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भारतीय संस्कृति पर एक निबंध लिखिए (write an essay of Indian culture)

 भारतीय संस्कृति पर निबंध लिखिए (write an essay of Indian culture)

नमस्कार मेरे बाबू और भैया, हमारे साइट पर आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
दोस्तों आज हम बात करेंगे भारतीय संस्कृति की जो हमें उठने बैठने बोलचाल रहन-सहन खानपान रीति रिवाज को समझाती है। भारतीय संस्कृति की विशेषताएं क्या है इनकी खासियत क्या है जिसके कारण यह अन्य देशों में भी अत्यंत व्यापक रूप से पाई जाती है तो जानने के लिए आप हमारे पोस्ट पर बने रहे।इस को सरल भाषा में समझने के लिए हम अलग-अलग भागों में बांट देते हैं जिससे आप लोगों को समझने में बहुत ही सहायता मिलेगी।

भूमिका(introduction)

भारतीय संस्कृति भारतीय संस्कृति बहुत ही प्राचीन संस्कृति है जो कि लगभग 5000 साल पुरानी है। भारतीय संस्कृति में भाइयों एक दूसरे के प्रति संबंध और प्रेम की भावनाओं को दर्शाता है। जो प्रेम और संबंध और एक दूसरे की मदद की भावना भारतीय संस्कृत में पाई जाती है वह अन्य किसी देशों में नहीं पाई जाती है।

भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं(main features of Indian culture)

भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं निम्न प्रकार की है।

1-अनेकता में एकता(unity in diversity)

भारतीय संस्कृति में सबसे बड़ी बात यह है कि यहां अनेकता में एकता पाई जाती है हमारे भारत में 16 तरह की भाषाएं बोली जाती हैं तथा अनेक उप भाषाएं भी हैं। हमारे यहां तमाम राज्यों की अलग-अलग रहन सहन वेशभूषा अलग अलग है परंतु इन सब के अलग-अलग होने के बावजूद भी हम सिर्फ भारतीय हैं। यह संस्कृति हमें यह दर्शाता है कि हम एक भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। भारत में क्षेत्र क्षेत्र और राज्य और राज्य के बीच में अनेक भिन्नता देखने को मिलती है परंतु यह भिन्नता हमारी भारतीय संस्कृति का एक विशेष अंग है जो यह दर्शाता है की हम अलग अलग नहीं बल्कि सिर्फ भारतीय भी हैं।

2-एक प्राचीन संस्कृति(old culture)

भारतीय संस्कृति बहुत ही प्राचीन संस्कृति है जिसमें हड़प्पा सभ्यता और सिंधु सभ्यता का भी समावेश है। भारतीय संस्कृति लगभग 5000 साल पुरानी है। भारतीय संस्कृति सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी इसका बहुत महत्व है। भारतीय संस्कृति प्राचीन होने के कारण इसमें तमाम सभ्यताओं रीति-रिवाजों संस्थाओं का गुण विद्यमान है।

3-प्रेम व सौहार्द(love and harmony)

भारतीय संस्कृति प्रेम तथा सौहार्द की भावनाओं से ओतप्रोत है। भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता प्रेम ही है जोकि अन्य देशों में नहीं पाई जाती। भारतीय संस्कृति में संबंधों को बहुत ही महत्व दिया जाता है जिसे बांधने की कड़ी को ही हम प्रेम कहते हैं। अगर संबंधों में प्रेम नहीं है तो वह संबंध ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकता अतः संबंध में प्रेम का होना अति आवश्यक है। भारतीय समाज में यह प्रचलन है कि यदि घर का कोई भी मनुष्य या परिवार एक दूसरे से अलग होता है तो वह एक दूसरे के साथ गले मिलते हैं और उनकी आंखें नम हो जाती हैं तथा उन्हें छोड़ने के लिए वह कुछ दूर उनके साथ चल कर जाते हैं यह सिर्फ प्रेम के कारण ही होता है। भारतीय संस्कृति में अपनत्व की भावना काफी दिखाई देना को मिलती है जो कि अन्य देशों में बिल्कुल भी नहीं है।

4-दया भाव(kindness)

 दया भाव एक ऐसा ही भाव है जोकि मनुष्य के हृदय में होता है। यह सिर्फ भारतीय सभ्यता में ही पाया जाता है। दया की भावना सिर्फ मनुष्य के प्रति नहीं अपितु पशु पक्षी जानवर कीड़े आदि के  प्रति भी होना चाहिए। जिस मनुष्य के अंदर दया भाव नहीं होती वह मनुष्य जानवर से भी अंतर होता है क्योंकि जानवर के अंदर भी दया भाव होता है परंतु मनुष्य कितना बड़ा दिमाग नहीं होता है इसी के कारण इन्हें पशु का नाम दिया गया है पर हम तो मनुष्य हैं हमें सभी के साथ एक मनुष्य होने के नाते दया का बर्ताव करना चाहिए।

5-धर्म और रीति-रिवाजों का समावेश(incorporation of custom and religion)

भारतीय संस्कृति में धर्म और रीति-रिवाजों का पूर्ण समावेश है जो हमें एक अच्छे रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती है तथा बुरे कर्मों से दूर रहने का ज्ञान प्रदान करती है। धर्म के द्वारा हमारी संस्कृति हमें जीवन जीने की कला को सिखाती है तथा अंत में मुक्ति की प्राप्ति का रास्ता बतलाती है जिसके कारण हमें इस लोक और परलोक में स्थान प्राप्त होता है। घर में ही है जो हमें पारलौकिक जीवन का दर्शन कराते हुए हमें भवसागर से पार करने का रास्ता बतलाती है।

6-विस्तृत आकार(big area)

हमारा भारत कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक उत्तर में हिमालय पर्वत से दक्षिण में समुद्र तट फैला हुआ है। जिसमें मनुष्यों के और पशुओं के अनुकूल जलवायु पाई जाती है। भारत में अधिकतर क्षेत्रों में ठंड गर्मी और बरसात बराबर मात्रा में होती है जो मनुष्यों के रहने के लिए अनुकूल जलवायु है। अन्य देशों में या तो गर्मी अधिक है या तो अत्यधिक ठंड होती है जो इंसान और पशु के प्रतिकूल होता है। और इस विस्तृत आकार में भारतीय संस्कृति अपना पूर्ण प्रभाव डालती है।

7-महापुरुषों का जन्म (birth of great men)

भारत में अनेक महापुरुषों का जन्म हुआ है जो भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा देने का काम किया है। जैसे सूरदास, तुलसीदास, कबीर दास दयानंद सरस्वती ,स्वामी विवेकानंद, गुरु नानक महावीर स्वामी, महात्मा बुद्ध इत्यादि महापुरूषों ने जन्म लिया है। जिनके कारण भारत भूमि धन्य हो गई है। इन महापुरुषों के जन्म सिर्फ भारत में ही क्यों हुए हैं क्योंकि प्रकृति को भी भारत की जलवायु सभ्यता और संस्कृति अत्यंत प्रिय है जिसके कारण अनेक महापुरुषों और भगवान का भी अवतार से भारत देश में ही होता है।

8-कृषि प्रधान देश (agriculteral cuntry)

भारत एक कृषि प्रधान देश है भारत में लगभग 70% जनसंख्या सिर्फ कृषि पर ही निर्भर है। जिसके द्वारा हमारे देश में हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है कृषि के द्वारा पेड़ पौधे भी लगाए जाते हैं जो हमारे देश के जलवायु  को नियंत्रित करती है।

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