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cbc test kya hota hai सीबीसी टेस्ट क्या होता है

आज आपके सामने हम हेल्थ के ऊपर एक आर्टिकल लिख रहे हैं।जो आप लोग के लिए काफी हेल्पफुल साबित होने वाला है। क्योंकि आप देखते होंगे जब भी आप किसी हॉस्पिटल में दवाई कराने के लिए जाते हैं तो डॉक्टर आपको cbc test कराने के लिए बोलते हैं। अतः सीबीसी टेस्ट क्या होता है इसके बारे में मैं आप लोगों को पूरी जानकारी दूंगा अतः पोस्ट को इसके बिना करते हुए पूरा पढ़ें जिससे आपको पता लग जाएगा कि सीबीसी टेस्ट क्यों होता है और डॉक्टर सीबीसी टेस्ट कराने के लिए क्यों बोलते हैंसीबीसी टेस्ट का फुल फॉर्म क्या होता है। सीबीसी टेस्ट के द्वारा कौन-कौन सी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। आदि तमाम सवालों का जवाब आपको हमारी पोस्ट में बड़ी ही आसानी से मिल जाएगा।

cbc test kya hota hai सीबीसी टेस्ट क्या होता है 

सी बी सीcbc का पूरा नाम है(cumplet blood count कंपलीट ब्लड काउंट) तथा इसका हिंदी नाम है पूर्ण रक्त गणना। अर्थात सीबीसी टेस्ट में हमारे खून की जांच के द्वारा रक्त में पाए जाने वाले अलग-अलग रक्त की गणना की जाती है क्योंकि हमारे रक्त में 3 तरह के रक्त पाए जाते हैं। हमें कुछ इस प्रकार से हैं।
1-Rbc (red blood cells) इसका हिंदी अर्थ होता है लाल रुधिर कणिकाएं। हमारे शरीर में लाल रुधिर कणिकाएं शरीर को ऑक्सीजन देने का काम करती हैं यदि लाल रुधिर कणिकाओं की मात्रा शरीर में कम हो जाती है इसके कारण हृदय संबंधी रोग उत्पन्न होने लग जाते हैं।
 2-wbc (white blood cells) इसका हिंदी अर्थ होता है श्वेत रुधिर कणिकाएं। श्वेत रुधिर कणिकाओं की हमारे शरीर में बहुत मुख्य भूमिका होती है। यह आपके शरीर में मांस पेशियों में सफेद चिल्ली के रूप में उपस्थित होती हैं। आपने देखा होगा की कहीं भी जब हमारी ऊपर की चमड़ी कट जाती है तो सबसे पहले सफेद रंग का खून दिखाई देता है उसके पश्चात लाल रंग का खून बहने लग जाता है। अतः सफेद रक्त के कम या ज्यादा हो जाने से अनेक बीमारियां हो जाती हैं क्योंकि श्वेत रुधिर कणिकाएं हमारे immunity सिस्टम को मजबूत बनाता है।
3-platelets यह हमारे शरीर में खून में थक्का जमाने का काम करता है। क्योंकि जब किसी वजह से bleading होने लग जाती है तो यह उस बिल्डिंग को रोकने में मदद करता है अतः प्लेटलेट हमारे शरीर में रक्त का थक्का जमाने का कार्य करता है तथा खून बहने से रोकने का कार्य करता है। यह अस्थि मज्जा से निर्माण होता है। इसलिए सीबीसी टेस्ट में इन तीनों खून का काउंट किया जाता है जिसके आधार पर अनेक बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इन तीनों रक्त के मापन या गणना की प्रक्रिया को ही सीबीसी टेस्ट कहा जाता है।

खून में उपस्थित 5 घटक five components present in blood

  1. Rbc (red blud cellls) लाल रुधिर कणिकाएं- शरीर में ऑक्सीजन लाने और ले जाने का कार्य करता है।
  2. Wbc (white blood cells) श्वेत रुधिर कणिकाएं-यह रक्त इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। तथा शरीर में होने वाले इन्फेक्शन से बचाव करता है। और बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है।
  3. प्लेटलेट्स platlets-या हमारे शरीर में रक्त का थक्का जमाने का काम करता है। क्योंकि हमारे शरीर में होने वाली बिल्डिंग को रोकने का कार्य करता है।
  4. Hb(hemoglovin) हिमोग्लोबिन-या हमारे लाल रुधिर कणिकाओं में उपस्थित होता है। और ऑक्सीजन को लाने और ले जाने का कार्य करता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड को फिल्टर करके बाहर निकालने का कार्य करता है। हिमोग्लोबिन रक्त को लाल बनाने का कार्य करता है।अता हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाने से ऑक्सीजन लाने ले जाने की क्षमता कम हो जाती है इसलिए हिमोग्लोबिन के टेस्ट में फेफड़े संबंधी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।
  5. Ht (hemotocrit)हेमाटोक्रिट-यह हमारे लाल रक्त में उपस्थित एक प्रकार का घटक है जो हमारे फेफड़ों से ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाता है।इसके कम या ज्यादा हो जाने से अनेक बीमारियां शरीर में होने लग जाती हैं।

CBC test report कैसे chek करें (सीबीसी टेस्ट रिपोर्ट को कैसे समझे)

सीबीसी टेस्ट रिपोर्ट को समझना बहुत ही आसान है। परंतु कुछ लोग को इसकी जानकारी ना होने के कारण उन्हें पता नहीं लग पाता है कि उन्होंने जो सीबीसी का टेस्ट कराया है उस रिपोर्ट में क्या क्या आया है। किस ब्लड की मात्रा कम है और किसकी ज्यादा है इसका पता नहीं लग पाता है। आता मैं आज आप लोगों को 5 तरह के ब्लड सेल्स के गणना के बारे में बताऊंगा। तथा उनकी सामान्य स्थिति क्या होती है और इनके कमियां ज्यादा होने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
  • Rbc (red blood cells) लाल रुधिर कणिकाओं का कार्य फेफड़ों में ऑक्सीजन को लाना और ले जाना है। पुरुषों में यह 4 .7 cells/mcl to 6.1clls/mcl होना आवश्यक है। तथा महिलाओं में 4.2 cells/mcl to 5.4 cells/mcLहोना अनिवार्य है यदि इससे कम या ज्यादा होता है तो इससे फेफड़े संबंधी बीमारियां होने की संभावना होती है।
  • Wbc (white blood cells) श्वेत रुधिर कणिकाएं हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं जिसके द्वारा हमारे शरीर में कोई भी संक्रमण उत्पन्न होने से पहले श्वेत रुधिर कणिकाएं से लड़ती हैं। पुरुषों तथा महिलाओं दोनों में इसकी मात्रा 4500 से 11000 तक होना चाहिए।
  • प्लेटलेट्स (platlets) प्लेटलेट्स का कार्य रक्त में थक्का जमाने का होता है। आता यह बिल्डिंग होने से बचाता है। इसका निर्माण अस्थि मज्जा के द्वारा होता है। प्रत्येक व्यक्ति में इसकी सामान्य स्थिति 140000 से 450000 के बीच में होना अनिवार्य है।
  • Hb (hemoglovin) हीमोग्लोबिन-यह हमारे लाल रक्त कणिकाओं का एक हिस्सा है।जो शरीर के प्रत्येक अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। यह महिलाओं तथा पुरुषों में 10 से 15 gm/dl होना अनिवार्य है।
  • Hematocrit हिमाटोक्रिट-यह लाल रक्त में उपस्थित एक प्रकार का घटक है जो रक्त में पाए जाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड को फिल्टर करके बाहर निकालता है पुरुषों में इसकी मात्रा 41 % से 50% तक होना चाहिए। महिलाओं में इसकी मात्रा 36% से 44% तक पाई जाती है। अगर आपकी रिपोर्ट में इससे कम या ज्यादा दिखाई देने को मिलता है तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं कि इसे कौन सी बीमारी है।
  • इस तरह से आप लोग अपने टेस्ट रिपोर्ट को बड़ी ही आसानी से समझ सकते हैं।

सीबीसी टेस्ट कितने रुपए में होता है CBC test price in India

अगर डॉक्टर आपको सीबीसी टेस्ट कराने को बोलता है तो अधिकतर लोग पैसों को लेकर चिंतित हो जाते हैं क्योंकि उन्हें पता नहीं होता है कि सीबीसी टेस्ट के कितने रुपए होते हैं या उनकी प्राइस क्या होती है।इसलिए यह पोस्ट आप लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है । वैसे तो अलग-अलग शहर और अलग-अलग हॉस्पिटल में इसके अलग-अलग प्राइस होते हैं। परंतु जानकारी के मुताबिक यह कहा जा सकता है कि इसकी न्यूनतम प्राइस ₹300 और अधिकतम प्राइस ₹600 तक होती है। आता आपको टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है।

सीआरपी टेस्ट क्या है what is the Crp test

Crp test का पूरा नाम सी रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट है इस टेस्ट के द्वारा कोरॉना का भी पता लगाया जा सकता है। क्योंकि यह टेस्ट खून टेस्ट की तरह ही किया जाता है इस टेस्ट के द्वारा फेफड़ों में होने वाली क्षति का पता लगाया जा सकता है। अतः इस में संक्रमण की स्थिति का पता लग सकता है कि फेफड़ों में कोरोना वायरस का संक्रमण हमारे फेफड़ों में किस हद तक पहुंच चुका है। लगातार 5 से 7 दिन तक खांसी जुखाम तथा बुखार होने पर सीआरपी टेस्ट कराया जाता है। जिसके दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। इसका रिपोर्ट डॉक्टर देखकर यह समझ लेते हैं कि इसलिए फेफड़ों में किस हद तक नुकसान हुई है।

खून टेस्ट से कौन-कौन सी बीमारी का पता लगता है।What diseases are detected by a blood test?

खून टेस्ट के द्वारा अनेक बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। खून टेस्ट 1 नॉर्मल टेस्ट है। जो कोई भी नॉर्मल बीमारी होने पर या गंभीर बीमारी होने पर क्या टेस्ट कराया जाता है। यह एक  शुरुआती टेस्ट है जिसके द्वारा कई बीमारियों के संकेत दिखाई देते हैं अतः अपने जानकारी के मुताबिक जो की बीमारियां खून टेस्ट के द्वारा पता लगाया जा सकता है उनके कुछ लिस्ट में आप लोगों को बता रहा हूं खून टेस्ट के द्वारा पता लगाया जा सकता है उनके कुछ लिस्ट में आप लोगों को बता रहा हूं।
मलेरिया malaria
डेंगू dengu
चिकनगुनिया chikungunya
करोना Corona
शुगर sugar
ब्लड कैंसर blood cancer
टाइफाइड typhoid
बुखार figure
खून के थक्के khoon ke thakke 
Kidney fail hona

निष्कर्ष conclusion

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के पश्चात क्या निष्कर्ष निकलता है कि सीबीसी टेस्ट 1 नॉर्मल खून टेस्ट है जो लगभग नॉर्मल बीमारियों में क्या जाता है। सी बी सी का पूरा नाम कंपलीट ब्लड काउंट है अर्थात हिंदी में इसे पूर्ण रक्त गणना कहा जाता है। मैंने आपको कुछ नॉर्मल बीमारियों के नाम दिए हैं जिन बीमारियों का सीबीसी टेस्ट के द्वारा पता लगाया जा सकता है। अतः इन बीमारियों के कुछ लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर सीबीसी टेस्ट कराने के लिए बोलते हैं। इसकी एक नॉर्मल की कीमत है जो लगभग भारत में प्रत्येक जगह 300 से ₹600 के बीच है।
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यह पोस्ट हमने अपने एक्सपीरियंस और पढ़ी हुई ज्ञान के आधार पर लिखा है अतः इस पोस्ट में दी गई दवाओं तथा टेस्ट का एक आशय सिर्फ सार्वजनिक जरूरी है। पता मैं किसी को भी इसके इस्तेमाल की सलाह नहीं देता हूं। इंटरनेट पर दी गई दवाओं और जांच कराने से पहले डॉक्टर की सलाह देना अत्यंत आवश्यक है। अन्यथा इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। और इस परिणाम के जिम्मेदार सिर्फ आप होंगे हमारी इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

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