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Kriya ki paribhasha. क्रिया की परिभाषा भेद और उदाहरण। rstbox

 Kriya ki paribhasha. क्रिया की परिभाषा भेद व उदाहरण। rstbox.

नमस्कार दोस्तों, हमारे वेबसाइट पर आप लोगों का बहुत-बहुत स्वागत है। आज का पोस्ट हिंदी व्याकरण एक प्रश्न जो क्रिया से लिया गया है। हिंदी व्याकरण में “क्रिया” एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जिनके बारे में जानना बहुत ही आवश्यक है। क्रिया को अंग्रेजी में verb भी कहते हैं। अतः आज की पोस्ट में क्रिया से जुड़ी हुई अनेक प्रश्न जैसे क्रिया की परिभाषा क्या होती है? क्रिया के कितने भेद होते हैं? क्रिया के उदाहरण कौन-कौन से हैं। इस प्रकार से अनेक प्रश्नों के उत्तर आपको इस पोस्ट में मिल जाएंगे। आता बिल्कुल भी ßkip ना हुए हमारे पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और क्रिया के प्रत्येक अंगों के बारे में स्पष्ट रूप से समझें। यह पोस्ट पढ़ने के पश्चात आपको बहुत ही सरल तरीके से यह समझ में आ जाएगा कि इस वाक्य में कौन सी क्रिया है। जिसके द्वारा हिंदी के किसी भी वाक्य को पहचानना बहुत ही आसान हो जाएगा। वैसे तो क्रिया हिंदी व्याकरण का बहुत ही कठिन विषय है। परंतु यदि मस्तिष्क पर थोड़ा सा जोर दिया जाए तो इसे समझना बहुत ही आसान हो जाता है। हिंदुस्तान में कहा जाता है कि सबसे कठिन विषय अंग्रेजी है बल्कि मैं तो यह मानता हूं कि अगर पूर्ण रूप से हिंदी को समझने की बात की जाए तो हिंदुस्तान में लगभग 20% लोग ही हिंदी को भलीभांति समझते होंगे बाकी 80% लोग को सिर्फ हिंदी बोलना आता है। स्पष्ट रुप से समझना बिल्कुल भी नहीं आता है।

क्रिया की परिभाषा definition of verb

“शब्दों का ऐसा समूह जिनके द्वारा किसी कार्य के होने यह करने का बोध होता है क्रिया कहलाते हैं”। हिंदी व्याकरण में क्रिया एक महत्वपूर्ण शब्द है जिसके बिना वाक्य का पूरा होना नामुमकिन है। क्रिया शब्दद की उत्पत्ति धातु से होती है। यह वचन, कॉल, संज्ञा ,सर्वनाम के आधार पर इनके रूप बदले भी जा सकते हैं। क्रिया के कुछ उदाहरण-
पढ़ना, लिखना, बोलना, दौड़ना, भागना नाचना, रोना, रोना, जागना, भोकना, खाना पीना, जाना ,लहराना, समेटना इत्यादि शब्द क्रिया कहलाते हैं।
उपयुक्त उदाहरण में आप देख सकते हैं कि प्रत्येक शब्द में “ना” शब्द का उपयोग किया गया है अर्थात इन सभी शब्दों में “ना” धातु की प्रयोग की गई है अतः पढ़ना और लिखना शब्द में पढ़ और लिख क्रिया कहलायेगा तथा इनमें “ना” धातु की प्रयोग के पश्चात यह पढ़ना और लिखना बन जाता है।

क्रिया की पहचान कैसे करें?

किसी भी वाक्य में क्रिया की पहचान करना बहुत ही आसान होता है। क्योंकि उपर्युक्त परिभाषा में आपने पढ़ा है कि ऐसे शब्द जिनके द्वारा किसी कार्य के होने का बोध होता है वह क्रिया कहलाते हैं उसी आधार पर आपको उदाहरण भी बताए गए हैं अतः वाक्यों में किया को कैसे पहचाने इसके उदाहरण निम्नलिखित हैं।
सोहन गा रहा है।
राकेश खा रहा है।
नंदिनी नाच रही है।
भैंस खा रही है।
उपयुक्त वाक्यों में आप देख सकते हैं कि गा रहा है, खा रहा है, नाच रही है इत्यादि शब्द समूह क्रिया कहलाते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि क्रिया सिर्फ गा,खा और नाच की कहलाता है। परंतु रहा है, रही है इत्यादि शब्द क्या कहलाते हैं। आता हम नीचे क्रिया के भेद के बारे में बात करेंगे जिसके द्वारा आप को पूर्ण रूप से समझ में आ जाएगा कि इसे क्या कहते हैं।

क्रिया के प्रकार types of verb

क्रिया के प्रकार को अच्छी तरह से समझने के लिए इसे तीन भागों में विभक्त किया गया है। आता इन तीनों के आधार पर अलग-अलग रूप में क्रिया दिखाई देने को मिलती है अतः आइए जानते हुए तीनों आधार कौन-कौन से हैं।
1-कर्म के आधार पर क्रिया के भेद
  • सकर्मक क्रिया Transitive verb
  • अकर्मक क्रियाIntransitive verb
2-रचना के आधार पर क्रिया के भेद
  • सामान्य क्रिया general varb
  • सहायक क्रिया helping verb
  • संयुक्त क्रिया compound verb
  • प्रेरणार्थक क्रिया motivational verb
  • पूर्वकालिक क्रिया antecedent verb
  • सजातीय क्रिया homogeneous verb
3-काल के आधार पर क्रिया के भेद
  • भूतकालिक क्रिया past tense verb
  • वर्तमानकालिक क्रिया present tense verb
  • भविष्य कलिक क्रिया future verb

1-कर्म के आधार पर क्रिया के भेद

सकर्मक क्रिया किसे कहते हैं what is the transitive verb

सकर्मक शब्द का अर्थ होता है “कर्म के साथ” अर्थात ऐसी क्रिया जो कर्म के बिना संभव नहीं है या ऐसी क्रिया जिसका असर करता के बजाय कर्म पर पड़ता है ऐसी क्रिया सकर्मक क्रिया कहलाती है। अर्थात ऐसे वाक्य जिन में बिना कर्म के द्वारा क्रिया का पूर्ण भाव प्रकट नहीं होता है वह सकर्मक क्रिया कहलाते हैं।सकर्मक क्रिया के उदाहरण-
  • राम स्कूल जा रहा है।
  • दिनेश किताब पढ़ रहा है।
  • राजू रसगुल्ले खा रहा है।
  • नंदिनी भोजन पका रही है।
उपरोक्त वाक्य में आप देख सकते हैं कि प्रत्येक वाक्य में क्रिया के साथ कर्म जुड़ा हुआ है।यदि इन वाक्यों में से कर्म को हटा दिया जाता है तो वाक्य अधूरा हो जाता है और पूर्ण भाव प्रकट नहीं होता है। प्रथम वाक्य में राम स्कूल जा रहा है। अतः इस वाक्य में क्रिया पूर्ण रूप से कर्म के ऊपर निर्भर है ऐसे वाक्य सकर्मक क्रिया कहलाते हैं। सकर्मक क्रिया के दो भेद होते हैं।

1-पूर्ण सकर्मक क्रिया perfect transitive verb

ऐसे वाक्य जिनमें क्रिया के साथ कर्म तथा उसके साथ एक पूरक शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।वे पूर्ण सकार्मक क्रिया कहलाते है। पूर्ण सकर्मक क्रिया के उदाहरण-
  • राकेश ने गाना गाया।
  • राम ने एक प्रतिबिंब देखा।
  • दिनेश को डेंगू हुआ है।
 उपयुक्त वाक्कयो ने आप यह भली भांति देख सकते हैं कि एक वाक्य में एक पूरक शब्द का इस्तेमाल किया गया है। यदि उस शब्द को हटा दिया जाए तो वह शब्द अधूरा माना जाता है। उदाहरण के लिए राकेश ने गाना गाया। यदि इस वाक्य में ने शब्द हटा दिया जाए तो राकेश गाना गाया। एक अधूरा शब्द बन जाता है।
पूर्ण सकर्मक क्रिया के 2 अंग होते हैं।
1-एककर्मक क्रिया Ek Karmak kriya यदि किसी वाक्य में सिर्फ एक कर्म का प्रयोग किया जाता है तो वह एक कर्मक क्रिया कहलाता है। ऐसे जैसे-राकेश ने गाना गाया।
इस vakya में आप देख सकते हैं किसिर्फ एक ही कर्म का प्रयोग किया गया है और उसके साथ एक पूरक शब्द का भी प्रयोग किया गया है इसलिए इसमें एक कर्म क्रिया होती है।
2-द्विकर्मक क्रिया dwikarmak kriya ऐसे वाक्य जिनमें क्रिया कर्ता के साथ-साथ एक पूरक शब्द का इस्तेमाल हो तथा दो कर्म hon उन्हें द्विकर्मक क्रिया कहा जाता है। द्विकर्मक क्रिया के उदाहरण-राकेश ने बाजार से कपड़े खरीदे।
उपयुक्त वाक्य में आप देख सकते हैं कि बाजार और कपड़े दो कर्म का उपयोग हुआ है अतः इस तरह के वाक्य द्विकर्मक क्रिया कहलाते हैं।

2-अपूर्ण सकर्मक क्रिया Apoorn sakarmak kriya

ऐसे वाक्य जो बिना किसी पूरक शब्द का इस्तेमाल किए हुए उनका भाव पूर्ण रूप से पता लग जाता है अपूर्ण सकर्मक क्रिया कहलाते हैं। अपूर्ण सकर्मक क्रिया के उदाहरण-
  • नंदिनी दिनेश को चाहती है।
  • वह अपने आप को बहुत बड़ा डॉन समझता है
उपयुक्त वाक्य में आप देख सकते हैं कि कर्ता के बाद किसी भी पूरक शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है फिर भी यह वाक्य का भाव पूर्ण रूप से समझ में आ रहा है आता है इसमें अपूर्ण सकर्मक क्रिया होती है।

2-अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं akarmak kriya kise kahate Hain

अकर्मक शब्द का उत्पत्ति दो शब्दों को मिलाकर हुआ है प्रथम शब्द है इसका अर्थ होता है बिना। तथा दूसरा शब्द है कर्मक जिसका अर्थ होता है कर्म। अर्थात संपूर्ण अर्थ इसका यह है कि बिना कर्म के। अर्थात ऐसे वाक्य जिनमें क्रिया का सीधा असर कर्ता पर पड़ता है। वह अकर्मक क्रिया कहलाते हैं। अकर्मक क्रिया में या तो कर्म का लोप रहता है या फिर कर्म का कोई महत्व नहीं होता है। अकर्मक क्रिया के उदाहरण-
  • सुरेश पढ़ रहा है।
  • नंदिनी नाच रही है।
  • कविता दौड़ रही है।
  • चांद निकल आया।
इस प्रकार के वाक्यों में कर्म का पूर्णतया लोप है।
अतः इस तरह के वाक्य में अकर्मक क्रिया होता है।
2-रचना के आधार पर क्रिया के भेद

1-सामान्य क्रिया genral verb किसे कहते हैं(samanya kriya kise kahate Hain)

ऐसे वाक्य जिनमें एक समय पर सिर्फ एक ही क्रिया एक ही करता का प्रयोग किया जाता है वह सामान्य किया कहलाते हैं सामान्य क्रिया के उदाहरण-
  • मोहन खा रहा है।
  • कविता पढ़ रही है।
  • सुरेश खेल रहा है।
उपयुक्त उदाहरण में आप देख सकते हैं कि इन वाक्यों में सिर्फ एक करता और एक ही क्रिया का इस्तेमाल किया गया है इस प्रकार के वाक्यों में सामान्य किया का इस्तेमाल किया जाता है।

2-सहायक क्रिया helping verb किसे कहते हैं(sahayak kriya kise kahate Hain)

ऐसे शब्द जिनके द्वारा मुख्य क्रिया को सहायता प्रदान की जाती है सहायक क्रिया कहलाते हैं।
सहायक क्रिया के उदाहरण-
  • मोहन खाना खा रहा है।
  • श्याम स्कूल जाता है।
  • राम स्कूल गया था।
उपयुक्त वाक्यों में आप देख सकते हैं कि मुख्य क्रिया खा रहा जाता और गया है। परंतु उसे पूर्ण रूप से स्पष्ट करने के लिए अंत में है और था लगाया गया है अतः इन शब्दों को ही सहायक क्रिया कहा जाता है।

3-संयुक्त क्रिया किसे कहते हैं (sanyukt kriya kise kahate Hain)

ऐसे वाक्य जिनमें दो क्रियाओं के द्वारा वाक्य का भाव स्पष्ट होता हो। संयुक्त क्रिया कहलाते हैं। संयुक्त क्रिया के उदाहरण-
  • राम ने गाना गा लिया है।
  • मोहन ने पढ़ाई कर ली है।
उपयुक्त वाक्यों में आप देख सकते हैं कि दो क्रियाओं का उपयोग किया गया है प्रथम वाक्य में गा और लिया दो क्रियाएं हैं। दूसरे वाक्य में पढ़ाई और कर ली दो क्रियाएं दिखाई देती हैं अतः इस प्रकार के वाक्य में संयुक्त क्रिया कहलाती हैं

4-प्रेरणार्थक क्रिया किसे कहते हैं Prernarthak kriya kise kahate Hain

ऐसे वाक्य जिनमें करता स्वयं कोई कार्य न करते हुए किसी अन्य व्यक्ति से कार्य को कराता है उनमें प्रेरणार्थक क्रिया का इस्तेमाल किया जाता है। प्रेरणार्थक क्रिया के उदाहरण-लिखवाना, पढ़वाना, पकड़वाना, बंधवाना, चढ़ावाना इत्यादि तमाम ऐसे शब्द है जो प्रेरणार्थक क्रिया कहलाते हैं। प्रेरणार्थक क्रिया के कुछ उदाहरण-
  • अपनी पत्नी से कपड़े धुलवाता है।
  • राकेश अपने दोस्त से फोन करवाता है।
उपरोक्त वाक्य से यह स्पष्ट हो जाता है कि करता किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा अपने कार्य को करवाता है।

5-पूर्वकालिक क्रिया किसे कहते हैं purvKaliK kriya kise kahate Hain

ऐसे वाक्य जिनमें दो क्रियाएं का इस्तेमाल किया गया हो। तथा प्रथम क्रिया पहले ही समाप्त होने का बोध होता है और दूसरी क्रिया वर्तमान में हो रही होती है इस प्रकार के वाक्य पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं। पूर्वकालिक क्रिया के उदाहरण-
  • राकेश खाना खाकर सो गया।
  • धर्मेंद्र पढ़कर सीख रहा है।
  • मोहन खाना खाकर स्कूल गया।
उपयुक्त वाक्य में आप देख सकते हैं कि प्रथम क्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है। और द्वितीय क्रिया वर्तमान में हो रही है।

6-सजातीय क्रिया किसे कहते हैं(sajatiya kriya kise kahate Hain)

प्रत्येक क्रिया किसी ना किसी धातु से मिलकर बना हुआ होता है आपने इस पोस्ट में यह पढ़ चुके हैं। अतः जब किसी वाक्य में दो क्रियाएं होती हैं। तथा दोनों क्रियाएं एक ही धातु से बनी हुई होती हैं तो उसे सजातीय क्रिया कहते हैं। सजातीय क्रिया के उदाहरण-
  • तुम कौन सी पढ़ाई पढ़ते हो।
  • यह कौन सी लिखाई लिख रहे हो।
  • भारत पाकिस्तान से लड़ाई लड़ रहा है।
उपरोक्त वाक्य में आप देख सकते हैं कि पढ़ाई पढ़ते लिखाई ,लिख इन सभी वाक्यों में दो क्रिया का प्रयोग किया गया है तथा दोनों क्रिया एक ही धातुु से बने हुए हैं पढ़ाई का पा धातु और पढ़ का भी पा धातु है। तरह की क्रिया को सजातीय क्रिया कहा जाता है।

3-काल के आधार पर क्रिया के भेद

1-भूतकालीक क्रिया (past tense verb)

ऐसी वाक्य की जिनमें कोई कार्य बहुत पहले समाप्त हो चुका है उस में प्रयोग किए जाने वाले क्रिया को भूत काली क्रिया कहा जाता है। भूत कालिक क्रिया के उदाहरण-
  • राकेश ने किताब पढ़ ली थी।
  • वह तो बहुत पहले चला गया था।
  • नवीन कल खाना खाया था।
उपयुक्त वाक्यों नहीं आप देख सकते हैं कि इसमें कार्य भूतकाल में समाप्त होने का बोध होता है। अतः इन वाक्यों में भूत का लिखिया का प्रयोग किया जाता है।

2-वर्तमान कालीक क्रिया present tense verb

ऐसे वाक्य दिन में कोई कार्य वर्तमान में जारी रहने का बोध होता है। उन वाक्य में वर्तमान कालिक क्रिया का प्रयोग किया जाता है। समान कालिक क्रिया के उदाहरण-
  • मोहन खाना खाता है।
  • दिनेश कपड़ा धोता है।
  • सुरेश कपड़ा पहन रहा है।
उपरोक्त वाक्य में आप देख सकते हैं कि इन वाक्यों के द्वारा कार्य वर्तमान में होने का बोध होता है अतः इन में खाता, धोता, पहन रहा इत्यादि प्रकार की क्रिया का उपयोग किया जाता है।

3-भविष्य कालिक क्रिया (future tense verb)

ऐसे वाक्य जिनमें कोई कार्य भविष्य में होने का बोध होता है उन्हें भविष्य कालिक क्रिया कहते हैं। भविष्य कालिक क्रिया के उदाहरण-
  • किसान खेत जोतेगा
  • दिनेश आम खाएगा।
  • वह अपना काम समाप्त कर लेगा।
उपयुक्त वाक्य में यह स्पष्ट होता है कि कार्य अभी हुआ नहीं है बल्कि भविष्य में होने वाला है अतः इसमें जोतेगा ,खाएगा, समाप्त करेगा इत्यादि प्रकार के तीनों का उपयोग किया जाता है। इन क्रियाओं से यह स्पष्ट होता है कि यह कार्य अभी तक हुआ नहीं है।
Disclaimer
यह पोस्ट लिखने का मुख्य आशय विद्यार्थियों के ज्ञान शक्ति को बढ़ाना है। हो सकता है इस पोस्ट में हमसे कोई त्रुटि हो गई हो अतः यदि इस पोस्ट में कोई त्रुटि दिखाई देती है तो प्लीज मुझे माफ करें। और हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि किस स्थान पर त्रुटि हुई है। अतः मैं अपनी गलतियां सुधारने का प्रयत्न करूंगा धन्यवाद।

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