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bhukamp kise kahate hain in Hindi. भूकंप किसे कहते है।

नमस्कार दोस्तों, हमारे वेबसाइट पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज आप लोगों के लिए एक ऐसा आर्टिकल लिख रहे हैं जिसको सभी लोगों को जानना बहुत ही आवश्यक है वह यह है कि भूकंप या भूचाल किसे कहते हैं। असल में होता क्या है पृथ्वी के अंदर कुछ हलचल होने के कारण पृथ्वी हिलने लग जाती है जिसे भूचाल कहा जाता है भूचाल का आना कोई आम बात नहीं है यदि भूचाल की तीव्रता कम है तो जान माल की कम नुकसान होता है परंतु इसकी तीव्रता यदि ज्यादा हो तो यह बहुत भारी पैमाने पर नुकसान कर सकता है यह एक प्राकृतिक आपदा है जिसमें मनुष्य की कोई भी भूमिका नहीं होती है। परंतु मनुष्य द्वारा इस आपदा का अनुमान लगाया जा सकता है कि यह स्थान पर आने वाला है और कितनी तीव्रता के साथ आएगा इसलिए भूचाल को रोका तो नहीं जा सकता परंतु भूकंप से होने वाली हानियों को कम किया जा सकता है। भूकंप आने से गांव और शहर सभी ढह जाते हैं अच्छे-अच्छे घर मकान मिनटों में मिट्टी में मिल जाते हैं। इसलिए अत्यधिक मात्रा में जानमाल के नुकसान हो जाता है अतः भूकंप का अंदाजा लगाने के बाद में प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करने का जिम्मा सरकार का होता है। सरकार उन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को एक सुरक्षित स्थान पर पहुंच आते हैं जिनसे कम से कम लोगों की जान जाए।

bhukamp kise kahate hain in Hindi. भूकंप किसे कहते है।

इस संसार में 4 हिस्से में एक हिस्सा पृथ्वी है तथा तीन हिस्सा पानी है। यह पृथ्वी समुद्र में 1 टापू की भांति है। पृथ्वी कई मोटी मोटी परत से मिलकर बनी हुई होती है जो नीचे से अत्यंत गर्म होती है। आपने देखा होगा कि जब पानी को समर्सिबल के द्वारा अत्यंत गहराई से निकाला जाता है तो वह पानी अत्यधिक गर्म निकलता है इसलिए आप ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यह पृथ्वी अंदर से कितना ज्यादा गर्म होती है। आता पृथ्वी के अंदर तमाम ऐसे बड़े बड़े चट्टान होते हैं जो गैस या गर्मी का कारण इधर उधर खिसकते हैं जिसके कारण या धरती हिलने लग जाती है जिसे भूकंप कहा जाता है। भूकंप का आना कोई आम बात नहीं है। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो संपूर्ण सृष्टि का विनाश करने में सक्षम हो सकता है। अतः भूकंप की तीव्रता नापने के पैमाने को रिएक्ट के माध्यम से नापा जाता है। जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस भूकंप का केंद्र किस जगह पर है और भूकंप की तीव्रता कितने रिएक्ट है। यदि भूकंप 3 रिएक्ट या इससे कम है तो जान माल को कम नुकसान पहुंचता है यदि यह भूकंप तीन रिएक्ट से लेकर 9 रिएक्ट तक होता है तो यह बहुत भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाने में सक्षम होता है। पूरे शहर के शहर नष्ट हो सकते हैं। भूकंप आकस्मिक आपदा है जिसका अंदाजा लगाना बहुत ही असंभव होता है कि इसकी रिएक्ट कितनी अधिक होगी। भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसमें मनुष्य की कोई भूमिका नहीं होती है ।

भूकंप आने के कारण bhukamp aane ke Karan

भूकंप आने के अनेक कारण होते हैं। यह सही प्रकार से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है की भूकंप किस कारण से आया है परंतु कुछ वैज्ञानिकों के रिसर्च के द्वारा मैं आप लोगों को बता रहा हूं कि क्या क्या कारण हो सकते हैं भूकंप आने से क्योंकि पृथ्वी के अंदर क्या हो रहा है इसका अंदाजा किसी को ही नहीं रहता है सिर्फ कुछ वैज्ञानिकों के द्वारा कुछ रिसर्च के माध्यम से इसका अंदाजा लगाया गया है जिसके कुछ अनेक कारण हैं जिससे भूकंप आया भूचाल आ जाता है।

1-ज्वालामुखी

भूकंप आने का सबसे बड़ा कारण ज्वालामुखी होता है क्योंकि जब पृथ्वी के अंदर अत्यधिक मात्रा में गैस और अग्नि हो जाती है तो वह पृथ्वी के अंदर एक गैस की तरह फैल जाती है और वह बाहर निकलने के लिए स्थान खोजती हैं जिसके कारण पृथ्वी के अंदर हलचल हो जाती है और धरती हिलने लग जाती है। उसके बाद जिस स्थान पर भूमि कमजोर पाई जाती है उस स्थान पर ज्वालामुखी फूट जाता है धरती पूरी तरह से फट जाती है और पृथ्वी के अंदर से गर्म लाल रंग के लावा निकलना शुरू हो जाता है जो अत्यंत प्रचलित होता है यह लावा इतनी तीव्रता से निकलता है की उसके 10 20 किलोमीटर के क्षेत्र में सब कुछ नष्ट हो जाता है। और भारी मात्रा में पृथ्वी के अंदर से अग्नि और लावे निकलकर एकत्र हो जाते हैं। तथा इसे ठंडा होने में लगभग साल 2 साल का समय लग जाता है। अतः यह भी भूकंप का एक कारण हो सकता है।

2-भूपटल में चट्टानों का खिसकना

आप लोग इस तो अच्छी तरह जानते ही होंगे कि हमारी धरती समुद्र में एक टापू की भांति जिसके चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी है। हमारी पृथ्वी के अंदर बड़ी-बड़ी चट्टानें होती हैं। जो कभी-कभी किसी कारणवश इधर उधर की सपने लग जाती हैं। के कारण पृथ्वी के अंदर हलचल हो जाती है और उस जगह की धरती हिलने लग जाती है जिसे भूकंप कहा जाता है। अतः इस कारण से भी भूकंप आ सकता है।

3-पृथ्वी के अंदर गैसों का फैलाव

आपने देखा होगा कि जब आप कुकर में दाल बनाते हो तो जब उसमें गैस बन जाता है तो गैस किस सिटी ऊपर को फेंक देती है अतः यह गैस सिटी को ऊपर की तरफ धकेलने में सक्षम होती है। उसी प्रकार पृथ्वी के अंदर कभी-कभी गर्मी के कारण गैस एकत्र हो जाता है जो पृथ्वी के बाहर निकलने के लिए स्थान खोजने लगता है जिसके कारण पृथ्वी के अंतर एक हलचल सी हो जाती है और पृथ्वी हिलने जैसी प्रक्रिया होने लगती है जिससे भूचाल कहां जाता है।

4-धार्मिक कारण

अभी तक मैंने आपको भूकंप आने के वैज्ञानिक कारण के बारे में बताया जो वैज्ञानिकों के द्वारा कुछ रिसर्च के द्वारा प्राप्त की गई जानकारी के अनुसार बताया गया है परंतु धर्मों में भूकंप के क्या कारण बताए गए हैं आइए जानते हैं।
हिंदू धर्म में अनेक ग्रंथों में यह बताया जाता है कि यह पृथ्वी शेषनाग के फन के ऊपर टिकी हुई है। शेषनाग के सहस्त्र फन होते हैं। अतः जब शेषनाग फन को बदलते है अर्थात 1 फन से दूसरे फन पर पृथ्वी को रखते हैं तो पृथ्वी हिलने लग जाती है। जिसे भूकंप कहा जाता है हालांकि इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल पाया है यह स्थित एक धार्मिक कहावत है जो लोगों के द्वारा बताई जाती है।

भूकंप के दुष्परिणाम effects of earthquake

भूकंप के दुष्परिणाम बहुत ही घातक हो सकते हैं। या बहुत कम भी हो सकते हो यह भूकंप की तीव्रता पर निर्भर करता है। कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं जहां पर अधिक मात्रा में भूकंप आता रहता है। परंतु कुछ लोग ऐसे भी हैं जहां पर कभी भी भूकंप नहीं आता है और यदि भूकंप आता भी है तो वह बहुत ही कम तीव्रता के साथ होता है जिसका असर कुछ लोगों को मालूम होता है कुछ लोगों को तो पता भी नहीं चलता है कि भूकंप आया था। अतः भूकंप से अनेक प्रकार के हानियां हो सकती हैं जो निम्नलिखित है।
  • भूकंप के आने से बड़े बड़ी इमारतें 1 मिनट के अंदर गिर कर नष्ट हो जाती हैं।
  • भूकंप आने से धरती फट जाती है जिसके द्वारा उस स्थान पर मनुष्यों का रहना असंभव हो जाता है और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर अपना बसेरा बनाना पड़ता है।
  • भूकंप आने के कारण कभी-कभी बड़ी-बड़ी बर्फ की चट्टान है खिसकने लग जाती है जिससे बहुत बड़ी बाढ़ की आशंका बढ़ जाती है।
  • भूकंप के कारण धरती की परत पूरी तरह से हिल जाती है और धरती की ऊपरी परत जो कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है नीचे की तरफ चली जाती है और जो किसी के लायक भूमि नहीं होती है वह ऊपर आ जाती है जिससे कृषि उपज पर बहुत बड़ा दुष्प्रभाव पड़ता है।
  • भूकंप आने से बड़े-बड़े बांध हीलकर टूट जाते हैं जिससे बहुत तेज बाढ़ आने की आशंका हो जाती है।

भूकंप के लाभ benefits of earthquake

आप लोग सोच रहे होंगे कि भूकंप आने से भला कौन से लाभ हो सकते हैं भूकंप आने से तो सिर्फ हानियां होती हैं। लेकिन मैं आप लोगों को बता दूं कि भूकंप आने से सिर्फ हानियां ही नहीं बल्कि कुछ लाभ भी होते हैं जो निम्नलिखित हैं।
  • कभी-कभी रेतीले क्षेत्रों में भूकंप आने के कारण रेतीली जमीन नीचे चली जाती है और उपजाऊ भूमि पर आ जाती है जो किसी के लिए अच्छी मानी जाती है।
  • भूकंप आने से भूगर्भ में उपस्थित अनेक प्रकार के खनिज व धातु जैसे कोयला लोहा हीरो सोने इत्यादि जो भूमि के अंदर पाए जाते हैं वह पृथ्वी हिलने के कारण नीचे से ऊपर की तरफ आ जाते हैं जो मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं।
  • भूकंप के कारण कभी-कभी धरती पर जाती है जिससे बड़े बड़े तालाब व झील के रूप में परिवर्तित हो जाती हैं जो मनुष्य के द्वारा बनाना असंभव माना जाता हैं, और वह मनुष्य के लिए तथा किसी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

भूकंप से बचने के उपाय bhukamp se bachne ke upay

  • कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं जहां पर भूकंप अधिक मात्रा में आते रहते हैं ऐसे क्षेत्रों के लिए सरकार को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। वहां पर रहने वाले व्यक्तियों को अनेक प्रकार की सहायता जैसे आर्थिक सहायता तथा आपदा के समय एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए उपयुक्त साधन आदि तमाम व्यवस्था को करना चाहिए जिससे कम से कम मात्रा में जान माल का नुकसान हो।
  • अत्यधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में मकान को अत्यधिक मजबूत बनाना चाहिए जिससे भूकंप आने से मकान को क्षति न पहुंचे।
  • भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पहले से ही सतर्क कर देना चाहिए जिससे जान-माल को कम से कम नुकसान हो और लोग अपनी जान की रक्षा करने में सक्षम हो सके।
  • भूकंप आने का समय तुरंत अपने घर से बाहर सुनसान जगह पर पहुंच जाना चाहिए जिससे आप जान बचाने में सक्षम हो सकते हैं।
  • भूकंप के पश्चात हुए क्षति की पूर्ति के लिए सरकार को हमेशा तत्पर रहना चाहिए ताकि क्षतिग्रस्त इलाके के लोगों का जीवन सरल हो सके।
  • ज्यादा भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को दूसरे जगह पर घर बना लेना चाहिए जिस जगह पर भूकंप कम से कम आता है।
  • भूकंप को रोका नहीं जा सकता परंतु भूकंप से बचा जरूर जा सकता है अतः भूकंप से बचने के लिए उचित स्थान पर पलायन करना चाहिए।
  • भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के घर मकान अस्पताल नई तकनीकी के माध्यम से बनानी चाहिए जिससे भूकंप का असर कम से कम हो सके।

भूकंप का केंद्र किसे कहते हैं bhukamp ka Kendra kise kahate Hain

आपने तमाम समाचार पत्रों में और टीवी चैनलों पर आपने भूकंप आने के बाद सुना होगा कि भूकंप के केंद्र का नाम अत्यधिक आता है।आखिर भूकंप का केंद्र किसे कहते हैं और यह कैसे पता लगता है कि भूकंप का केंद्र क्या था। आप अपने हाथ में 1लंबी सी बांस की डंडी लेने तथा उसे चारों तरफ घूम आए या हिलाएं। आप जिस स्थान पर पकड़ कर उस बात को घुमा रहे हैं वह उसका केंद्र कहलाएगा। इसी प्रकार जिस स्थान से यह भूकंप का शुरुआत होता है वह भूकंप का केंद्र कहलाता है यह केंद्र बिंदु के चारों तरफ अपना असर दिखाता है इसीलिए उसके केंद्र का पता लगाना अत्यंत आवश्यक होती है क्योंकि केंद्र के माध्यम से यह पता लग सकता है कि यह लगभग किस स्थान तक भूकंप का असर हो सकता है। अतः आप लोग समझ चुके होंगे कि भूकंप का केंद्र क्यों बताया जाता है और इसकी क्या आवश्यकता होती है।

निष्कर्ष conclusion

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के पश्चात यह निष्कर्ष निकलता है कि भूकंप एक अत्यंत विनाशकारी प्राकृतिक आपदा है जिसे रोका तो नहीं जा सकता है परंतु उससे बचने के लिए कुछ उपाय में को ध्यान में रखते हुए इससे होने वाले होने को कम किया जा सकता है।अपने हमारे पोस्ट में भूकंप आने पर कौन कौन से कारण हो सकते हैं इसके बारे में स्पष्ट रूप से पड़ा है तथा इससे होने वाले लाभ तथा हानियों के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है। आता इन सभी तथ्यों से स्पष्ट होता है कि भूकंप एक ऐसी विपत्ति है जिसका सामना शक्ति प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले को करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा होने के कारण इसमें मनुष्यों की कोई भी भूमिका नहीं होती है आता है यह मनुष्य के द्वारा रोकना भी संभव नहीं होता है। भूकंप की तीव्रता को रिएक्टर स्केल के द्वारा नापा जाता है जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी इस प्रकार से यदि 3 या इससे कम riyakt का भूकंप कम विनाशकारी होता है तथा इससे ज्यादा रिएक्टर का भूकंप अधिक विनाशकारी हो सकता है।

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