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प्रथा किसे कहते हैं (meaning of custom) प्रथा से आप क्या समझते हैं

 प्रथा किसे कहते हैं (the meaning of custom)

नमस्कार मेरे दोस्तों आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कैसे हो आप लोग आशा करता हूं कि आप सभी लोग बहुत अच्छे होंगे स्वस्थ होंगे। दोस्तों आज हम समाज के कुछ ऐसे पहलू के बारे में जानेंगे जो हमारे समाज में कदम कदम पर हमें देखने को मिलता है वह शब्द है प्रथा (custom)।

प्रथा की परिभाषा

हमारे समाज में जो रीति रिवाज व परंपरा समाज में पूरी तरह से मान्यता प्राप्त होती है उसे ही प्रथा (custom) कहते हैं। प्रथा हम उस सिस्टम को कहते हैं जिसको समाज द्वारा संरक्षित करके उसे पूर्ण मान्यता दी जाती है और वह सिस्टम पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होती रहती है। इसी पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही परंपरा को हम प्रथा कहते हैं।

प्रथा की प्रमुख विशेषताएं

प्रथा की कुछ अपनी विशेषताएं हैं जो निम्न प्रकार से हैं।

विश्वास (trust)

दोस्तों विश्वास trust एक ऐसा शब्द है जो पत्थर को भी भगवान बना सकता है तो दोस्तों प्रथा की सबसे बड़ी विशेषता विश्वास ही है

 समाज में रहने वाले हर लोगों को प्रथा पर बहुत ही विश्वास होता है उन्हें यकीन होता है कि हम इसके द्वारा बताए गए सिस्टम में अगर कार्य करते हैं तो हमारा नुकसान या बुरा कभी भी नहीं हो सकता तो दोस्तों विश्वास प्रथा की सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती है।

सामाजिक नियंत्रण (social control)

मेरे प्यारे दोस्तों प्रथा की सबसे अहम विशेषता में सामाजिक नियंत्रण भी आता है । प्रथा कोई संवैधानिक कानून नहीं होता यह हमारे पूर्वजों के द्वारा बनाया गया एक जन रीति है। जो हमारे समाज को नियंत्रित करता है। कोई भी मनुष्य प्रथा का उल्लंघन करने से डरता है उसमें कोई कानूनी कार्यवाही नहीं होती है फिर भी उसमें समाज से बहिष्कृत होने का डर रहता है तथा समाज में उसका निंदा होने का डर रहता है जिसके द्वारा समाज का सिस्टम सुधरा हुआ रहता है । लोग इसे दिल से स्वीकार करते हैं क्योंकि इसका उल्लंघन पूर्वजो का अपमान माना जाता है।

पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित

प्रथा वह परंपरा है जो पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती रहती है अर्थात जो हमारे पूर्वज करके गए हैं या जिस सिस्टम में हमारे पूर्वज कार्य करते थे हम भी उसी सिस्टम में कार्य करेंगे। और जो हम इसको इसी सिस्टम में अगर कार्य करेंगे तो हमारे आने वाले बच्चे भी इस सिस्टम कोही अपनाएंगे इस तरह यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है।

प्रथा के प्रकार

हमारे समाज में चलने वाली कुछ मुख्य प्रथाएं निम्न प्रकार की हैं ।
जाति प्रथा ,दहेज प्रथा ,बाल विवाह, विधवा विवाह निषेध, दास प्रथा, अंतरजातीय विवाह, आदि होते हैं।

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