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समाजशास्त्र की विशेषताएं समझाइए।समाजशास्त्र की प्रमुख बातें(character of sociology)

 समाजशास्त्र क्या है (what is the sociology)

नमस्कार भाई लोग आप लोगों का हमारे साइट पर स्वागत है आप लोग कैसे हैं? आप लोग जैसे भी हैं बहुत अच्छे हैं। क्योंकि पोस्ट हमारा आप लोग पढ़ रहे हैं तो अच्छे ही होंगे। और दोस्तों मैं आपको बता दूं कि अगर आप इस समय में भी स्वस्थ हैं तो यह बहुत बड़ी बात है। क्योंकि कुरौना का खतरा इस समय बहुत बरकरार है अतः आप लोग अपनी स्वास्थ्य का ख्याल रखें तथा इम्यूनिटी बूस्टर लेते रहे जिससे आपको कोई बीमारी ना हो। चलिए स्वास्थ्य की बातें तो बहुत हो गई अब हम शास्त्र की बातें भी कर लेते हैं आज का टॉपिक दोस्तों हैं समाजशास्त्र पर कि आखिर समाजशास्त्र है क्या समाजशास्त्र की विशेषता को समझने से पहले हमें यह जानना बहुत ही आवश्यक है कि आखिर समाजशास्त्र क्या है आप लोगों के भी मन में यह प्रश्न उठ रहा होगा की समाजशास्त्र कहते किसे हैं आखिर इसकी क्या भूमिका है।

समाजशास्त्र एक विज्ञान है (sociology is a science)

दोस्तों आप लोग सोच रहे होंगे कि यह  विज्ञान कैसे हो गया। विज्ञान और समाज में जमीन आसमान का अंतर है हां मैं मानता हूं अंतर है परंतु विज्ञान आज के युग का कर्ता-धर्ता है तो समाजशास्त्र भी मनुष्य के जीवन का कर्ता-धर्ता है। हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक का निर्णय समाजशास्त्र के द्वारा ही होता है अर्थात हमारा पूरा जीवन समाज में ही व्यतीत होता है तो इसको बिना जाने बिना समझे हम अपना जीवन कैसे जिए इसके लिए हमें समाजशास्त्र की आवश्यकता होती है जिसके द्वारा हम  समाज के तौर तरीके और जीने का ढंग इत्यादि की सीख ग्रहण करते हैं जिससे हमें अपने जीवन में कोई भी कठिनाई का सामना ना करना पड़े क्योंकि समाज में कुछ ऐसे पड़ाव भी होते हैं जिनको इतनी आसानी से समझ पाना बहुत ही मुश्किल होता है इसलिए हमें समाजशास्त्र की आवश्यकता होती है।

समाजशास्त्र की विशेषताओं का उल्लेख।

समाजशास्त्र के विशेषताएं बहुत हैं अतः यह जानने के लिए कि समाजशास्त्र की विशेषता क्या है तो कृपया करके हमारी पोस्ट को अंतिम तक पढ़ें तभी आपको समझ में आएगा की समाजशास्त्र की आखिर क्या विशेषता है
दोस्तों समाजशास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जो हमें एक अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
अगर हम समाजशास्त्र में बताए गए रास्तों पर चलकर अपना जीवन यापन करें तो हमारी लाइफ में कभी कोई भी परेशानी नहीं आ सकती। समाजशास्त्र में हमारे पूर्वजों द्वारा बनाए गए नियम व रीति रिवाज से संबंधित होती है जो एक सत मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है अतः समाजशास्त्र को पढ़कर उसको अपने जीवन में उतारना चाहिए जिससे कि हमें समाज में किस तरह रहना चाहिए कैसा व्यवहार करना चाहिए समाज में रहने के बाद आवश्यक बातें यह सब पता चलता है।

वर्तमान समय में समाजशास्त्र का महत्व (the value of sociology in present time)

भाइयों आज के वर्तमान समय में समाजशास्त्र का महत्व धीरे धीरे घटता जा रहा है। वर्तमान समय में लोग समाज से अलग रहने की कोशिश में लगे रहते हैं उन्हें एकांत जीवन ही पसंद होता है परंतु फिर भी समाज से अलग रहना नामुमकिन है क्योंकि जब तक हमारा शरीर है तब तक हमें भोजन की आवश्यकता है कपड़े की आवश्यकता है और यह सब कुछ बिना समाज में रहे नहीं मिल सकता अर्थात मनुष्य का जीवन बिना समाज के असंभव है। भारतीय समाज की जो संस्कृति है बहुत ही प्राचीन है जिसको वर्तमान समय में अभी भी बहुत महत्व दिया जा रहा है हमारे भारत में ना सही परंतु हमारी संस्कृति परंपरा खान पान रहन सहन इत्यादि विदेशों के लोग copy कर रहे हैं।
यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बात से बहुत सहमत हैं की भारतीय संस्कृति के जैसी कोई भी संस्कृति नहीं है वह भारतीय संस्कृति को अपने cuntry अमेरिका में भी अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
यह सब इसलिए संभव है क्योंकि समाजशास्त्र हमें उन रास्तों पर चलने की प्रेरणा देता है कि लोग अपने आप ही हमें कॉपी करने लग जाते हैं।

प्रमुख समाज शास्त्रियों के नाम

1- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर (भारतीय समाजशास्त्री)
2 – मैक्स वेबर
3-इमाइल दुर्खीम
4- डेविड सी लेन
5-मैकाएवर
5-पेज

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