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सजीव किसे कहते हैं।Sajiv kise kahate Hain in Hindi. rstbox

 सजीव किसे कहते हैं।Sajiv kise kahate Hain in Hindi. rstbox

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं ,आप लोग आज के पोस्ट जीव विज्ञान(biology )से जुड़ी हुई जानकारी लेकर आए हैं, जो कि हमारा प्रश्न है की सजीव किसे कहते है। सजीव को अंग्रेजी animate भी कहा जाता है।सजीव के बारे में जानकारी पाने के लिए हमारे पोस्ट पर बने रहे तथा पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। क्योंकि हम लेकर आए हैं सभी विद्यार्थियों  लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न जोकि सजीव किसे कहते हैं तथा उससे जुड़े हुए अन्य सवाल जैसे सजीव तथा निर्जीव में क्या अंतर है ,सजीव के क्या उदाहरण हैं, निर्जीव के उदाहरण ,सजीव कितने प्रकार के होते हैं आदि तमाम प्रश्नों के उत्तर आज के पोस्ट में आप लोग जानेंगे।
सजीव मुख्य रूप से दो शब्दों से मिलकर बना है पहला शब्द है”  “जिसका अर्थ है “सहित” तथा दूसरा शब्द है “जीव” जिसका अर्थ है जिसमें “जान” हो अर्थात जिसमें जान या प्राण हो उसे सजीव कहते हैं। सजीव के अंतर्गत हम जो भी स्वसन क्रिया करते हैं तथा अपने विकास के लिए या अपने शारीरिक विकास के लिए भोजन तथा जल और अन्य ऊर्जा ग्रहण करते हैं उन्हें हम सजीव कहते हैं। सजीव अपने वंश वृद्धि के लिए प्रजनन क्षमता रखते हैं जो प्रजनन के द्वारा अपने वंश वृद्धि करने में सक्षम होते हैं यह सजीव की एक मुख्य विशेषता होती है।

सजीव के प्रकार sajeev ke prakar

सजीव के बारे में पूर्ण जानकारी लेने के लिए सबसे पहले यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि सजीव कितने प्रकार के होते हैं? आपने हमारे ऊपर की पोस्ट में पड़ा की सजीव किसे कहते हैं अर्थात जिसने जिंदगी जीने की क्षमता होती है तथा प्रजनन के द्वारा अपने वंश वृद्धि करने की क्षमता होती है उन्हें सजीव कहा जाता है सजीव का शाब्दिक अर्थ जिसमें जान होती है उसे सजीव कहा जाता है सजीव मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं।
  1. जंतु
  2. पादप
जंतु सजीव को मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त किया गया है जिसमें पहला जंतु है जंतु के अंतर्गत सभी छोटे-मोटे कीड़े मकोड़े चींटी बिल्ली मनुष्य आदि सम्मिलित है यानी सभी प्रकार के जंतु व जीवजो श्वसन क्रिया करने में सक्षम है तथा किसी न किसी रूप में ऊर्जा प्राप्त करके अपने शरीर तथा वंश का संचालन करने में सक्षम है वह जंतु के अंतर्गत आते हैं।
पादप के अंतर्गत सभी पेड़ पौधे आदि सम्मिलित किए जाते हैं जिसमें छोटे बड़े सभी पेड़ पौधे व फसल तथा सब्जियां सम्मिलित हैं क्योंकि इनमें भी स्वसन क्रिया होती है तथा अपनी वृद्धि करने में जल व सूरज की गर्मी तथा वायु की आवश्यकता होती है जिनके द्वारा यह अपनी और अपने वंश की वृद्धि करने में सक्षम होते हैं अतः पादप को भी या पेड़ पौधों को सजीव में सम्मिलित किया जाता है।
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सजीव के लक्षण sajiv ke lakshan

सजीव यानी जो जीवन जीने के लिए सक्षम होते हैं तथा अपने वंश वृद्धि को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं वैसे जीव कहलाते हैं अतः सजीव को अच्छी तरह से समझने के लिए उनके लक्षणों को जाना अत्यंत आवश्यक है अतः आइए हम लक्ष्ण के द्वारा बता देते हैं कि सजीव के क्या क्या लक्षण दिखाई देते हैं जिससे आपको समझ में आ जाएगा कि सजीव किसे कहते हैं।
सजीव में स्वसन करने की क्षमता पाई जाती है।
सजीवों में अपने आवश्यकतानुसार चलने फिरने की क्षमता पाई जाती है।
  • अपने शरीर के संचालन के लिए भोजन एकत्र करने की कथा उसे ग्रहण करके पचाने की क्षमता सजीव वस्तुओं में पाई जाती है।
  • अपना वंश वृद्धि के लिए अपने सामान जिओ उत्पन्न करने के लिए प्रजनन क्षमता पाई जाती है जिनके द्वारा वह अपने वंश की वृद्धि करने में सक्षम होते हैं।
  • प्रत्येक जीवधारी में नर व मादा पाए जाते हैं जिनके द्वारा संतानोत्पत्ति या अपने सामान जीव उत्पन्न करने की क्षमता पाई जाती है।
  • सजीव वस्तुओं में जीवन और मृत्यु का क्रम जारी रहता है क्योंकि इनकी एक निश्चित अवधि होती है जिसके पश्चात उनकी मृत्यु हो जाती है।
  • सजीव वस्तुओं की एक निश्चित आवास होता है। क्योंकि इनका एक अपना निश्चित स्थान होता है जहां पर यह रहते हैं अतः अलग-अलग जीओ का अलग अलग रहने का स्थान होता है।

सजीव के उदाहरण Sanjiv ke udaharn

आज का हमारा पोस्ट जीव विज्ञान से जुड़ा हुआ है जो अधिकतर परीक्षा में पूछा जाता है अतः मैं आप लोगों के लिए इस प्रश्न का सटीक जानकारी लेकर आपके सामने उपस्थित हुआ हूं अतः आप लोगों ने हमारे ऊपर के पोस्ट में यह पढ़ लिया होगा कि सजीव किसे कहते हैं तथा उनका क्या क्या लक्षण होते हैं और सजीव कितने प्रकार के होते हैं अतः में उदाहरण के द्वारा आपको समझा देता हूं कि क्यों किन किन वस्तुओं को हम सजीव कह सकते हैं। अतः सजीव के कुछ उदाहरण निम्नलिखित है।
  • मनुष्य human
  • गाय how
  • भैंस buffalo
  • कुत्ता dog
  • बिल्ली cat
  • चींटी ant
  • पेड़ पौधे tree and plants
  • कीड़े मकोड़े insects
  • सांप snacks
  • बिच्छू Scorpion
  • चूहा rat
  • गिलहरीSquirrel 
  • अजगर Python
  • बंदर monkey
  • तोता parrot
  • कौवा crow
  • कोयलCuckoo
  • सिंह lion
  • भेड़ियाWolf
  • हंस Swan
  • मोर peacock
  • मछली fish
  • मुर्गा cock
हमने आपको कुछ सजीवों के उदाहरण बताएं हैं जिससे आपको अंदाजा लग सकता है कि सजीव के अंतर्गत हमें संसार में जो कोई जीवधारी दिखाई देता है अर्थात इसमें जीव है प्राण है सहन करने की क्षमता है तथा अपना शारीरिक विकास के लिए भोजन ग्रहण करना तथा उसका उत्सर्जन करने की क्षमता है उन्हें सामान्य रूप में सजीव कहा जाता है।

निर्जीव किसे कहते हैं nirjiv kise kahate Hain

सजीव से जुड़ा हुआ यह शब्द इसे निर्जीव कहा जाता है यह सजीव तथा निर्जीव एक दूसरे के विपरीत अर्थात विलोम शब्द है। इस तरह से सजीव का उल्टा निर्जीव होता है अर्थात निर्जीव दो शब्दों से मिलकर बना है निर मतलब नहीं और जीव का मतलब जीवन। अतः जिनमें जीवन नहीं होता है उन्हें निर्जीव कहा जाता है सामान्य शब्दों में यह कह सकते हैं जिसमें जान नहीं है या प्राण नहीं है निर्जीव वस्तुएं कहलाती है। निर्जीव को समझना बहुत ही आसान है क्योंकि यह सजीव का जस्ट उल्टा शब्द है इसका शाब्दिक अर्थ है बिना प्राण के या बिना जान के। 
निर्जीव को मुख्यतः दो भागों में विभक्त किया गया है।
1-प्राकृतिक निर्जीव prakrutik nirjiv
2-मानव निर्मित निर्जीव Manu nirmit nirjiv

1-प्राकृतिक निर्जीव prakrutik nirjiv

ऐसी निर्जीव वस्तु है जो प्रकृति के द्वारा निर्मित की गई हो अर्थात जिन वस्तुओं को प्रकृति ने बनाया है और वह निर्जीव हैं उन्हें प्राकृतिक निर्जीव वस्तुएं कहा जाता है। प्राकृतिक निर्जीव वस्तुओं के उदाहरण-पत्थर, पर्वत, पृथ्वी, मिट्टी आदि को सम्मिलित किया जाता है। यह वस्तुएं मनुष्य के द्वारा नहीं बल्कि प्रकृति के द्वारा निर्मित की गई है और यह बेजान है अतः उन्हें प्राकृतिक निर्जीव वस्तुएं कहा जाता है।

2-मानव निर्मित निर्जीव Manav nirmit nirjiv

ऐसी बेजान वस्तुएं जिनको मनुष्य के द्वारा बनाई गई हो उन्हें मानव निर्मित निर्जीव वस्तुएं कहा जाता है। मानव निर्मित बेजान वस्तु के अंतर्गत हम कुर्सी मेज गाड़ी घर मकान प्लास्टिक रबड़ के खिलौने कपड़े जूते चप्पल कंघा शीशा इत्यादि जो कुछ भी बेजान वस्तुएं जो मनुष्य द्वारा बनाई गई हैं। मानव निर्मित बेजान वस्तुएं कहलाते हैं।

निर्जीव के लक्षण nirjiv ke lakshan

हमने आपको ऊपर की पोस्ट में बताया कि सजीव किसे कहते हैं तथा उसका दूसरा पहलू जिसे निर्जीव के नाम से जाना जाता है उसके बारे में भी हमने आपको कुछ उदाहरण के द्वारा बताया कि जिन वस्तुओं में जान नहीं होती है उन्हें निर्जीव कहते हैं अतः निर्जीव वस्तुओं के मुख्य रूप से कौन-कौन सी विशेषताएं पाई जाती हैं जिनके द्वारा हमें समझने में आसानी हो की निर्जीव वस्तुओं की पहचान कैसे की जा सके।
  • निर्जीव वस्तुओं में स्वसन की छमता या सांस लेने की प्रक्रिया नहीं पाई जाती है।
  • जीव निर्जीव वस्तुओं को जीव धारियों के द्वारा संचालित की जा सकती है इसलिए उन में गति करने की शक्ति बिल्कुल भी नहीं पाई जाती है।
  • निर्जीव वस्तुओं में प्रजनन क्षमता नहीं होती है जिसके द्वारा वह अपनी तरह दूसरा निर्जीव उत्पन्न कर सके।
  • निर्जीव वस्तुओं में पाचन तथा उत्सर्जन की क्षमता नहीं पाई जाती है।
  • निर्जीव वस्तुओं में शारीरिक विकास संभव नहीं होता है।
  • निर्जीव वस्तुओं की अपनी कोई निश्चित आवास नहीं होता है इसलिए सब्जियों के द्वारा ही उन्हें जहां पर रखा जाता है वही उनका आवास हो जाता है।
  • निर्जीव वस्तुओं में कोई त्रुटि होने पर मनुष्य द्वारा उनमें सुधार किया जा सकता है।

निर्जीव वस्तुओं के नाम इंग्लिश में nirjiv vastuon ke naam ine English

आज हम आप लोगों को उदाहरण के तौर पर कुछ निर्जीव वस्तुओं के नाम बताने वाला हूं जो आपके परीक्षा तथा एग्जाम पेपर में आ सकता है अतः उन वस्तुओं के नाम जानना अत्यंत आवश्यक है जिन्हें निर्जीव वस्तु कहा जाता है।  निर्जीव वस्तुओं के नाम हम आपको इंग्लिश में बताएंगे जो आपके बहुत काम आ सकती है अतः उनके नाम निम्नलिखित हैं।
  • Chair
  •  table
  •  bed
  •  car
  •  Bicycle
  •  Motorcycle
  •  Clothes
  •  copy books
  •  pencil pen
  •  all kinds of spices
  •  brick stone
  •  Clay utensils
  •  plastic toys
  •  house house
  •  glass comb
  •  Cot
  •  gas fire
  •  shoes slippers
  •  Bucket
  •  soap
  •  gun

सजीव तथा निर्जीव में अंतर sajeev tatha nirjiv mein antar

सजीव तथा निर्जीव को दोनों को समझने के पश्चात हमें पूर्ण रूप से यह पता लग जाता है कि दोनों में क्या-क्या अंतर होते हैं अतः यह दोनों शब्द एक दूसरे के विपरीत हैं अतः इनमें दोनों में बहुत अंतर है अतः इनके अंतर भी एक दूसरे के विपरीत होते हैं आइए जानते हैं सजीव तथा निर्जीव में क्या अंतर है।
  • सजीव में सांस लेने की क्षमता होती है जबकि निर्जीव में सांस लेने की क्षमता नहीं होती है।
  • सब्जियों में स्वयं के द्वारा गति करने की क्षमता उनकी आवश्यकता अनुसार पाई जाती है परंतु निर्जीव में गति करने की क्षमता बिल्कुल भी नहीं पाई जाती हैं अतः इन्हें संचालित करने के लिए सजीव की आवश्यकता होती है।
  • सजीव पाचन तथा उत्सर्जन के माध्यम से अर्थात भोजन ग्रहण करके उनका पाचन करते हैं तथा अवशेषों के रूप में शरीर से बाहर कर देते हैं परंतु निर्जीव में यह विशेषता नहीं पाई जाती है कि वह भोजन ग्रहण कर सकें और उसका पाचन कर सकें जिससे उनकी शरीर की वृद्धि हो अतः निर्जीव वस्तुओं को सजीव के द्वारा उनके आकार में कमियां वृद्धि कर सकते हैं।
  • सजीवों में अपने समान जीव उत्पन्न करने की क्षमता पाई जाती है जिसे प्रजनन क्षमता कहते हैं परंतु निर्जीव में प्रजनन क्षमता नहीं पाई जाती है जिसके द्वारा वह अपने सामान निर्जीव वस्तु को बना सकें।
  • सजीवों में अपने शरीर तथा अपने बच्चों के प्रति संवेदनशीलता उपलब्ध होती है परंतु निर्जीव में संवेदनशीलता बिल्कुल भी नहीं पाई जाती हैं।

मृत किसे कहते हैं mrit kise kahate Hain

सजीव से जुड़ा हुआ यह प्रश्न की मृत किसे कहते हैं। इस पर चर्चा करने वाले हैं अतः हम सामान्य शब्दों में यह कह सकते हैं कि जब भी कोई भी सजीव की मृत्यु हो जाती है तो उसे मृत कहा जाता है। प्रत्येक सजीव व निर्जीव का एक निश्चित अवधि होता है जिसके पश्चात वह नष्ट हो जाते हैं और वह एक अवशेष के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं अतः जीवधारी जब अपनी मृत्यु को प्राप्त होता है तो वह मृत कहलाता है। जैसे कोई भी पौधा कट जाने के बाद उसकी लकड़ी मृत कहलाती है जो एक प्रकार से निर्जीव हो जाती है परंतु इससे हम निर्जीव की जगह मृत की संज्ञा दे सकते हैं। जब किसी जानवर जीव जंतु या मनुष्य की मृत्यु हो जाती है तो वह शव के रूप में परिवर्तित हो जाता है और वह धीरे-धीरे सर ने करने लग जाता है और उसके अवशेष मृत कहलाते हैं जैसे पशुओं की हड्डियां निर्जीव होती है अतः इन्हें मृत कहा जाता है।

निष्कर्ष conclusion

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के पश्चात यह निष्कर्ष निकलता है कि जिन वस्तुओं में जीवन जीने की क्षमता जैसे सांस लेना भोजन खाना और पहचाना तथा संतानों को जन्म देना आदि तमाम ऐसी विशेषताएं जो हमने ऊपर के पोस्ट में बताया है वह सभी पाई जाती हैं तो उन्हें सजीव कहा जाता है। सजीव और निर्जीव एक दूसरे के विलोम शब्द हैं अतः इन की विशेषताएं भी एक दूसरे के विलोम होती हैं इस तरह से जिन वस्तुओं में पाचन उत्सर्जन स्वसन गतिशीलता आज नहीं पाई जाती है वह निर्जीव वस्तुएं कहलाते हैं निर्जीव वस्तुओं के अंतर्गत हम कुर्सी मेज गाड़ियां लकड़ी के फर्नीचर सोफे जूते चप्पल गेट खिड़की दरवाजा घर मकान इत्यादि पदार्थों को सम्मिलित करते हैं तथा सजीव के अंतर्गत कुत्ता बिल्ली मनुष्य चींटी मकड़ी पेड़ पौधे अनेक प्रकार के कीड़े आदि को सम्मिलित किया जाता है। जब साजीवों की मृत्यु हो जाती है तो वह मृत के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।

प्रश्न 1-सजीव की परिभाषा क्या है?

उत्तर-ऐसी वस्तुएं जिनमें प्राण हो तथा पाचन उत्सर्जन स्वसन और गति तथा प्रजनन की क्षमता पाई जाती हो सजीव कहलाते हैं।

प्रश्न 2-निर्जीव किसे कहते हैं?

उत्तर-ऐसी वस्तुएं जिनमें स्वयं में गतिशीलता और स्वसन तथा प्रजनन की क्षमता नहीं पाई जाती है तथा जिन में प्राण या जान नहीं होती है अर्थात जो वस्तुएं बेजान होती हैं उन्हें निर्जीव कहा जाता है।

प्रश्न 3-सजीव के 10 उदाहरण लिखिए?

उत्तर-सजीव के 10 उदाहरण निम्नलिखित हैं।
मनुष्य, कुत्ता, बिल्ली, गाय, भैंस, कौवा ,तोता मकड़ी, सांप, बकरी।

प्रश्न 4-निर्जीव के 10 उदाहरण लिखिए?

उत्तर-निर्जीव के 10 उदाहरण निम्नलिखित हैं।
कुर्सी, मेज, चारपाई ,बेड, कार ,मोटरसाइकिल साइकिल, ईट ,पत्थर, घड़ी।

प्रश्न 5-सजीव और निर्जीव में मुख्य अंतर क्या होता है।

उत्तर-सजीव में श्वसन गतिशीलता पाचन शक्ति उत्सर्जन शक्ति तथा प्रजनन शक्ति पाई जाती है परंतु निर्जीव में यह सभी नहीं पाई जाती है।
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Disclaimer
यह पोस्ट लिखने का मुख्य आशय विद्यार्थियों के जानकारी को बढ़ाना है अतः यदि इस पोस्ट में कोई त्रुटि दिखाई देती है या हमने किसी प्रश्न का गलत उत्तर दिया है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं मैं अपनी गलतियां जल्दी सुधारने का प्रयत्न करूंगा।

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