभी यह ठीक भी हो जाता है परंतु बार-बार होता रहता है तो हमें डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए।
  • हमें antybayotics दवाइयां खानी चाहिए क्योंकि antybayotics दवाइयां इंफेक्शन वाले की कीटाणुुओं को नष्ट कर देती हैं।
  • पानी हमें अधिक से अधिक पीना चाहिए क्योंकि यह पानी की कमी के कारण भी हो सकता है पानी अधिक पीने से पेशाब भी अधिक लगेगा जिसके कारण पेशाब के साथ साथ bactiriya के जीवाणु भी शरीर के बाहर निकल जाएंगे।
  • सुबह उठकर 1 लीटर पानी में एक नींबू का रस निचोड़ कर गोरा काला नमक डालकर इससे कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
  • यदि हमारे मूत्राशय की नली में सूजन अथवा इंफेक्शन है तो हमें विटामिन सी वाले fruits खाने चाहिए जैसे blackberry, stroberry, 🍋 lemon ,orange आदि खाना चाहिए।
  • शरीर के tempreter का जांच कराना चाहिए क्योंकि यह सूजन high-temperature के कारण भी हो सकता है।
  • भोजन में अत्यधिक लाल मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इनके द्वारा नली में जलन अथवा दर्द हो सकता है।
  • खीरा अधिक से अधिक खाना चाहिए क्योंकि खीरे की तासीर ठंडी होती है और पेशाब की नली में जाकर यह ठंडक पहुंचाती है।
  • नारियल का पानी पीना चाहिए क्योंकि नारियल का पानी ठंडा होता है था पीने में ही बड़ा स्वादिष्ट होता है यह इन्फेक्शन में काफी लाभदायक होता है।

डॉक्टर के पास कब जाएं when to go to the doctor

क्या यह लक्षण दिखाई देने पर हमें तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए? नहीं।
  •  हमे इस बात का कंफर्म करना चाहिए की यह लक्षण कुछ पेशाब संबंधी रोग के ही हैं अथवा अन्य बीमारी है।
  • मूत्राशय में सूजन, मूत्र नली में सूजन यह एक normal बीमारी है जो बैक्टीरिया के द्वारा infactive हो जाता है यह अपने आप ठीक हो जाता है। अगर कुछ दिन बीतने के बाद भी आपका यह problum ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है।
  • स्त्रियों में कभी-कभी मासिक धर्म आने से पहले पेडू में जलन और दर्द होता है, तो आप पहले यह पता करें कि कहीं पीरियड्स का टाइम तो नहीं आने वाला है अगर नहीं तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
  • कभी-कभी पेशाब कुछ दवाओं के कारण भी लाल हो जाता है या धुंधला हो जाता है तथा कुछ खाद्य पदार्थ जैसे चुकंदर खाने के कारण भी तो पेशाब लाल हो जाता है, अतः आपने इन सभी चीजों का सेवन नहीं किया है फिर भी पेशाब लाल धुंधला हो रहा है तो आपको डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है।
  • यह समस्या अगर आपको बार-बार हो रहा है तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है।
  • यदि आपको बिना दर्द हुए एकदम काला लाल रंग का रक्त आपके मूत्र नली के द्वारा बाहर आ रहा है तो तुरंत आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है अन्यथा यह आपके लिए जानलेवा हो सकता है।

निष्कर्ष conclusion

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के बाद हमें अत्यंत विश्वसनीय जानकारी मिलती है जिसके द्वारा समय रहते हम अपने पेशाब संबंधी रोग का निदान करा सकते हो क्योंकि यदि बीमारी जटिल हो जाए तो हमारे लिए बहुत बड़ा problum खड़ा कर सकते हैं इसलिए यदि हमें इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो हमें तुरंत डॉक्टर की सलाह देना चाहिए अथवा किसी पेशाब संबंधी sapeslist को दिखाना आवश्यक है। पेशाब में रक्त आना बहुत ही गंभीर बीमारी अथवा blader cancer की संकेत है। ऐसा संकेत मिलने पर हमें तुरंत किसी पेशाब संबंधी डॉक्टर को दिखाना आवश्यक है। यदि मूत्राशय में सूजन हो जाती है तो हम इस पोस्ट में बताए गए घरेलू उपचार के माध्यम से इसका उपचार कर सकते हैं तथा अंग्रेजी दवाइयों के भी सेवन के द्वारा इनका इलाज संभव है।
Disclaimer

हमारे द्वारा बताए गए दवाइयों और घरेलू उपचार का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के द्वारा ही करें। मैंने अपनी एक्सपीरियंस और पर्सनल लाइफ में घटित हुई घटना के कारण जो जानकारी प्राप्त हुआ है वह मैंने आप लोगों के साथ शेयर किया। आप किसी भी दवा अथवा घरेलू उपचार का प्रयोग करते हैं तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं हैं साइट ओनर्स की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

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