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संस्कार केप्रमुख विशेषताएं क्या होती हैं(meaning of sacraments) संस्कार क्या होता है

संस्कार क्या है (what is the sacraments)

नमस्कार दोस्तों आप लोग कैसे हो आप लोगों का हमारे साइट पर आने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद आशा करता हूं कि आप लोग खुश होंगे वह स्वस्थ होंगे दोस्तों हमारे जीवन में संस्कार sacraments बहुत ही एक अहम शब्द है। जो हमें कदम कदम पर देखने को मिलता है। हम कहीं भी किसी भी समाज में जाते हैं तो वहां हमारी नहीं बल्कि हमारे संस्कारों का आदर किया जाता है। अगर हमारे संस्कार अच्छे हैं तो लोग हमें एक अच्छा आदर सत्कार देते हैं और अगर हमारे संस्कार अच्छे नहीं हैं तो हमारा समाज में कोई भी इज्जत नहीं करता तो दोस्तों आप लोग जानेंगे कि संस्कार की प्रमुख विशेषताएं क्या होते हैं।संस्कार की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं जो आप कई पहलुओं में समझेंगे।

धार्मिक गतिविधियां

मेरे भाइयों संस्कार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूर्णतया धर्म से संबंधित होता है। जिसका जैसा धर्म होता है उसका वैसे ही संस्कार दिया जाता है। हर संस्कार में गर्भाधान से लेकर और अंत्येष्टि संस्कार तक सभी संस्कारों में धार्मिक गतिविधियां पाई जाती हैं बिना पूजा पाठ बिना देवी देवता बिना दान दिए कोई भी संस्कार संभव नहीं है। भाइयों अब तो आप समझ गए होंगे की संस्कार की सबसे अहम विशेषता जो है वह यह है की संस्कार पूर्णतया धर्म से संबंधित होता है।

सामाजिक संबंध(social relations)

भाइयों संस्कार की विशेषताएं अच्छे से समझने के लिए हमारे साइट पर बनी रहे और हमारे पोस्ट को ध्यानपूर्वक पढ़ें अगर आपको समझ में ना आए तो हमें कमेंट में लिख कर जरूर बताना मैं आपकी समस्या का समाधान करूंगा ।चलिए अब मैं पॉइंट पर आता हूं। हमारा पॉइंट है संस्कार ,तो दोस्तों आपने देखा होगा कि समाज में संस्कारों का कितना महत्त्व होता है।

 जैसे कि एक ब्राह्मण घर का आदमी है, अगर उसका उपनयन संस्कार नहीं होता है तो वह ब्राम्हण के समाज से पृथक रहता है, तो दोस्तों इस तरह से सभी संस्कार का हमारे समाज में बहुत ही महत्व है तथा समाज से यह पूर्णतया संबंधित होते हैं।

आंतरिक शक्तियों का विकास

भाइयों संस्कारों के द्वारा ही हमारी आंतरिक शक्तियों का विकास होता है हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पूजा, पाठ ,दान, इत्यादि करने से अपने से बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होता है जिसके कारण हमारे अंदर की जो टैलेंट होती है उसका विकास संभव हो पाता है इसलिए संस्कार का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व होता है।

क्रमबद्ध विकास

भाइयों संस्कारों के द्वारा ही हमारा क्रमबद्ध विकास संभव हो पाता है। हमारा गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि संस्कार तक एक क्रम के हिसाब से ही सारे संस्कार होते हैं जैसे गर्भधारण के समय गर्भाधान संस्कार , जन्म जब होता है तब जन्म संस्कार 25 वर्ष की आयु में उपनयन संस्कार आदि क्रमबद्ध तरीके से मनुष्य के विकास को बढ़ाते हैं। दोस्तों एक अच्छे संस्कार वाले मनुष्य का क्या लक्षण होता है आगे हम इसके बारे में जानेंगे तो आप हमारे पोस्ट पर बने रहिए।

एक संस्कारी पुरुष के लक्षण

भाइयों हमारे समाज में बहुत तरह के लोग होते हैं जिन्हें हम समझ नहीं पाते हैं की यह किस तरह का मनुष्य है तो आज हम समझेंगे कि कैसे पता करें की यह मनुष्य अच्छा है या बुरा एक संस्कारी पुरुष के क्या लक्षण होते हैं उनकी कैसे आदतें होती हैं इससे उन्हें पहचाना जा सके कि यह एक अच्छा संस्कार का आदमी है।

बड़ों का सम्मान

एक संस्कारी पुरुष को देखकर यह पता  लग सकता है की यह अच्छा है या नहीं, जो संस्कारी पुरुष होगा वह अपने से बड़ों का आदर भाव करेगा वह अपने से बड़ों का सम्मान करने में जरा सा भी हिचकिचाहट अथवा संकोच नहीं करता है तो यह लक्षण है एक संस्कारी पुरुष के।

विनम्र

एक संस्कारी पुरुष का सबसे बड़ा लक्षण यह होता है कि वह नम्र स्वभाव का होता है वह सभी के साथ विनम्रता पूर्वक व्यवहार करता है । एक संस्कारी पुरुष क्रूर स्वभाव का नहीं हो सकता। और एक क्रूर स्वभाव का पुरुष संस्कारी नहीं हो सकता अतः संस्कारी पुरुष का एक लक्षण विनम्रता भी है।

दृढ़ प्रतिज्ञ

एक संस्कारी पुरुष दृढ़ प्रतिज्ञ प्रकृति का स्वामी होता है। उससे कोई भी कठिनाई विचलित नहीं कर सकती है। एक संस्कारी व्यक्ति जो दृढ़ निश्चय कर लेता है वह करके ही सांस लेता है और पीछे हटने का तो नाम ही नहीं है। तो दोस्तों आपको पोस्ट पढ़कर कैसा लगा आप लोग कमेंट में जरूर बताएं।

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