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वाक्य किसे कहते हैं वाक्य कितने प्रकार के होते हैं।vakya kise kahte hai,vakya ke prakar in Hindi.

 वाक्य किसे कहते हैं वाक्य कितने प्रकार के होते हैं।vakya kise kahte hai,vakya ke prakar in Hindi.

नमस्कार दोस्तों, हमारे वेबसाइट पर आप लोगों का बहुत-बहुत स्वागत है आज हम हिंदी व्याकरण से प्रश्न लेकर आए हैं जो है वाक्य किसे कहते हैं तथा यह कितने प्रकार के होते हैं। हिंदी व्याकरण में वाक्य सबसे बड़ा अंग माना जाता है क्योंकि सर्वप्रथम वाक्य से ही किसी भी लेखन निर्माण होता है। इसलिए आपको हिंदी व्याकरण के संपूर्ण ज्ञान के लिए सबसे पहले वाक्य को समझना आवश्यक है। आज के इस आर्टिकल में हमने वाक्य से जुड़े हुए अनेक प्रश्नों के बारे में जैसे वाक्य किसे कहते हैं। वाक्य की परिभाषा क्या है।वाक्य के प्रकार कितने होते हैं वाक्य के सभी प्रकारों का बहुत ही विस्तार और उदाहरण सहित वर्णन किया गया है। अतः वाक्य से जुड़े हुए इन सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से जानने के लिए हमारे पोस्ट को पूरा पढ़ें जिससे आपको अच्छी तरह समझ में आ जाएगा कि वाक्य क्या है।

वाक्य किसे कहते हैं vakya kise kahate Hain

दो या दो से अधिक शब्दों का वह समूह जिससे पूरा पूरा सार्थक अर्थ निकलता हो वाक्य कहलाते हैं। वाक्य में करता कर्म क्रिया इन तीनों के मेल से एक सार्थक अर्थ निकलता है। सामान्य शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि शब्दों का एक ऐसा सुव्यवस्थित समूह जिससे कोई सार्थक अर्थ निकलता हो उसे वाक्य कहते हैं उदाहरण के लिए-कैलाश स्कूल जाता है। यह वाक्य एक सार्थक वाक्य कहलाएगा क्योंकि इसका पूरा पूरा अर्थ निकलता है। वाक्य के 2 अंग होते हैं।
उद्देश्य
प्रत्येक वाक्य में उद्देश्य का होना अत्यंत आवश्यक है उद्देश्य को हम करता भी कर सकते हैं। राम खा रहा है। इस वाक्य में “राम” उद्देश्य कहलाएगा।
विधेय
उद्देश्य और विधेय से मिलकर एक वाक्य बनता है विधेय को सामान्य रूप में क्रिया भी कहते हैं।
आपने ऊपर के वाक्य में जैसे-राम खा रहा है। इस वाक्य में राम उद्देश्य तथा “खा रहा है”विधेय कहलाएगा। इस तरह से उद्देश्य और विधेय को मिलाकर एक वाक्य बन जाता है कि यदि यह दोनों नहीं है तो वाक्य का निर्माण सार्थक नहीं हो पाता है।

वाक्य के प्रकार types of sentence

वाक्य के बारे में अधिक विस्तार से जानने के लिए वाक्य के प्रकार को जाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि आपने देखा होगा की कई तरह के वाक्य होते हैं जिन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है अतः आप लोगों को मैं उदाहरण सहित बताऊंगा जिससे आप को पूर्ण रूप से समझ में आ जाएगा कि वाक्य के कितने प्रकार हैं और प्रत्येक प्रकार के बारे में बहुत ही बारीकी और विस्तार से बताने वाला हूं चलिए देखते हैं वाक्य के कितने प्रकार होते हैं। वाक्य के प्रकारों को मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त किया गया है।
  • रचना के आधार पर
  • अर्थ के आधार पर

1-रचना के आधार पर वाक्य के प्रकार Rachna ke Aadhar par vakya ke prakar

रचना के आधार पर वाक्य के प्रकारों को मुख्य रूप से तीन भागों में विभक्त किया गया है।
1-साधारण वाक्य simple sentence
ऐसे वाक्य जिनमें सिर्फ एक ही करता तथा एक ही क्रिया हो साधारण वाक्य कहलाता है। इस वाक्य का अर्थ बड़ी ही आसानी से समझ में आ जाता है। जैसे-राकेश पढ़ रहा है। इस वाक्य में आप लोग देख सकते हैं कि इसमें एक ही करता जो “राकेश” है। एक ही क्रिया है वह “पढ़ रहा” है। अतः इस तरह के वाक्य साधारण वाक्य कहलाते हैं। साधारण वाक्य को सरल वाक्य भी कहा जाता है। साधारण वाक्य के उदाहरण-
  • राजू घर जा रहा है।
  • दिनेश अखबार पढ़ रहा है।
  • रमेश स्कूल जा रहा है।
2-मिश्रित वाक्य compound sentence
जिन वाक्यों में एक से अधिक साधारण वाक्य सम्मिलित हो मिश्रित वाक्य कहलाते हैं। मिश्रित वाक्य में एक तो मुख्य वाक्य होता है तथा दूसरा उपवाक्य होता है जो मुख्य वाक्य पर आश्रित होता है। इन वाक्यों में ज्यो,त्यों,यद्यपि, जैसा, वैसा, यदि, अगर, मगर इत्यादि शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के वाक्यों का पहचान करना बहुत ही आसान होता है आइए हम आपको कुछ उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं।
  • मैं घर जा रहा था वैसे रास्ते में गाड़ी खराब हो गई।
  • जैसे ही राकेश ने गाना गाया वैसे सारी महफिल उसकी दीवानी हो गई।
  • मैं मानता हूं कि आपके साथ गलत हुआ है।
  • उस दुकान पर जो औरत दिख रही है वह मेरी मां है।
3-संयुक्त वाक्य compound sentence
ऐसे वाक्य जिनमें दो या दो से अधिक साधारण वाक्य या मिश्र वाक्य सम्मिलित हो,संयुक्त वाक्य कहलाते हैं। संयुक्त वाक्य में दोनों ही उपवाक्य मुख्य होते हैं। अतः यह एक दूसरे पर आश्रित नहीं होते हैं। इस तरह के वाक्य संयुक्त वाक्य कहलाते हैं। इन वाक्यों में लेकििन, किंतु परंतु, अथवा ,फिर, एवं , इत्यादि शब्द आते हैं। संयुक्त वाक्य कहलाते हैं।
संयुक्त वाक्य के उदाहरण –
  • मैं पढ़ने जा रहा था लेकिन मेरी साइकिल खराब हो गई 
  • कल वह मेरे घर आया था लेकिन वह तुरंत वापस हो गया था।
  • कल मैं दिल्ली जा रहा हूं पर जल्दी वापस आ जाऊंगा।

2-अर्थ के आधार पर वाक्य के प्रकार Arth ke Aadhar per vakya ke prakar

रचना के आधार पर वाक्य के तीन प्रकारों के बारे में उदाहरण सहित हमने पढ़ा और अब आगे हम जानेंगे कि अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने प्रकार होते हैं। अर्थ के आधार पर सभी वाक्यों के एक चिन्ह होते हैं जो उस वाक्य की पहचान कराते हैं।अर्थ के आधार पर वाक्य को मुख्य रूप से आठ भागों में विभक्त किया गया है जो निम्नलिखित हैं।
  1. विधानवाचक वाक्य legislative sentence
  2. निषेधवाचक वाक्य negative sentence
  3. प्रश्नवाचक वाक्य Interrogative sentence
  4. आज्ञा वाचक वाक्य command sentence
  5. विस्मय बोधक वाक्य exclamatory sentence
  6. संकेतवाचक वाक्य indicative sentence
  7. इच्छा वाचक वाक्य wish sentence
  8. संदेहवाचक वाक्य doubtfull sentence

1-विधानवाचक वाक्य legislative sentence

जिन वाक्यों में किसी कार्य के होने का पता चलता है। अर्थात किसी मुख्य बात के बारे में सूचना मिलती है उसे विधानवाचक वाक्य कहा जाता है। इन वाक्यों को विधि वाचक वाक्य भी कहा जाता है। जैसे-

  • भारत की राजधानी दिल्ली में है।
  • किशोर गाना गाएगा।
  • राधिका ने पढ़ाई कर ली है।
इस तरह के वाक्य विधानवाचक वाक्य कहलाते हैं।

2-निषेधवाचक वाक्य negative sentence

ऐसे वाक्य जिनमें कोई भी कार्य नहीं होने की सूचना प्राप्त होती हो। निषेधवाचक वाक्य कहलाते हैं। इन वाक्यों को नकारात्मक वाक्य भी कहा जाता है। सरल शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि इन वाक्यों के द्वारा हमें कोई भी कार्य का नहीं होने का बोध होता है। निषेधवाचक वाक्य के उदाहरण-
  • राम ने खाना नहीं खाया है।
  • सोहन स्कूल नहीं जा रहा है।
  • मैं आज खाना नहीं खाऊंगा।
  • मैं कहीं भी घूमने नहीं जाऊंगा।

3-प्रश्नवाचक वाक्य Interrogative sentence

ऐसे वाक्य जिनके द्वारा कुछ पूछा जाता है यह प्रश्न किया जाने का बोध होता है ऐसे वाक्य प्रश्नवाचक वाक्य कहलाते हैं। प्रश्नवाचक वाक्य पूर्ण होने के पश्चात प्रश्नवाचक चिन्ह ? लगाया जाता है जो हमें प्रश्नवाचक वाक्य होने का बोध कराते हैं। प्रश्नवाचक वाक्य में क्या, कब, कैसे, क्यों इत्यादि शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।प्रश्नवाचक वाक्य के उदाहरण-
  • तुम खाना क्यों नहीं खा रही हो?
  • तुम स्कूल क्यों नहीं जा रहे हो?
  • राकेश आज घर पर क्या कर रहा है?
  • दिनेश घर कब आया है?

4-आज्ञा वाचक वाक्य command sentence

ऐसे वाक्य जिनमें किसी को आदेश देने का बोध होता है आज्ञा वाचक वाक्य कहलाते हैं। इन वाक्यों में एक व्यक्ति के द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति को आज्ञा दी जाती है इस तरह के वाक्य आज्ञा वाचक वाक्य कहलाते हैं।
आजा वाचक वाक्य के उदाहरण-
  • तुम घर जाओ।
  • कृपया शांति बनाए रखें।
  • तुम्हें खाना खाना पड़ेगा।
  • जाकर बर्तन साफ करो।
  • तुम जल्दी यहां आओ।

5-विस्मय बोधक वाक्य exclamatory sentence

ऐसे वाक्य जिनके द्वारा आश्चर्यचकित किया जाए या आश्चर्यचकित होने का बोध हो वह विस्मय बोधक वाक्य कहलाते हैं। विस्मय बोधक वाक्यों में ओह!अरे! वाह! इत्यादि शब्दों का प्रयोग किया जाता है। कभी-कभी इन शब्दों का प्रयोग नहीं भी होता है फिर भी वह वाक्य आश्चर्यचकित करते हैं तो वह विस्मय बोधक वाक्य कहलाते हैं।
विस्मय बोधक वाक्य के अंत में विस्मय वाचक चिन्ह ! लगाया जाता है ।  जिससे विस्मय वाचक वाक्य का पहचान करना बहुत ही आसान हो जाता है।
विस्मय वाचक वाक्य के उदाहरण-
  • अरे! कितना सुंदर महल है।
  • अरे वाह! क्या सब्जी बनाई है।
  • उफ़! यह कैसे हो गया।

6-संकेतवाचक वाक्य indicative sentence

जब वाक्य में दो क्रियाएं होती हैं और दूसरी क्रिया पहली क्रिया के ऊपर निर्भर होती है तो वहां पर संकेतवाचक वाक्य होता है।
संकेत वाचक वाक्य के उदाहरण-
  • तुम दवा खा लो जिससे तुम्हारी तबीयत ठीक हो जाए।
  • तुम घर पर ही रहो ताकि तुम्हारी पढ़ाई बर्बाद ना हो।
  • अच्छा खाना खाओगे तो तुम स्वस्थ रहोगे।
  • तुम अच्छे से पढ़ाई करते तो शायद पास हो सकते थे।

7-इच्छा वाचक वाक्य wish sentence

ऐसे वाक्य जिनमें कोई इच्छा व्यक्ति होने की बोध हो या कोई कामना की जाए वह इच्छा वाचक वाक्य कहलाते हैं।
इच्छा वाचक वाक्य के उदाहरण-
  • भगवान तुम्हें सदा सुखी रखे।
  • आपकी उम्र लंबी हो।
  • आप जरूर पास होंगे।
  • आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।
इस प्रकार के वाक्यों को इच्छा वाचक वाक्य किया जाता है क्योंकि इन वाक्यों में पूर्ण रूप से अपनी इच्छा को व्यक्त किया जा रहा है।

8-संदेहवाचक वाक्य doubtfull sentence

आशीर्वाद की जिनमें कोई संभावना या संदेश व्यक्ति की जाए। या किसी कार्य में संदेश या भ्रम हो ऐसे वाक्य संदेह वाचक वाक्य कहलाते हैं।
संदेह वाचक वाक्य के उदाहरण-
  • शायद आपकी तबीयत ज्यादा खराब है।
  • लगता है आज धूप नहीं निकलेगा।
  • शायद उसे जहर दिया गया है।
  • लगता है राजू फेल हो जाएगा।

निष्कर्ष conclusion

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के पश्चात यह निष्कर्ष निकलता है कि वाक्य को मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त किया गया है जिसमें रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं और अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं। अतः इन सभी वाक्यों के बारे में उदाहरण सहित विस्तार से हमने इस पोस्ट में पढ़ा और समझा है। यह पोस्ट पढ़ने के पश्चात यदि हमें कोई वाक्य दिखाई देता है तो हम बड़ी आसानी से यह समझ सकते हैं कि यह किस प्रकार का वाक्य है अतः इन्हें सही ढंग से समझने के लिए कुछ प्रश्न उत्तरों पर ध्यान देना आवश्यक है।

प्रश्न1-वाक्य की परिभाषा क्या है?

उत्तर-शब्दों का ऐसा सुव्यवस्थित समूह जिनके द्वारा उसका कोई सार्थक अर्थ निकलता है वाक्य कहलाते हैं।

प्रश्न 2-“आपकी मुझ से क्या दुश्मनी है?” यह किस प्रकार का वाक्य है?

उत्तर-प्रश्नवाचक वाक्य है।

प्रश्न 3-वाक्य का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर-कर्ता ,कर्म, क्रिया के सुव्यवस्थित ढंग से मिलाकर वाक्य का निर्माण होता है।

प्रश्न 4-मिश्रित वाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर-जिनमें दो या दो से अधिक उपवाक्य हो, और दूसरा वाक्य पहले वाक्य पर आश्रित हो वह मिश्रित वाक्य कहलाता है।

प्रश्न 5-“राम घर जा रहा है” इस वाक्य में उद्देश्य और विधेय क्या है?

उत्तर-इस वाक्य में राम उद्देश्य है और जा रहा विधेेय है।
Disclaimer
यह पोस्ट हमने अध्ययन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक लिखा है अगर इस में कोई त्रुटि दिखाई देती है तो मुझे माफ करें और कृपा करके हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें जिससे मैं अपनी त्रुटियां सुधार सकूं।
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