Study

sansadhan kise kahate hain संसाधन किसे कहते हैं इन हिंदी।

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप लोग हमारे वेबसाइट पर आप लोगों का बहुत-बहुत स्वागत है। आज की पोस्ट में हम संसाधन के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे जो कि विद्यार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है।क्योंकि यह अधिकतर ixam में आने वाला प्रश्न है।अतः आज आज का पोस्ट आप लोगों के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।आज के पोस्ट में आप लोगो को अनेक प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे जैसे- संसाधन किसे कहते है?संसाधन के कितने प्रकार होते है?संसाधन की क्या क्या विसेस्ताए होती है?हमारे जीवन में संसाधनों का कितना महत्व होता है?आज के इस पोस्ट में आप लोगो को अनेक महत्वपूर्ण प्रश्नों की सटीक जानकारी पाने के लिए हमारे पोस्ट को पूरा पढ़े।

sansadhan kise kahate hain संसाधन किसे कहते हैं इन हिंदी।

संसाधन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य अपनी आश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसी वस्तु का उपयोग करता है।अर्थात सरल शब्दों में यह कहा जा सकता है की जिन वस्तुओं के द्वारा मनुष्य अपनी अभीस्ट आवश्यकता की पूर्ति करता है वे सभी वस्तुएं संसाधन कहलाते है। हमारे समाज में तमाम ऐसी प्रकृति प्रदत्त वस्तुएं हैं जो मनुष्य की अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं जैसे जल, वायु, मिट्टी, पेड़ पौधे इत्यादि प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं क्योंकि यह प्रकृति के द्वारा मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दिए गए हैं कुछ ऐसी वस्तु यह भी है जो मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए स्वयं निर्माण करता है उसे मानव निर्मित संसाधन कहा जाता है यह मानवीय कृत्य संसाधन कहा जाता है जैसे गाड़ी, मोबाइल, कपड़े, घर ,टीवी, ट्रेन ,हवाई जहाज इत्यादि मानव द्वारा बनाए गए संसाधन हैं जो मनुष्य जीवन को अत्यधिक सरल और आसान बनाते हैं अतः इन्हें मानव निर्मित वस्तुएं कहा जाता है। हमारे समाज में तमाम ऐसे बसते हैं जो प्रकृति द्वारा प्रदत्त की गई हैं अतः जो मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सक्षम है उन्हीं वस्तुओं को संसाधन कहा जाता है यदि कोई वस्तु मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सक्षम नहीं है तो उसे संसाधन नहीं कहा जा सकता है।

संसाधन की परिभाषा resource definition

प्रकृति के द्वारा दी गई ऐसी अनेक वस्तुएं जिनके द्वारा मनुष्य अपने अभीष्ट आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हो पाता है उन्हें संसाधन कहा जाता है। सरल शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि इस संसार में जो कुछ जो कुछ वस्तुएं दिखाई देती हैं उनमें मनुष्य जिन वस्तुओं के द्वारा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है या अपनी जरूरतों को पूरी करने के उन वस्तुओं को इस्तेमाल करता है उन्हें संसाधन कहा जाता है। परंतु इस संसार में अनेक ऐसी प्रकृति प्रदत्त बसते हैं जिनका इस्तेमाल मनुष्य नहीं करता है अतः वे प्रकृति प्रदत वस्तु या नहीं कहलाती हैं।

संसाधन के प्रकार Resource Type

इस संसार में तमाम ऐसी वस्तुएं हैं जिनका उपयोग मनुष्य अपने जीवन में करता है तथा अपने जीवन को आसान सुरक्षित और सरल बनाता है अतः इसे आसानी से समझने के लिए इसके प्रकार को जानना आवश्यक है संसाधन किसी भी वस्तु या सामग्री को कहा जाता है जो मनुष्य के किसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए सक्षम होते हैं क्योंकि मनुष्य ने आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक अनेक प्रकार के ऐसे संसाधनों का निर्माण किया है जिससे मनुष्य जीवन अत्यंत सरल और सुरक्षित हुआ है। अतः उन सभी संसाधनों को मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त किया गया है।
  • प्रकृति प्रदत्त संसाधन natural resources
  • मानव निर्मित संसाधन man made resources

1-प्रकृति प्रदत्त संसाधन natural resources

इस संसार में अनेक ऐसी वस्तुएं हैं जो प्रकृति के द्वारा दी गई हैं। परंतु उन सभी वस्तुओं में जो वस्तुएं मनुष्य के उपयोग में आती हैं या मनुष्य अपने जीवन में अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिन प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करता है उसे प्रकृति प्रदत्त संसाधन कहा जाता है। प्रकृति प्रदत्त संसाधनों के कुछ उदाहरण निम्नलिखित है।
1-वायु हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है अतः जीवन जीने के लिए प्रकृति के द्वारा दी गई वायु के आधार पर हमारा जीवन होता है यदि हमें वायु में उपस्थित ऑक्सीजन ना मिले तो हमारा जीवन संभव नहीं हो पाता है अतः प्रकृति के द्वारा दी गई वायु एक प्राकृतिक संसाधन कहलाता है।
2-जल-आप अच्छी तरह समझ सकते हैं कि जल की हमारे जीवन में कितनी ज्यादा आवश्यकता होती है अर्थात जल सिर्फ मनुष्य के लिए ही नहीं बल्कि जीव-जंतु पेड़-पौधे के लिए भी अत्यंत आवश्यक होता है अतः जल प्रकृति के द्वारा दी गई एक अमूल्य उपहार है।
3-भूमि प्रकृति के द्वारा मानव जीवन के उपयोग में आने वाली वस्तुओं में भूमि का एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि भूमि पर चलते फिरते उठते बैठते तथा फसल उगाते हैं जो हमारे जीवन यापन के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण सामग्री होती है अतः भूमि प्राकृतिक संसाधन में एक महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है।
4-खनिज मनुष्य जीवन में खनिज की अत्यंत उपयोगिता होती है क्योंकि यह प्रकृति द्वारा प्रदत होती है जिसके उपयोग से मनुष्य अपनी अनेक आवश्यकता की पूर्ति करने में सक्षम हो पाता जैसे कोयला एक खनिज है जो मनुष्य नहीं बना सकता है यह प्रकृति के द्वारा निर्मित वस्तु है आता कोयला एक प्राकृतिक संसाधन है जो मनुष्य अपने कार्यों में इस्तेमाल करके अपने जीवन को सरल बनाता है। अतः तमाम ऐसे प्रकृति प्रदत सामग्री हैं जिनके द्वारा मनुष्य आपने अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है अतः उन सभी को प्राकृतिक संसाधन कहा जाता है। प्राकृतिक संसाधनों को दो भागों में विभक्त किया गया है।
  • जैविक संसाधन biological resource
  • अजैविक संसाधन abiotic resources

1-जैविक संसाधन biological resource

प्रकृति के द्वारा दी गई ऐसे संसाधन जिनमें जीव पाया जाता है या जिनमें सजीव ता होती है वह जैविक संसाधन कहलाते हैं जैविक संसाधन के उदाहरण-मछली, मुर्गा, मुर्गी के अंडे, गाय ,भैंस ,बैल, फसलें वनस्पतियां इत्यादि तमाम ऐसी सामग्री है जो सजीव होती हैं और मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जाती हैं अतः इन्हें जैविक संसाधन कहा जाता है।

2-अजैविक संसाधन abiotic resources

इस संसार में प्रकृति के द्वारा दी गई तमाम ऐसी वस्तुएं भी होती हैं जिनका उपयोग मनुष्य करता है अतः ऐसी वस्तुएं जिनमें प्राणी नहीं होते हैं या सजीव नहीं होते हैं निर्जीव होते हैं उन्हें अजैविक संसाधन कहा जाता है। अजैविक संसाधन के उदाहरण जल, वायु ,खनिज ,मिट्टी, पहाड़ नदियां, धातु इत्यादि पदार्थ प्रकृति द्वारा प्रदत की जाती है परंतु यह सभी वस्तुएं निर्जीव होती है अतः इन्हें अजैविक संसाधन कहा जाता है।

2-मानव निर्मित संसाधन man made resource

इस संसार में आपने देखा होगा तमाम ऐसे संसाधन होते हैं जिनका उपयोग मनुष्य करता है और वह मनुष्य द्वारा निर्मित होते हैं। अतः जिन वस्तुओं का निर्माण मनुष्य अपनी आवश्यकताओं के लिए अनेक प्रकार की फैक्ट्रियों और मशीनों के माध्यम से जिन वस्तुओं का निर्माण करता है उन्हें मानव निर्मित संसाधन कहा जाता है। आदिकाल से आधुनिक काल तक मनुष्य ने अपने जीवन को आसान और सरल बनाने के लिए तथा एक विकसित व्यक्ति बनाने के लिए अपने मस्तिष्क का इस्तेमाल करके अनेक प्रकार की वस्तुओं का निर्माण किया है जो मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं अतः उन्हें मानव निर्मित संसाधन कहा जाता है मानव निर्मित संसाधन के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं।
1-गाड़ियां मानव निर्मित संसाधन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है अपने इतिहास में पढ़ा होगा कि आदिमानव ने सबसे पहले आग जलाना सीखा था उसके बाद उन्होंने पहिए का आविष्कार किया अता धीरे-धीरे उसी के द्वारा आधुनिक मनुष्य ऐसी ऐसी गाड़ियों का निर्माण करते हैं जिनके द्वारा बड़ी ही आसानी से बहुत दूर तक कम ही समय में पहुंचने में सक्षम हो पाते हैं।
2-मोबाइल हमारे आधुनिक जीवन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु मोबाइल है मोबाइल का उपयोग प्रत्येक व्यक्ति करता है मोबाइल के द्वारा हम देश विदेश तथा जहां भी जाते हैं वहां पर अपने संदेश को पहुंचा सकते हैं या कोई सूचना लेने के लिए बड़ी ही आसानी से घर बैठे ले सकते हैं अतः मोबाइल हमारे जीवन में सबसे बड़ी मानव निर्मित संसाधन होती है।
3-कंप्यूटर आधुनिक युग में कंप्यूटर सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यदि आपके पास एक छोटी सी दुकान भी है तो बिना कंप्यूटर के कोई कार्य संभव नहीं हो पाता है क्योंकि कंप्यूटर के द्वारा अनेक प्रकार की जानकारियां सुरक्षित रखी जाती है जो समय आने पर काफी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होती है। कंप्यूटर के आविष्कारक कारण अधिकतर कागज की खपत को कम किया गया है जिससे पेड़ों की कटाई मैं काफी कमी दिखाई देना को मिलती है अतः यह हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
4-सड़कें मनुष्य जीवन में जितनी भी ज्यादा आवश्यकता गाड़ियों की होती है उतनी ज्यादा आवश्यक सड़कें भी होती हैं क्योंकि गाड़ियां बिना सड़कों के चलना संभव नहीं है अतः सड़के हमारे जीवन के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है जिनका उपयोग मनुष्य जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक है।
इस प्रकार से तमाम ऐसी वस्तुएं हैं जिनका उपयोग मनुष्य अपने जीवन को सुरक्षित आसान और सरल बनाने के लिए उपयोग करता है अतः कुछ मानव निर्मित वस्तुएं के नाम निम्नलिखित है। ट्रेन हवाई, जहाज, कुर्सी, मेज,बेड,कपड़े,घड़ी,मकान, इत्यादि तमाम ऐसी मानव निर्मित वस्तुएं हैं जिनका उपयोग मनुष्य अपने अभीष्ट आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए करता है।

संसाधन की विशेषताएं Features of the resource

साधन की अपने आप में कुछ खासियत होती है जिसके माध्यम से हम और अच्छे ढंग से संसाधन को समझ सकते हैं अतः संसाधन की कुछ विशेषताएं निम्नलिखित है।
  • संसाधनों में मनुष्य की आवश्यकता ओं की पूर्ति करने की क्षमता पाई जाती है।
  • संसाधन प्रकृति के द्वारा प्रदत्त की गई वस्तुओं से होती है भले ही मनुष्य ने उसका रूप और आकार बदल दिया हो जैसे गाड़ियां लोहे की बनती है परंतु लोहा एक धातु है जो प्रकृति द्वारा प्रदत्त की हुई वस्तु है।
  • संसाधनों से जीवन सुगम तथा सरल हो जाता है।
  • संसाधनों का निर्माण कार्य जीवन पर्यंत चलता रहता है।
  • संसाधनों का उपयोग सिर्फ मानव जीवन के लिए है।
  • संसाधनों का विकास एक प्रसिद्धि तथा उन्नति का पूरक कहलाता है।
  • संसाधन मूर्त तथा अमूर्त दोनों रूपों में पाई जाती है।

मनुष्य जीवन में संसाधनों का महत्व Importance of resources in human life

आज के युग में आप भली-भांति सकते हैं कि संसाधनों का मनुष्य में कितनी ज्यादा आवश्यकता पड़ गई है। आदिकाल से लेकर मनुष्य आधुनिक काल तक अपने मस्तिष्क का उपयोग करके अपनी आवश्यकता अनुसार अनेक प्रकार के संसाधनों का निर्माण किया है जिससे वर्तमान युग में आप भली-भांति देख सकते हैं कि हमारे जीवन में संसाधनों की कितनी ज्यादा उपयोगिता बढ़ गई है यदि हमारे जीवन में संसाधनों का अभाव हो तो हम कोई कार्य करने में सक्षम नहीं हो पाते है। मनुष्य अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्राकृतिक सामग्री के उपयोग के द्वारा अनेक प्रकार के संसाधनों का निर्माण किया है जिनके द्वारा मनुष्य अपने कार्यों को सरल तथा प्रभावी बना रहा है। आपने देखा होगा कि जिन मनुष्य के पास या जिस देश में संसाधनों की पर्याप्त मात्रा में उचित व्यवस्था होती है वह देश या मनुष्य समृद्धि शाली देश माने जाते हैं। अतः इस प्रकार से संसाधनों की हमारे देश तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

संसाधन संरक्षण किसे कहते हैं sansadhan sanrakshan kise kahate Hain

संसाधन संरक्षण का अर्थ है कि संसाधनों का दुरुपयोग किए बिना उसका अपनी आवश्यकता अनुसार सदुपयोग करना। आपने देखा होगा आपने देखा होगा की कुछ मनुष्य ऐसे भी होते हैं जो संसाधनों का दुरुपयोग करते रहते हैं अतः यह दुरुपयोग हमें एक न एक दिन किसी बड़ी परेशानी में डाल देता है क्योंकि किसी भी संसाधन का लगातार दुरुपयोग करने पर उस संसाधन की कमी होने लग जाती है जिससे अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपने देखा कई स्थान पर गर्मियों के दिनों में पानी की समस्या होने लग जाती है पानी का अधिक उपयोग होने के कारण पानी अधिक गहराई में चला जाता है जिससे पीने के पानी की व्यवस्था दूसरे जगह से लाकर की जाती है। अतः संसाधनों का संरक्षण करना बहुत ही आवश्यक होता है इसलिए कोई भी संसाधन का उपयोग करते समय उसका मात्रा तथा समय के अनुसार ही उस संसाधन का उपयोग करना चाहिए।।

निष्कर्ष-conclution

संपूर्ण पोस्ट पढ़ने के पश्चात या निष्कर्ष निकलता है कि संसाधन एक ऐसी प्रकृति प्रदत्त वस्तु है जिनका उपयोग मनुष्य की आवश्यकता की पूर्ति के लिए परोक्ष रूप से तथा कुछ वस्तुओं का उपयोग प्रत्यक्ष रूप से ही करता है जिन्हें संसाधन कहा जाता। प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं के द्वारा मनुष्य अपनी जरूरतों के लिए अनेक प्रकार की गाड़ियां, मोबाइल, टीवी, घड़ी रेलगाड़ी, हवाई जहाज जैसे अनेक संसाधनों का निर्माण किया जिससे हमारा जीवन अत्यंत सुगम और सरल बन गया है। संसाधनों का पर्याप्त मात्रा में होना एक समृद्धशाली होने का प्रतीक माना जाता है। संसाधन इस संसार में विविध तथा भिन्न भिन्न प्रकार से पाई जाती है। क्योंकि प्रकृति द्वारा दी गई कुछ वस्तुएं कहीं पर अधिक होती है तो कहीं पर कम होती है इसलिए उनका संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक होता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button